Posted by: हरदीप कौर संधु | जुलाई 23, 2020

2060-आभार एवं हाइकु


डॉ सुधा गुप्ता

 

 


Responses

  1. सौम्य-स्वरूप
    वो है मई की धूप
    गीतों में छनी
    साहित्य में पल-के
    हाइकु कार बनी ।

  2. सुधा जी के हाइकु पढ़कर मन खिल जाता है. हस्तलिखित देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है. सभी हाइकु बहुत सुन्दर और भावपूर्ण. यह वाला विशेष पसंद आया –
    ”साँवली साँझ / लपेटे काली साड़ी / आई दुआर
    आदरणीया सुधा जी को बहुत बधाई.

  3. सुधा जी के हाइकु सदैव कुछ नया सिखा जाते हैं..सहज भाव से बड़ी से बड़ी बात कहने के लिये उपयुक्त शब्दों के चयन की कला अद्भुत है,लोक जीवन के/देशज शब्दों का प्रयोग भो हाइकु के सौंदर्य मेअभिवृद्धि कर देता है उनका एक हाइकु इसका सुंदर उदाहरण है-साँवली सांझ/लपेटे काली साड़ी/आई दुआर….इसमे दुआर में जो लालित्य है वह द्वार पे नहीं आता…समस्त हाइकु प्रभावी हैं।नमन सुधा जी की लेखनी को।

  4. विविध विधाओं में सृजन करने वाली सुधा जी की रचनाओं में दोहराव नहीं देखा । उनकी रचनाएँ प्रत्येक बार कुछ नयापन लिए हुए होती है ।
    सभी हाइकु बहुत सुंदर विशेषतः – लेकर आया….और साँवली साँझ….
    कुछ दिनों पूर्व जब सुधा जी से फोन पर बात हुई तो उनकी हस्तलिपि के बारे में चर्चा हुई थी कि अग्रवाल जी उनके अक्षरों को देखकर मोती जैसे अक्षर कहते थे । सच में मोती से अक्षर देखकर मन प्रसन्न हो गया ।
    सुधा जी को नमन ।

  5. विविध भावों को समेटे सभी हाइकु बहुत सुंदर हैं। आ.सुधा जी के हाइकु पढ़ने के बाद कुछ अच्छा लिखने की प्रेरणा मिलती है।

  6. बड़ी सहजता से गभीर बात कह देने की कला आ.सुधा जी के हाइकु की विशेषता है, सभी हाइकु सुन्दर और गहन भाव समेटे हैं ।धरती माँ …..क्रूर प्रकृति । सादर नमन।

  7. डॉ सुधा गुप्ता जी एवं हाइकु दोनों एक – दूसरे के पर्याय बन चुके हैं । इस रुग्णावस्था में भी कलम लिख रहे हैं हमारे मार्गदर्शन में , ये हमारे लिए सौभाग्य का विषय है ।
    हर बार नए और ताजगी भरे हाइकु के लिए – बधाई । आपके पास शब्दों का अथाह भंडार है यानि आप स्वयं ही एक जीवंत शब्दकोश हैं ।
    हाइकु सभी सुंदर हैं , अद्भुत , इन्हें पढ़कर स्फूर्ति आ जाती है ।
    डॉ सुधा दीदी जी के दीर्घायु होने की शुभकामनाएँ ।

  8. सुधा जी का जवाब नहीं |बहुत ही सुन्दर हाइकु की रचना की है |सुधा जी से सदा मार्गदर्शन मिलता रहता है उनकी रचनाओं के द्वारा |

  9. इतने सुंदर हाइकु हैं कि बार बार पढ़ने पर भी जी नहीं भर रहा, आपको नमन सुधा दीदी! यह पोस्ट यादगार रहेगी!

  10. सुंदर हस्तलेख में विभिन्न भावों से सजे हाइकु सृजन के लिए हार्दिक बधाई।

  11. सदैव की भांति गागर में सागर से हाइकु। आदरणीय सुधा जी की लाजवाब लेखनी को मेरा सादर नमन।

  12. लाजवाब हाइकु व प्रस्तुति। धन्यवाद।

  13. मोती जैसी लेखनी, नगीने जैसे हाइकु! आ. सुधा दीदी जी के भीतर हिन्दी-साहित्य का सागर है, जिसमें अनमोल ख़ज़ाना भरा हुआ है! उनकी विनम्रता उनकी लेखनी को और भी समृद्ध करती है!
    आ. दीदी जी…हम सब बहुत भाग्यशाली हैं कि आपका स्नेहभरा हाथ हम सब के सिर पर है! आप स्वस्थ एवं दीर्घायु हों, आपका मार्गदर्शन यूँ ही मिलता रहे …यही ईश्वर से प्रार्थना करते हैं! आपको एवं आपकी लेखनी को शत-शत नमन!

    ~सादर
    अनिता ललित

  14. वाह, आदरणीय सुधा जी की लिखावट में अनमोल हाइकु। संग्रहणीय पोस्ट। नमन आदरणीय सुधा जी को।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: