Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जनवरी 25, 2022

2232-अम्बर बाँचे पाती, हाइकु


1-नीचे दिए गए लिंक से अम्बर बाँचे पाती डाउनलोड कर सकते हैं-

1-डॉ.सुरंगमा यादव

1

SURANGAM YADAVमना रहा है

हर मन उत्सव

मिला विधान।

2

रचता देश

उन्नति के आयाम

नित नूतन।

3

देश का स्वप्न

आत्मनिर्भर बने

हरेक जन।

4

पिया गरल

आजादी का अमृत

दे गये हमें।

5

आपदा काल

देश हमारा बना

विश्व-नायक।

6

गूँजता गान

आह्लादित है मन

देश महान।

7

हवा भी डरे

सियाचिन जाने से,

जवान डटे।

-0-

2-डॉ.भीकम सिंह

1

फसलें खड़ीं

अनगढ़ खेतों में

ज्यों सूखी-छड़ी।

2

श्रम से बनी

खाली पड़ी खाटों की

रस्सियाँ तनी।

3

बाहर आके

आँचल ढका गाँव

चुगली फाँके।

4

लजीली क्यारी

ओलों से फटे अंग

देख के दंग।

5

स्त्री में ही झाँकें

कृतज्ञता की नमी

गाँव की आँखें।

6

मिट्टी पर गाँव

पालथी मारे बैठा

लगाए सुट्टा।

7

हवा के झोंके

लहराते खेतों से

ज्यों बतियाते।

8

कुर्क अमीन

मखौल उड़ाता-सा

देखे जम़ीन।

9

खेतों के ढेले

चकनाचूर हुए

सपने दृढ़।

10

खेतों की शक्ल

होने लगी कुरूप

बढ़ी ज्यों अक्ल।

-0-

3-रमेश कुमार सोनी

1

वक्त-चौधरी

लॉट साब के यहाँ

गुलामी करे।

2

शहरी फ्लैट

दिल भी बौना रखे

बोन्साई लोग।

3

पराया गाँव

शहर तेरा नाम

मैं उल्टे लौटा।

4

वक्त न आया

वक्त पर कभी मेरे

मिला-चुप था।

5

सामाँ बेचने

जेब पढ़े बाज़ार

छूट-कर्ज़ भी।

6

जुगनू हारा?

अँधेरे का भरम!

सुस्ताने बैठा।

7

झूठ का मेला

सच, बचाके लौटा

‘एंटीक पीस’।

8

लुभाती उड़े

अफवाहों की फौज

दावाग्नि ताके।

9

मायूस लौटे

बंजर से क्या लूट?

मेघ, गाँव से।

10

जिद ना इच्छा

बच्चा सयाना हुआ

भूखी कुटिया।

11

हँसा कब था?

हँसी कैसी होती है?

भूखे ने पूछा।

12

उम्र बीती है

हमीं से हमीं मिले

हमीं रोकते!

13

दुःख पहाड़

मेघों के आँसू झरे

बाढ़ रुलाती।

14

वक्त का टेप

कहाँ, किसे छोड़ता?

जिंदगी नापे।

15

चूड़ी, पायल

गूँगी हुई चंचला

ड्योढ़ी बरजे।

16

खुशी बेचके

दुःखी लौटे हैं लोग

मेला उजड़ा।

17

दरारें बो

आँगन खोदकर

रिश्ते-बबूल।

18

घर ले जातीं

बेटी जो विदा होतीं

मकान बाकी।

19

सुखों ने पाला

आँसू-मीठे न हु

खुशी भी हारी।

-0-

रमेश कुमार सोनी,कबीर नगर-रायपुर, छत्तीसगढ़-492099

7049355476 / 9424220209


Responses

  1. आहा!!! अत्यंत भावपूर्ण रचनाएँ…सार्थक अभिव्यक्ति 🌹🌹🙏🙏बधाई mam 💐🙏🌹

  2. अशेष बधाई आद. रमेश जी एवं आद. भीकम जी 💐💐💐💐🙏🙏🙏बहुत सुंदर एवं सार्थक सृजन…. सदैव आपकी लेखनी चमत्कृत करतीं रहें…. 🙏🙏💐💐💐💐

