Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अप्रैल 17, 2018

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1-कृष्णा वर्मा

1

सिरजे चाँद

पगड़ंडियों पर

प्रेम की रास।

2

रात हो शांत

बैठ करे चंदा से

बातें एकांत।

3

सोने ना देतीं

महकती हवाएँ

प्रीत जगाएँ।

4

प्रीत के धागे

चंदा से नैन लगे

रजनी जागे।

5

कहे चाँद से

रात, भरो खलाएँ

पास आ जाएँ।

6

होती जो डोर

चंदा, खींच ले आती

अपनी ओर।

7

तम सन्नाटे

दुख सुख बाँटते

कर के बातें।

8

चाँद शालीन

निशा की बातें सुन

हुआ विलीन।

-0-

2-प्रियंका गुप्ता

1

भैया पराया

ताना देती बहना

शादी के बाद ।

2

मोह के धागे

कलाई पर बाँधे

विदेशी भैया ।

3

साथ न छूटे

खूब हुई लड़ाई

भैया न रूठे ।

4

आओगे तुम

बैठी थाल सजाए

इंतज़ार में ।

5

पीले पत्ते- सा

झर रहा था प्यार

गीली मिट्टी में ।

6

गुलाब बोया

फूल तो झर गया

काँटे हैं बाकी ।

7

आँखों में डूबी

फिर नहीं उबरी

दिल की कश्ती ।

8

सच्चा या झूठा

कोई न बता पाए

आँखों के सिवा ।

-0-

3-रमेश कुमार सोनी , बसना [ छ.ग. ]

1

कोई आएगा

गुलमोहर झरे

कौवा पुकारे ।

2

रिश्तों के गाँव

सदा लम्बी है छाँव

रुतबा बड़ा ।

3

शहर बँटा

घर , मेरा -तुम्हारा

टोला उनका !!

4

खौफ में घर

बस्ती में आग लगी

विश्वास जला ।

5

कर्ज बैंकों के

शौक पूरा कराते

उम्र गिरवी ।

6

समस्या जिन्दा

दफ्तरी फाइलों में

अर्जी ना मर्जी ।।

7

पैसा चाबुक

जग है घोड़ागाड़ी

ऐश सवारी ।

-0-

4-पुष्पा मेहरा

1

लहरें ऊँची

सीमा के बाहर हो

सुनामी बनें ।

2

पूनो की रात

मचल रहा सिन्धु

चाँद के लिए ।

3

तम विरोधी

तेजोमय पतंग

सिन्धु में छिपा ।

4

फिरे जो दिन

रवि-किरण-बाण

तम को काटें ।

5

मन -मछली

इन्द्रियों के ताल में

आनन्द पाती ।

6

देवालयों की

बजाई घंटी ,पर

अन्तस् ना जागा ।

7

शंकालु मन

चुरा रही हैं आँखें

एक दूजे से ।

8

पढ़ते रहे

प्रेम की परिभाषा

गुन ना सके ।

9

आदर्श वाक्य

ग्रन्थों–पटों पे लिखे

पढ़े,ना गुने !!

10

जीवन -मठ

आनन्द से भर दो

जागो !चेतना ।

11

वक़्त का फेरा

प्रेम,दया–करुणा

हुए लापता !!

12

तम की बेड़ी

कटेगी तो दिखेगा

आकाश मेरा ।

-0-Pushpa .mehra @gmail.com

-0-

5- नरेंद्र श्रीवास्तव

1
शब्द काँटे ज्यूँ
गुलाब के जैसे भी
छूकर देखो।
2

मीठे बोलों से
घुली कड़वाहट
रिश्ते चंदन।
3

चुभते तीर
ज़बान सँभालना
बनते घाव।

4
प्रेम की भाषा
मरहम लगाता
मिटते घाव।

-0-

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Responses

  1. आदरणीय, सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना। सुन्दर एवं सारगर्भित हाइकु।

  2. सभी हाइकुकारों हाइकु बहुत सुन्दर । सार्थक सृजन की बधाई लें ।

    Vibha Rashmi

  3. सभी के हाइकु पढ़े। बहुत अच्छी पोस्ट।

  4. कृष्णा जी के रस भरे हाइकू मन को भा गये | ३ पंक्तियों में कितनी मन की बातें निकल गयीं | मन करता है कि आपके मुंह से किसी दिन सूना जाय | इस विधा में आप बहुत सुंदर लिख रही हैं | बधाई हो ! सहीं त्रिपाठी हिन्दी चेतना

  5. बहुत बहुत सुंदर और मनभावन हाइकु आप सभी के ।
    हार्दिक बधाई

  6. वाह! बहुत सुंदर एवं भावपूर्ण हाइकु!
    आप सभी को हार्दिक बधाई!!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. अच्छे हाइकु रचनाओं के संपादन की एक और खेप , सभी को बधाई – शुभकामनाएं ।

    रमेश कुमार सोनी , बसना

  8. विविध भाव भरे सुन्दर हाइकु !
    आ. कृष्णा दीदी , पुष्पा दीदी ,नरेंद्र जी , प्रियंका जी एवं रमेश कुमार सोनी जी को हार्दिक बधाई !!

  9. सभी साथी हाइकुकारों के हाइकु बहुत पसंद आए…| सबको मेरी बधाई…|
    मेरे हाइकु पर आप सभी की प्रतिक्रिया के लिए दिल से आभार…|

  10. सभी प्रबुद्ध हाइकुकारों को रंग-बिरंगे हाइकु गुलदस्ते हेतु हार्दिक बधाई.

  11. माननीय भाई काम्बोज जी सभी विशिष्ट हाइकुकारों के बीच इस पोस्ट में मेरे भी हाइकु पढ़ने को मिले ,आपका बहुत -बहुत आभार |
    पुष्पा मेहरा


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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