Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जून 25, 2022

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1- रश्मि विभा त्रिपाठी

1

नैनों से झरी 

सपनों की मंजरी

सुरभि भरी।

2

आँखों में बोए 

तेरी यादों के बीज 

स्वप्न सँजोए!!

3

बड़ी उम्दा है

ख्वाबों की तरकीब 

छूटे करीब!!

4

स्वप्न में गाँव 

सर पे हाथ फेरे

लगूँ मैं पाँव।

5

है सपनों में

गाँव, पिकी की कूक

मन में हूक।

6

नींद में दिखें

गाँव, खेत, पीपल 

नैना सजल।

7

दूर बसेरा

पर तुम्हारा डेरा

सपना मेरा!

8

आँखों में बसी

तू छोड़के अलका 

नेह छलका!! *

9

नींद में आती

दे थपकी तू गाती

ख्वाबों की लोरी।

10

साथ तो छूटा!

ख्वाबों में गले मिले

क्रम न टूटा।

11

देवी- सी तुम

सपने में जो आतीं

प्राण जिलातीं।

-0-

*( स्व . सहोदरा सरस्वती को समर्पित )

-0-

 2-विभा  रश्मि 

1

बरखा बूँदें, 

छलक गई झील

लबालब हो ।

2

नीर प्रवाह 

सहृदया थी झील 

सदा तरला ।

3

आकाश झाँका

दर्पण – झील डूबा 

स्वयं को आँका  ।

4

चाँदनी निशा

झील झिलझिलती

लिखती पाती ।

5

झील प्रिया ने

लहरों  की नाव में  

ओढ़ी  चूँदरी  ।

6

खग तैरते

नीर को उलीच के

पंख भिगोते ।

7

शिकारे वाला

दिनभर चलाता

किस्मत – चप्पू  ।

8

फूल- सी प्रिया

झील का दिल सच्चा

देख मुस्काई  ।

-0-

3-कपिल कुमार

1

तिमिर दौड़ा 

उषा ने ज्यों लगाया

धोबीपछाड़। 

2

दीप लगाता

तम को अखाड़े में

बगलडूब। 

3

जुगनू मारे

ज्यों कलाजंग दाव

तमस चित्त। 

4

उषा ज्यों आई

तम ने भोर में ही

मुँह की खाई। 

5

भोर ने किया

तम को चेकमेट

उषा की चाल। 

6

उषा ज्यों आई

हुआ तम बेचारा

नौ-दो ग्यारह। 

7

दीप के नीचे

ज्यों आस्तीन का साँप

बैठा है तम।

8

उषा-तमाचा

भोर में तम ढूँढे

ठोर-ठिकाना।

9

भोर की बेला

पहाड़ों से निकला

रवि अकेला। 

10

भोर में रवि

खराब कर देता

तम की छवि। 

11

उषा-उजास

तम के लिए बने

गले की फाँस। 

-0-

चेकमेट:- (शतरंज में) शहमात; ऐसी स्थिति जिसमें विपक्षी अपने बादशाह को बचा न सके और हार हो जाए। 

-0-

 

 


Responses

  1. आदरणीया विभा रश्मि जी एवं कपिल कुमार जी को सुंदर सृजन की हार्दिक बधाई।

    सादर

  2. मेरे हाइकु प्रकाशित करने हेतु आदरणीय सम्पादक द्वय का हार्दिक आभार।

    सादर

  3. बहुत खूबसूरत हाइकु रचने के लिए तीनों हाइकुकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  4. हम सभी के हाइकु प्रकाशित करने हेतु आदरणीय सम्पादक द्वय का हार्दिक आभार।
    रश्मि विभा त्रिपाठी एवं विभा रश्मि जी को हार्दिक बधाई।

  5. अति सुंदर सृजन।रश्मि जी, विभा जिऐर कपिल जी को बधाई।

  6. वाह ! एक से बढ़कर एक हाइकु
    रश्मि जी , विभा जी एवं कपिल जी को बधाई

  7. रश्मि विभा त्रिपाठी जी ,कपिल कुमार जी सुन्दर हाइकु अभिव्यक्ति के लिये हार्दिक बधाई लें ।

  8. मेरे हाइकुओं को स्थान देने के लिये संपादक द्वय का दिली आभार ।
    मेरे हाइकुओं को पसंद करने के लिए रश्मि विभा त्रिपाठी जी ,भीकम सिंह जी ,कपिल जी ,प्रीति अग्रवाल जी , पूर्वा शर्मा का हृदय से शुक्रिया।

  9. सुंदर सृजन के लिए तीनों हाइकुकारों को हार्दिक बधाई।

  10. बहुत सुन्दर-सुन्दर हाइकुओं के लिए रश्मि जी, विभा जी और कपिल जी को हार्दिक बधाई।

  11. अच्छे हाइकु सृजन के लिए आप तीनों की लेखनी को नमन-बधाई।

  12. अच्छे हाइकु के लिए आप सभी को मेरी बधाई


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