Posted by: हरदीप कौर संधु | अक्टूबर 25, 2021

2200


1-डॉ. सुरंगमा यादव
1
SURANGAM YADAVपत्र नहीं ये
मन के मनकों की
किंचित राशि।
2
मन-धरा पे
तुमने बोए स्वप्न
सींच रही मैं।
3
धुँधली शाम
थके परिंदे लौटे
चाहें विश्राम।
4
चलाके तीर
फिर पूछा तुमने
कहाँ है पीर!
5
साँझ की बेला
नीड़ निहारे पंछी
बैठ अकेला।
6
जब भी रोया
धीरज के धागों में
मन पिरोया।
7
रुक लहर
रेत पे लिखा नाम
देखूँ जी भर।
8
आँसू का रेला
नयन कोर सूखी
मन है गीला।
9
बंजर धरा
उगेगा उसमें क्या?
काँटों के सिवा!
10
वक्त की धूप
कुम्हलाता ही जाता
चीजों का रूप।
11
वक्त के साथ
बीतते जाते हम
नित्य का क्रम।
12
चीजों का रूप
दिखता कुछ ऐसा
भाव हो जैसा।

-0-

2-दिनेश चन्द्र पाण्डेय

DINESH CHANDRA PANDEYकांस-बुराँस

डाली -डाली हिलांस

सजे पहाड़

2.

मंद मलय

धरती का यौवन

झलका गई

3.

खिली कलियाँ 

गाती है डाली-डाली

राग प्रेम का

4.

कुठार संग

मिली काठ की मूठ

जंगल कटे

5.

साड़ी लपेट

ढूँढे शीशे में माँ को

नन्ही बिटिया

6.

नाम है रानी

खेलने की उम्र में

भरती पानी.

7.

जब कभी भी

पत्थर दिल टूटा

झरना फूटा

8.

शब्द -रहित

ताकता है आकाश

खेत श्रमिक

9.

ब्रेल में हाथ

प्यार से शब्द छूते

अर्थ खोलते 

10.

पथिक- संग

चलता रहा रात

चाँद अकेला

11.

काल आया था

श्रमजीवी कीटों ने

कौशेय रचा

12.

पहाड़- यात्रा

सौन्दर्य की बारातें

नाचतीं आँखें

13.

घरों में बल्ब  

रात पहाड़ पर  

जुगनू जा बसे

14.

बेहद सर्दी

धुनिया की दूकान

सफ़ेद हुई

15.

मेघ- शावक

खेल मैदान बना

नील गगन

16.

नभ की कूँची

ठण्डे पहाड़ों पर

सफेदी फिरी

17.

वृद्धा का मन

भूचाल बाद ढूँढे

जीवन- धन

18.

याहू गूगल

तमाम जग खोजा

न मिला प्यार

19.

खींचा है मन

यह कौन- सा राग

खगों ने छेड़ा

नवौढा बर्फ़,

सूर्य बाबा से लजा,

ओझल हुई.


Responses

  1. सुरंगमा जी और दिनेश जी आपके हाइकु ताज़गी लिए हुए है
    बधाई
    रचना

  2. बहुत सुंदर , रचनाकारों को हार्दिक बधाई शुभकामनाएं।

  3. एक से बढ़कर एक हाइकु
    1,4,6 एवं 8 तो बहुत ही सुंदर …. सुरंगमा जी हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करें ।

    दिनेश जी सुंदर सृजन के लिए बधाईयाँ …
    सभी हाइकु बढ़िया लेकिन
    2,9,19,20 तो बहुत ही मनमोहक

  4. एक से बढ़कर एक सभी सुन्दर, सरस हाइकु।

    विशेषकर यह-

    पत्र नहीं ये / मन के मनकों की / किंचित राशि।

    बहुत ही मनभावन लगा।

    नाम है रानी / खेलने की उम्र में / भरती पानी ।

    बहुत ही मार्मिक।

    आदरणीया सुरंगमा जी एवं दिनेश जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    सादर 🙏🏻

  5. मन-धरा पे
    तुमने बोए स्वप्न
    सींच रही मैं।

    भावपूर्ण सुंदर सृजन हेतु बधाई डॉ सुरँगमा।

    नाम है रानी
    खेलने की उम्र में
    भरती पानी।

    तीव्र कटाक्ष। बहुत सुंदर, सार्थक हाइकु।

    नवौढा बर्फ़,
    सूर्य बाबा से लजा,
    ओझल हुई।

    अति सुंदर बिंब ! बहुत-बहुत बधाई आदरणीय दिनेश चंद्र पांडेय जी।

  6. आदरणीय संपादक गण को रचना प्रकाशन हेतु आभार। साहित्य मर्मज्ञ सुधीजनों को प्रोत्साहन हेतु आभार। डॉ. सुरंगमा यादव को उत्कृष्ट व सुंदर रचनाओं हेतु आभार व शुभकामनाएं।

  7. डॉ सुरंगमा यादव जी और दिनेश चन्द्र पाण्डेय जी को अच्छे हाइकु रचने के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  8. बहुत अच्छे हाइकु हैं, आप दोनों को बहुत बधाई |

  9. बहुत सुंदर हाइकु… आप दोनों को बहुत बधाई |


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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