Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | सितम्बर 22, 2021

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डॉ. सुरंगमा यादव
1
कुहुक उठी
मन की अमराई
SURANGAM YADAVपाती है आई।
2
चलीं आँधियाँ
स्मृतियों का चँदोबा
कभी न उड़ा।
3
उमगे मन
प्रीत-गीत रचता
झूमे सावन।
4
प्रीत पुनीत
उर-घट पूरित
स्वीकारो मीत ।
5
आ, उठ चल!
किसी को तो करनी
होगी पहल।
6
चलता चल
सफलता का घर
है यहीं पर।
7
रेत- घरौंदा
लहरों ने आकर
पल में रौंदा।
8
सहमा गाँव
खतरे की रेखा पे
नदी के पाँव।
9
सूखी नदिया
लहरों की उम्मीदें
मन की क्षति।
10
क्यों ये रिवाज ?
मृत देह का साज
बेवा-सधवा।
11
अल्हड़ हवा
चिंगारी संग यारी
विपदा भारी।
-0-


Responses

  1. सभी हाइकु बहुत ही सुन्दर।
    हार्दिक बधाई आदरणीया सुरंगमा जी को।

    सादर

  2. क्यों ये रिवाज ?
    मृत देह का साज
    बेवा-सधवा।
    सभी हाइकु सुंदर हैं लेकिन ये हाइकु सामाजिक कुरीतियों पर प्रश्नचिह्न लगते हुए नया प्रयोग अच्छा लगा।
    बधाई।

  3. लाजवाब होते हैं आपके हाइकु ,👌
    शुभकामनाएँ सुरंगमा जी💐💐💐💐

  4. आदरणीया डॉ यादव की समस्त हाइकु रचनाएं अद्भुत, सुंदर व संग्रहणीय हैं । शुभकामनाएं

  5. सहमा गाँव/खतरे की रेखा पे/नदी के पाँव •••वाह , बेहतरीन, हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  6. विभिन्न वविषयों पर सुंदर और भावपूर्ण हाइकु सुरँगमा जी…

    हार्दिक बधाई

  7. सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं, हार्दिक बधाई सुरंगमा जी।

  8. आ, उठ चल!
    किसी को तो करनी
    होगी पहल।
    ….बहुत सुंदर,प्रत्येक हाइकु अलग भाव,अलग सन्देश लिए है।कहीं भावाकुलता है,कहीं रूढ़ियों का विरोध है तो कहीं प्रतीक रूप में गहरे सन्देश हैं।डॉ. सुरंगमा जी को बहुत बहुत बधाई।

  9. डॉ सुरंगमा यादव की सभी हाइकु रचनाएं पठनीय व संग्रहणीय है. शुभकामनाएं

  10. सुरंगमा जी के सभी हाइकु उम्दा हैं हार्दिक बधाई स्वीकारें |

  11. आप सभी के प्रति तथा काम्बोज भैया के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ।

  12. क्यों ये रिवाज ?
    मृत देह का साज
    बेवा-सधवा।
    बेहतरीन हाइकु। बहुत बहुत बधाई सुरंगमा जी

  13. बहुत सुंदर भावपूर्ण हाइकु… सुरँगमा जी हार्दिक बधाई।

  14. सभी हाइकु बहुत सुंदर किंतु नदी और गाँव के इस बिंब ने मन को अत्यधिक प्रभावित किया –

    सहमा गाँव
    खतरे की रेखा पे
    नदी के पाँव।

    बधाई डॉ सुरँगमा 💐

  15. सभी हाइकु बहुत पसंद आए, खास तौर से ये दोनों-
    10
    क्यों ये रिवाज ?
    मृत देह का साज
    बेवा-सधवा।
    11
    अल्हड़ हवा
    चिंगारी संग यारी
    विपदा भारी।

    बहुत बधाई सुरंगमा जी |

  16. वाह! सभी हाइकु बहुत सुन्दर. बधाई.


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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