Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अगस्त 14, 2021

2183-अमृत वेला


डॉ . हरदीप कौर सन्धु

1

अमृत वेला

चहकती चिड़िया

कुकड़ू रे कूँ।

2 .

अम्बर चाँद

दूध- भरी कटोरी

दूधिया रात।

3

चिबुड़कार्तिक दिन

चिबूड की सुगंध

भरा है खेत।

4

हवा का झोंका

धनिए की महक

भरे अँगना।

5

वीरान राह

खिले फूल बबूल

महकी हवा।

6

मेह -कतरे

बूँद-बूँद टपकते 

नहाएँ फूल।

7

एकांत राह

झोंके संग उड़ते

मैपल पत्ते।

8

वीरान घर

चक्की के दोनों पाट

खड़े अकेले।

9

ढलता सूर्य

बिन पत्तों का वृक्ष

लौटते पाखी।

10

म्बर धुआँ

बिन पत्तों के पेड़

उड़ती राख़।

11

पौष की धूप

आँगन में महके

सुर्ख गुलाब।

12

अश्विन हवा

वृक्ष से गिरे पत्ते

बदलें रंग।

13

सहज प्यार

हरी घास बिखरीं

सूखी पत्तियाँ।

14

गायब वृक्ष

धुआँ– धुआँ शहर

तपता दिन।

15

आँखों में खौफ़

देख कैमरा डरे

सहमी बच्ची।

16

20210114_112758नई नवेली

मेहँदी-रचे हाथ

माही का नाम।

17

चाँद अंबर

मन्द -मन्द मुस्काए

लाडली लाडो।

18

 पूर्णिमा रात

निर्झर शांत झील

उतरा चाँद। 

19

चाँदनी- छींटे

बिखरे अँगना में

धुली अँखियाँ।

20

मध्यम ज्योति

सुरोदी सुर छेड़े

हाथों की छोह।

21

उनींदे नैन

तारा -तारा अंबर

अधूरा चाँद।

22

चैत्र की रात

यादों की झिलमिल

तारों की लौ में।

-0-

अन्तिम चित्र -रमेश गौतम


Responses

  1. बहुत सुंदर हाइकु

  2. बेहद उम्दा सुर भावपूर्ण 👌

  3. बेहतरीन हाइकु, हार्दिक शुभकामनाएँ ।

  4. वाह!प्रकृति की अद्भुत झाकियों को समेटे खूबसूरत हाइकु।प्रकृति की छोटी-छोटी बारीक चीज़ों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है।
    “आँखों में खौफ़
    देख कैमरा डरे
    सहमी बच्ची।”
    नन्हीं बच्ची की मासूमियत को दर्शाता हाइकु।
    मन आनंदित करने वाली रचना।💐

  5. बहुत सुंदर हाइकु । हरदीप कौर जी को बहुत-बहुत बधाई।

  6. प्रकृति के विभिन्न बिंबों से सजे बहुत सुंदर हाइकु, हार्दिक बधाई।

  7. एकांत राह
    झोंके संग उड़ते
    मैपल पत्ते।सुंदर बिम्ब प्रस्तुत करते एक से बढ़कर एक सुंदर हाइकु। बधाई हरदीपजी।

  8. बेहद खुबसूरत हाइकु 🙏🙏🌹

  9. सभी हाइकु एक से बढ़कर एक … सुंदर, बेहतरीन

    हार्दिक बधाइयाँ हरदीप जी

  10. सुन्दर भावों से सजे एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट हाइकु।
    हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ आदरणीया।

    यूँ ही सदा सृजनरत रहें।

    सादर

  11. ‘उनींदे नैन / तारा -तारा अंबर / अधूरा चाँद।’ – बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति!

    प्रकृति के सौन्दर्य और मानवीय संवेदना से परिपूर्ण उत्कृष्ट हाइकु! हार्दिक बधाई!
    – डॉ. कुँवर दिनेश

  12. बहुत ही सुंदर हाइकु ,सभी एक से बढ़ कर एक वास्तव में तारों भरे पूरे आकाश में चाँद का अधूरापन खलता ही है |

    पुष्पा मेहरा

  13. प्रकृति के मनभावन दृश्यों के साथ ही विविध विषयों के बहुत ही सुंदर एवं अर्थवान हाइकु।कभी कभी ही एक साथ इतने सुंदर हाइकु पढ़ने को मिलते हैं।हरदीप कौर जी को बहुत बहुत बधाई।

  14. अद्भुत हैं सभी हाइकु।

  15. मनमोहक हाइकु बधाई हरदीप जी

  16. हर हाइकु आंखों के समक्ष चित्र अंकित कर देता है ।

  17. डॉक्टर हरदीप जी के उत्तम भावों से पूर्ण हाइकु है उनके हाइकु पढ़कर प्रेरणा मिलती रही है और आगे भी मिलती रहेगी ऐसा विश्वास है। कार्तिक दिन/ चिबूड की सुगंध …. बहुत बढ़िया है। हार्दिक बधाई।

  18. प्रत्येक हाइकु अति उत्तम भाव के साथ। धन्यवाद हरदीप जी।

  19. अत्युत्तम शब्द चित्रण, हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएँ!

  20. वाह हरदीप जी, आनंद आ गया | खूब बधाई और शुभकामनाएँ…|

  21. हरदीप कौर जी के हाइकु आंचलिकता लिये हुए हैं ।देशज शब्दों का प्रयोग हाइकु और पाठक के चित्त को खुशी देता है । सभी हाइकु खूबसूरत हैं । मेरी बधाई लें ।

  22. बहुत ही सुन्दर भावों से सुशोभित लाजवाब हाइकु….बहुत आनन्द आया पढ़कर !
    हार्दिक बधाई आपको बहन हरदीप जी।


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