Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | सितम्बर 2, 2020

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1-प्रीति अग्रवाल

1.
मीठी थी यादें
फिर भी न जाने क्यों
अश्रु थे खारे!
2.
याद-पतंगा
नैनन पड़ गया
खूब रुलाया।
3.
याद तुम्हारी
जल बिन मीन-सी

तड़पा गईं
4.
ओस की बूँदें
स्मृतियों का सैलाब
प्यासा ही छोड़ें!
5.
गुल्लक फोड़ी
चहु ओर यादें
मीठी बटोरीं।
6.
याद- चिरैया
मन व्याकुल कर
फुर्र से उड़ी।
7.
यादों के पंख
फिर उड़ चली मैं
साजन संग!
8.
याद पखेरू
उड़ गए देकर
कई सौगातें।
9.
पायलिया सी
छन छन छनकी
स्नेहिल यादें।
10.
याद कटारी
जियरा में उतरी
करें
लनी
11.
संजोईं यादें
ज्यों सागर तल में
सीप में मोती।

-0-

2-सविता अग्रवाल सविकैनेडा

1.

अन्तर्मन में

घुँघरू-सी बजती

स्मृति की धुन।

2.

नाचती स्मृति

झाँझ बजाती आईं

मन के द्वारे।

3.

यादों के शूल

दिन-रैन चुभते

करें बेहाल।

4.

पगली स्मृति

इत-उत डोलती

पकड़े हाथ।

5.

काली घटाएँ

स्मृतियों संग छाएँ

नैन रुलाएँ

6.

यादों की नमी

सीलन सी-बसती

हिय की बस्ती

7.

यादों का साया

छाया जैसा रहता

हाथ ना आता।

8.

स्मृति के दीप

ह्रदय में जलते

आभा भरते।

9.

स्मृति की बूँदें

देख, चाँद झरतीं

नेत्रों से बहतीं।

10.

स्मृति के शूल

टीस भरें तन में

करें अधीर।

11.

यादें सतातीं

अधमुँदे नयन

नींदें उड़ातीं।

12.

साँसों में बसी

घरौंदे बना रही

अनंत यादें।

-0-सविता अग्रवाल सविकैनेडा,दूरभाष: (905) 671 8707

-0-

3-ज्योत्स्ना प्रदीप 

 1

यादें मीरा-सी 

मनमोहन  तुम 

तुम  में  ग़ुम  !

2

प्रभु की  याद 

ऊषा बन भगाती 

दुख-विषाद |

 3

माँ की स्मृतियाँ 

मन-संग्रहालय 

कलाकृतियाँ !

4

सुनों सजनी 

बनी मादक रात 

तेरी वो बात !

5

निशा-घनेरी   

पूनम की रात -सी, 

आहट तेरी !

6

हृदय-धारी 

बातें  तेरी  चिंगारी 

जलाती मन !

 7

वो याद भोली

प्रथम-परिचय 

जब  तू बोली |

8

हिय में हूक 

उठाती तेरी चुप्पी 

आँसू भी  मूक |

9

सैनिक पिया !

मेरे नैनों की सीमा 

आशा-प्रहरी !

10

बदला वेश 

समय ने जग का

यादें  रे  शेष !

11

रिश्ता पावन 

जेठ-मौसम में भी

हरा सावन !

 

-0-

 


Responses

  1. प्रीति अग्रवाल,सविता अग्रवाल’सवि’ एवम ज्योत्स्ना प्रदीप के यादों के हाइकु रुलाते भी हैं,गुदगुदाते भी हैं। अधिकांश स्मृतियों में विरह की वेदना प्रभावी है।तीनो रचनाकारों को बधाई।

  2. विभिन्न भावनाओं को समेटे यादों का सुंदर गुलदस्ता जिसकी ख़ुशबू सराबोर कर गयी।प्रीति जी,सविता जी,ज्योत्स्ना जी बहुत बहुत बधाई।

  3. अलग-अलग गलियारों से झाँकती यादों की परछाइयों ने सुंदर निशानों को रेखांकित करती पोस्ट। बधाई।

  4. खूबसूरत हाइकु के लिए प्रीति अग्रवाल जी ,सविता अग्रवाल ‘सवि’जीऔर ज्योत्सना प्रदीप जी को हार्दिक शुभकामनायें ।

  5. आदरणीय काम्बोज भाई साहब एवम बहन हरदीप कौर संधु जी आप हम सब को एक दूसरे से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं, आप दोनों का हार्दिक आभार!!
    सविता जी और ज्योत्स्ना जी के सतरंगी हाइकु ने मन मोह लिया!! आपदोनो को मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ!!

  6. बेहतरीन हाइकु के लिए प्रीति जी, सविता जी और ज्योत्स्ना जी को बहुत -बहुत बधाई।

  7. मेरे हाइकु को यहाँ स्थान देने के लिए भाई काम्बोज जी और हरदीप कौर जी का ह्रदय से आभार | प्रीति जी और ज्योत्सना जी के मनमोहक हाइकु ने मन मोह लिया दोनों को हार्दिक बधाई | एक हाइकु अत्यधिक मन भाया ….ओस की बूँदें /स्मृतियों का सैलाब / प्यासा ही छोड़ें |सच है यादें साथ रहतीं हैं परन्तु प्यास नहीं बुझा पातीं |

  8. आप सब के हाइकु पढ़ कर लगा जैसे सुंदर शब्दों /भावों की धीमी धीमी बरसात हो | बहुत आनन्द आया | बधाई सभी को |

    शशि पाधा

  9. आदरणीय शिवजी भैया, सुदर्शन दी, अनिता जी, भीकम सिंह जी, कृष्णा जी और शशि दी, आप सभी के स्नेहिल शब्दों के लिए बहुत बहुत आभार!!

  10. इस सावन में यादों ने बहुत भीगो दिया । सुंदर भावपूर्ण हाइकु की तो मानो झड़ी लग गई ।
    सभी हाइकु एक से बढ़कर एक …. पढ़कर मन प्रसन्न हो गया ।
    प्रीति जी, सविता जी एवं ज्योत्स्ना जी को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाइयाँ

  11. बहुत प्यारे हाइकु…आप सभी को बहुत बधाई…|

  12. मीठी थी यादें
    फिर भी न जाने क्यों
    अश्रु थे खारे! (प्रीति अग्रवाल)

    यादों का साया
    छाया– जैसा रहता
    हाथ ना आता। (सविता अग्रवाल)

    निशा-घनेरी
    पूनम की रात -सी,
    आहट तेरी ! (ज्योत्स्ना प्रदीप)

    – सुन्दर रचनाओं के लिए तीनों कवियों को हार्दिक बधाई!!!

  13. आदरणीय शिवजी भाई, सुदर्शन जी, अनिता जी, भीकम सिंह जी प्रीति जी कृष्णा जी शशि जी ,पूर्वा जी ,प्रियंका जी और डॉ दिनेश जी आप सबका हार्दिक धन्यवाद |

  14. आदरणीय कुँवर दिनेश जी, पूर्वा जी और प्रियंका जी, आप सभी का हार्दिक आभार!!

  15. सभी हाइकु बहुत सुन्दर और भावपूर्ण. प्रीति जी, सविता जी, एवं ज्योत्स्ना जी को हार्दिक बधाई.

  16. स्मृतियों की मधुर प्रस्तुति ने मन मोह लिया ।प्रीति जी,सविता जी,ज्योत्सना जी हार्दिक बधाइयाँ ।


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