Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जनवरी 31, 2019

1899


1-कृष्णा वर्मा

1

खोखले रिश्ते

ताने उलाहने औ

झूठे बहाने।

2

झूठी अकड़

साधन -सुविधाएँ

रखें जकड़।

3

धोखा -कपट

बदले की लपट

मौके की ताक।

4

प्रेम न लाग

भ्रमित- सा विश्वास

बेतुका साथ।

5

होंठों पे हास

बेईमान कर्म का

जारी प्रयास।

-0-

2-प्रियंका गुप्ता

1

छिड़की हँसी

होंठों पर अपने

सूरज उगा ।

2

दुबक गया

थका-माँदा सूरज

समन्दर में ।

3

कहा था तूने-

छोड़ना नहीं हाथ,

खुद छुड़ाया ?

4

नागिन-स रात

सपनों को डँसके

भोर में छुपी ।

5

बक्सा खोला था

ख़्वाबो से भरा मिला

छूने से डरूँ ।

6

सोचते रहे-

ज़िन्दगी कैसे जीनी

मौत ले गई ।

7

यादों का पंछी

मुँडेर पे आ बैठा

बस देखूँ मैं ।

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत उम्दा एवं भाप्रवण. कृष्णा जी एवं प्रियंका जी को बधाई.

  2. प्रेम न लाग / भ्रमित- सा विश्वास/बेतुका साथ। एवं
    दुबक गया / थका-माँदा सूरज / समन्दर में । बहुत सुन्दर सृजन ….

    सभी हाइकु एक से बढ़कर एक …
    जेन्नी जी एवं प्रियंका जी को हार्दिक अभिनंदन

  3. **कृष्णा जी हार्दिक अभिनंदन

  4. कृष्णा जी और प्रियंका जी दोनों के हाइकु का सुन्दर सृजन है हार्दिक बधाई |

  5. आप सभी का बहुत आभार…|
    कृष्णा जी को इतने बेहतरीन हाइकु के लिए बहुत बधाई…|


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