  3. सभी हाइकु बहुत सुन्दर ।

    आदरणीया डॉ सुरंगमा जी, भीकम सिंह जी और रमेश कुमार सोनी जी को हार्दिक बधाई।
    आदरणीया कृष्णा दीदी को अम्बर बाँचे पाती के लिए अनंत शुभकामनाएँ।

    सादर🙏

  4. बहुत सुंदर हाइकु सुरँगमा जी एवं रमेश जी

  5. हवा भी डरे
    सियाचिन जाने से,
    जवान डटे।

    लजीली क्यारी
    ओलों से फटे अंग
    देख के दंग।
    डॉ सुरंगमा जी एवं डॉ भीकम जी को हार्दिक बधाई, सभी हाइकु अच्छे हैं।
    इसके साथ मुझे स्थान देने के लिए धन्यवाद जी।

  6. हवा भी डरे
    सियाचिन जाने से,
    जवान डटे। सभी हाइकु बहुत सुंदर हैं।

    फसलें खड़ीं
    अनगढ़ खेतों में
    ज्यों सूखी-छड़ी। गाँव की पृष्ठभूमि पर लिखे सभी हाइकु सुंदर। सजीव चित्रण

    शहरी फ्लैट
    दिल भी बौना रखे
    बोन्साई लोग। मर्मस्पर्शी,भावपूर्ण हाइकु।
    डॉ सुरंगमा जी, डॉ भीकम सिंह जी, रमेश कुमार सोनी जी। उम्दा सृजन के लिए हार्दिक बधाई।

  7. कृष्णा वर्मा जी अम्बर बाँचे पाती के लिए हार्दिक बधाई।

  8. सम्पादक द्वय को मेरे हाइकु प्रकाशित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद, डॉ सुरंगमा यादव जी और रमेश कुमार सोनी जी अच्छे हाइकु रचने के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ ।
    अम्बर बाँचे पाती के लिए कृष्णा वर्मा जी को हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  9. बहुत सुन्दर भावपूर्ण सृजन… डॉ सुरंगमा जी, डॉ भीकम सिंह जी, रमेश कुमार सोनी जी को हार्दिक बधाई।

  10. हर हाइकुकार का अपना वैशिष्ट्य है।डॉ. सुरंगमा जी के हाइकु राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत हैं,वहीं भीकम सिंह जी ही गाँवों के परिवेश के सुंदर हाइकु दिए हैं,रमेश कुमार सोनी जी के हाइकु विविध भाव भूमि के सहज एवं प्रभावी हाइकु हैं।तीनो हाइकुकारों को हार्दिक बधाई।

  11. साहित्य प्रेमियों के लिए एक क्लिक पर पुस्तक उपलब्ध … बहुत ही बढ़िया ….हार्दिक बधाई कृष्णा जी

    सुरंगमा जी, भीकम जी एवं रमेश जी के एक से बढ़कर हाइकु ….. सुन्दर
    विशेषतः –

    हवा भी डरे…,मिट्टी पर गाँव.., शहरी फ्लैट…,हँसा कब था?…

    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

  12. सभी हाइकु और कृष्णा वर्मा का हाइकु संग्रह ‘अम्बर बांचे पाती’उत्कृष्ट कोटि के हैं बधाई
    पुष्पा मेहरा

  13. सुरंगमा जी , भीकम सिंह जी ,और रमेश कुमार सोनी जी को सार्थक हाइकु रचनाओं के लिये हार्दिक बधाई । ‘अम्बर बाँचे पाती ‘ के लिये कृष्णा जी को बधाई और शुभकामनाएँ 💐💐💐

  14. कृष्णा जी को उत्कृष्ट हाइकु संग्रह के लिए, और भीकम सिंह जी, सुरँगमा जी और रमेश जी को बेहतरीन रचनाओं के लिए अनेकों बधाई!

  15. सुन्दर हाइकु के लिए आप सभी को बधाई


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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