Posted by: हरदीप कौर संधु | नवम्बर 28, 2018

1880


1- डॉ जेन्नी शबनम

1.

मन सोचता –

यह जीवन है क्या ?

अर्थ ढूँढता।

2.

बसंत आया

रिश्तों में रंग भरा

मिठास लाया।

3.

याद-चाशनी

सुख की है मिठाई

मन को भायी।

4.

फिक्र व चिन्ता

बना गए दुश्मन,

रोगी है काया।

5.

वक्त की धूप

शोला बन बरसी

झुलसा मन।

6.

सुख व दुख

यादों का झुरमुट

अटका मन।

 7.

खामोश बही

गुमनाम हवाएँ

ज्यों मेरा मन।

8.

मैं सूर्यमुखी

तुम्हें ही निहारती

तुम सूरज।

9.

मेरी वेदना

सर टिकाए पड़ी

मौन की छाती।

10.

छटपटाती

साँस लेने को

बीमार हवा।

 (23. 11. 18)

-0-

पुष्पा मेहरा

1.

प्रिय की याद

नित आ-आ-सताती,

वैरी मन की!

2.

मन जुड़ाती

कभी आग बनती

याद बरफ ।

3.

पास आ बैठे

कैसे छल करके

गायब हुए

4.

बहते आँसू

सिसकती धरती

सहती पीर।

5.

एक आशियाँ

सपनों का सुहाना

पल में टूटा।

6.

निष्ठुर हवा

दर्द नहीं समझी

टूटे पत्तों का।

7.

हवा खा रही

गंध भरे झकोरे

विष से भरे।

8.

आनन्द घन

सुषुप्ति का दरिया

तेरा आँचल!

9.

तट पर बैठी

कैसे खोलूँ कपाट

तेरे दर के !

10.

जीवन फूल

एक–एक पंखुरी

झरती रही।

11.

बीतती साँझ

नेह समेट, बाती

टिमटिमाती ।

12.

रिश्ते हमारे

झुर्रियों की तरह

सिमट रहे ।

13.

तमन्ना यही

छूटे ना साथ, जैसे

चाँद–चाँदनी ।

14.

साँझ की लाली

डूबते सूरज की

अमिट छाप ।

15.

सारा जीवन

धूप झेलती रही

साँझ को छाया ।

16.

एक आदमी

आम, मैं ही तो हूँ

कुचला हुआ !

-0-

3-नरेंद्र श्रीवास्तव

1

प्रेम दर्पण
मेरे चेहरे में भी
तुझे ही देखूँ।
2
प्रेम पागल
सोते-जागते में भी
तुझसे बातें।
3
प्रेम समीर
बहती आसपास
तेरी खुशबू।
4
प्रेम-पपीहा
अकेलेपन में भी
मिलन गीत।
5
प्रेम नदी में
बहते चले गए
तट न मिला।
-0-

पलोटन गंज ,गाडरवारा,487 551,जिला -नरसिंहपुर म.प्र.
मोबा.9993278808

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Responses

  1. आदरणीया/आदरणीय, डॉ जेन्नी जी, पुष्पा जी एवं नरेंद्र जी को सुंदर हाइकु हेतु हार्दिक बधाई।

  2. बहुत उम्दा हाइकु। बधाई।

  3. बहुत बढ़िया हायक, बधाई।

  4. सभी हाइकु बहुत सुन्दर….विशेषतः – मन सोचता…., वक्त की धूप…, छटपटाती…., मन जुड़ाती…..,रिश्ते हमारे….,जीवन-फूल…., प्रेम नदी में… |
    जेन्नी जी, पुष्पा जी एवं नरेंद्र जी को हार्दिक बधाई |

  5. उम्दा हाइकुओं के लिए जेन्नी जी, पुष्पा जी तथा नरेंद्र जी को हार्दिक बधाई।

  6. सुंदर सृजन !
    डॉ. जेन्नी जी , पुष्पा जी एवम् नरेंद्र जी को हार्दिक बधाई !

  7. बहुत बढ़िया हाइकु… .जेन्नी जी, पुष्पा जी, एवं नरेंद्र जी को हार्दिक बधाई !!

  8. जीवन, बिछोह, सुख-दुःख के भावों से ओतप्रोत हाइकु … सभी मन को छू गए….
    हार्दिक बधाई जेन्नी जी, आ. पुष्पा जी एवं आ. नरेंद्र जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  9. आदरणीय जेनी जी ,पुष्पा जी ,नरेंद्र जी खूबसूरत अभिव्यक्ति जीवन की सत्यता को बखूबी प्रकट कर रही है।नमन आपकी लेखनी को!!

  10. जेन्नी जी , पुष्पा जी, नरेन्द्र जी आप सभी ने मानव जीवन से जुड़े हाइकु की सुन्दर रचना की हैआप सभी को हार्दिक बधाई |

  11. जेन्नी जी , पुष्पा जी, नरेन्द्र जी आप सभी के हाइकु बहुत सुन्दर।आप सभी को हार्दिक बधाई |

  12. बहुत सुंदर हाइकु ।आप सभी को हार्दिक बधाई ।

  13. Bahut bhavpurn bahut bahut badhai

  14. सभी हाइकु बहुत ही सुन्दर एवं भावपूर्ण, बधाई पुष्पा जी और नरेन्द्र जी. मेरे हाइकुओं को आप सभी ने पसंद किया हृदय से धन्यवाद.


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