Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 11, 2020

2030


 डॉ. शैलजा सक्सेना [ कैनेडा ]

1

सूरज आजा

हिम को भगाने को,

रश्मि-दंड ला !

2

कूका बसंत

क्यारियाँ मुस्कुराईं

महकी हवा।

3

रोने भी दो न !

क्यों चिपकाऊँ व्यर्थ,

मुस्कान झूठी!

4

पहाड़ खड़ा

धरा- आकाश बीच

जैसे ठहाका!

5

भरी झील ज्यों

धरा की नम आँखें

ताकें आकाश!

6

भँवरे सुनाए

मधु-पत्र पिया का

हवा मुस्काए !

7

तुम्हारा प्यार

खोलता अनदिखे

ज्योति के द्वार!

8

याद- बारिश

भीगता मन हुआ

मन भर का।

9

झरने बच्चे,

पहाडों के कंधों से

उतर भागे।

10.

भाग्य- रेखा से

धरा की हथेली पे

पेड़ की जडें।

11

हज़ारों डर,

खँरोंचते मन को

घायल तन।

12

गोरी लजाए

फूलों का रंग तक

लाल हो जाए।

13

शब्द- मीनारें

छिपाती हैं चेहरे

है प्यार कहाँ?

14

क्षणिक मृत्यु

रोज़ चली आती है

नींद बनके!

-0-


Responses

  1. अत्यंत सुंदर, गहन भाव लिए हुए हाइकु! एक-एक शब्द जैसे मोती जड़ा हो!
    हार्दिक बधाई शैलजा जी!

    ~सादर
    अनिता ललित

  2. समस्त हाइकु बहुत सुंदर,अभिनव बिम्ब।बधाई डॉ. शैलजा जी।

  3. हाइकु विधा पर इस प्रकार की सुंदर रचनाओं का सृजन करके इसे और भी लोकप्रिय विधा नवागन्तु लेखकों के लिए बना रही है । इसके लिए आपका धन्यवाद

  4. सभी हाइकु बहुत ही सुन्दर । हार्दिक बधाई शैलजा जी।

  5. वाह शैलजा बढ़िया अभिव्यक्ति है सभी हाइकु एक से एक बढ़कर हैं हार्दिक बधाई |

  6. सभी हाइकु सुंदर, विशेषतः झरने बच्चे.., क्षणिक मृत्यु…, याद बारिश…, भाग्य रेखा से…आपको ढेरों शुभकामनाएँ शैलजा जी!

  7. झरने बच्चे,
    पहाडों के कंधों से
    उतर भागे।
    bahut sunder
    rachana

  8. झरने बच्चे,
    पहाडों के कंधों से
    उतर भागे।
    क्या बात है ! सुन्दर हाइकु के लिए बहुत बधाई…|

  9. एक से बढ़कर एक हाइकु शैलजा जी। बहुत सुंदर

    सादर
    भावना सक्सैना

  10. एक से बढ़कर एक बेहतरीन हाइकु ।बधाई शैलजा जी ।

  11. सभी उत्तम भावयुक्त हाइकु। डॉ शैलजा को धन्यवाद।

  12. सुंदर हाइकु गहरे अर्थ लिए हुए हैं , बधाई , शुभकामनाएं ।

    गोरी लजाए
    फूलों का रंग तक
    लाल हो जाए ।
    रमेश कुमार सोनी , बसना

  13. सभी हाइकु बहुत ही ख़ूबसूरत । हार्दिक बधाई शैलजा जी।

  14. सभी हाइकु एक से बढ़कर एक…विशेषतः – झरने बच्चे…., क्षणिक मृत्यु …….,भरी झील ज्यों… ,

    रश्मि-दंड …सुंदर प्रयोग

    एवं

    याद- बारिश
    भीगता मन हुआ
    मन भर का। – ‘मन’ में यमक की सुंदर छटा व्याप्त

    हार्दिक शुभकामनाएँ शैलजा जी

  15. सुन्दर हाइकु -गुलदस्ता । मनभावन हाइकु के लिए प्रिय शैलजा दिली बधाई लो ।
    बानगी के लिए –

    झरने बच्चे
    पहाडों के कंधों से
    उतर भागे।

  16. बहुत सुंदर हाइकु…हार्दिक बधाई शैलजा।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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