Posted by: हरदीप कौर संधु | अक्टूबर 26, 2022

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भीकम सिंह 

1

दीया ज्यों बला 

खीसें निपोरकर 

अँधेरा चला।

2

तमक गया 

ओट पकड़कर

बुझता दीया।

3

दीपक– तले 

तम का षड्यंत्र 

रात में चले।

4

बढ़ा ज्यों तम

उचट गया दीवा 

छोड़ के धुआँ

5

अँधेरा आगे 

दिए की पगध्वनि 

सुन के भागे  ।

-0-

2-रश्मि विभा त्रिपाठी 

1

दीपों की टोली

सजा रही रंगोली

द्वारे दीप्ति की।

2

दीवाली बाद

साँस लेना मुहाल 

हवा बेहाल!

3

घर के संग 

दीवाली पे बेरंग 

हवा भी देखो!

4

धूल, धुएँ में 

आँखें मिर्च-सी जलें 

कितना मलें!

5

पटाखे फूटे 

बूढ़े औ बीमारों के

पसीने छूटे!

6

करो दीपित

प्रेम- दीप की ज्योति 

है असीमित!

7

दीप की रीत 

तिमिर पे विभा की 

तय है जीत!

8

आज उतारे

तूने धरा पे तारे

ओ दीप प्यारे!

9

मैंने जो पा ली

तेरी प्रीति, है रोज 

अब दीवाली!!

10

बहता जाता

रोशनी का दरिया

तू जो मुस्काता!

11

वो रूप दिखा

नीरवता में न्यारी- सी

जो दीपशिखा!

12

तेरी चाह में

दुआ के दीप बाले

मैंने राह में!!

-0-


Responses

  1. दीपावली के शुभ अवसर पर आदरणीय श्री भीकम सिंह सर एवं श्रीमती रश्मि विभा त्रिपाठी जी के सुंदर हाइकु सुंदर होने के साथ-2 निराले दृष्टिकोण से रचना के आयाम खोलते हैं. साधुवाद.

  2. आदरणीय भीकम सिंह जी के हमेशा की तरह बहुत ही सुंदर हाइकु।

    सुंदर सृजन की हार्दिक बधाई, शुभकामनाएँ।
    दीपोत्सव की हार्दिक बधाई।

    सादर

  3. हाइकु प्रकाशन के लिए आदरणीय सम्पादक द्वय का हार्दिक आभार।

    आदरणीय दिनेश पाण्डेय जी की टिप्पणी की आभारी हूँ।

    सादर

  4. भीकम सिंह जी के नवीन उपमा- उपमान वाले हाइकु सदा से सुन्दर । रश्मि विभा जी ने सुन्दर बिम्बों के हाइकु । दोनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ ।

  5. रचनात्मक एवं उत्कृष्ट श्रेणी के हाइकु।

  6. मेरे हाइकु प्रकाशित करने के लिए सम्पादक द्वय का हार्दिक धन्यवाद और टिप्पणी करने के लिए आप सभी का आभार ।

  7. उम्दा हाइकु के लिए आप दोनों को हार्दिक बधाई


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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