Posted by: हरदीप कौर संधु | मार्च 8, 2018

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1-कमला घटाऔरा

1

शाश्वत सत्य

एक नूर उसका

रौशन जग ।

2

आगत पल

जाने केवल वक्त

सोच क्यों करें ?

3

रिश्ता जन्मों का

मुड़ मुड़ मिलाता

कशिश- भरा

4

क्षितिज को छू

सिन्धु पाई नीलिमा

दिव्य मिलन ।

5

चूमके माथा

जगा गई भोर को

मात-रजनी ।

6

फैली लालिमा

आँखे मलती ऊषा

कहे- सोने दो ।

7

धूप कुँवरी

खड़ी पहाड़ पर

झरे स्वर्णाभा।

8

आओ सैलानी

राह तके धूपल

सिन्धु किनारा ।

-0-

2- डॉ ज्योत्सना सिंह

1

प्रभु नमन

तुम्हें अर्पण करूँ

श्रद्धा सुमन

2

मष्तिष्क पर

कविता केसर का

लगाऊँ टीका

3

ज्ञान दीपक

बना के प्रभु मुझे

स्वीकार करें

4

मेरी अर्चना

दरकता विश्वास

जोड़ती रहे।।

5

कंगाली भूख

निगल रही वासी 

सूखी रोटियाँ

6

व्याकुल भूख

तृप्ति पर लुटाती

ढेरों आशीष 

डॉ ज्योत्सना सिंह,(असिस्टेंट प्रोफेसर,जीवाजी युनिवर्सिटी)

सी 111 गोविन्दपुरी,ग्वालियर मध्यप्रदेश 474011

singh.jyotsna73@gmail.com>

-0-

3-विभा  रश्मि

1

पाल नौकाएं

समुद्र में अंधेरे 

लगातीं फेरे ।

2

समुद्र पुत्र 

मछुआरे कर्मठ 

जाल – रसरी । 

3

चंचल तन 

मौजें  हैं  नृत्यांगना

गंभीर मन ।

4

सोने – रूपा के

लपेटे हैं सितारे 

सुख – नज़ारे ।

5

चाँद जा बैठा 

अंक में लहरों के 

शिशु हिंडोला  ।

6

सूर्य रसरी 

नीरधि में पसरी 

बाँधा नेह में ।

7

गीत हैं गातीं

वेग से लहरातीं

फेन उड़ातीं । 

8

निर्मल मन

चाहतों की अगन 

प्रेयसी तीर ।

9

तकती रहूँ

नश्वर  ये  सौंदर्य

सहेजी  स्मृति  ।

-0-

4-मनीषा सक्सेना

1

स्वयं गलत

तर्क दे समझौता

दिल निगोड़ा

2

भूले न गलती

न रखे याद सही

बोझिल दिल

4

औरों की खुशी

स्वयं दिल दुखाये

रिश्ता निभाये

5

दिल की ठेस

माफी से भी ना जाए

माफी ही मांगे

 -0-

मनीषा सक्सेना

जी-१७ बेल्वेडीयर प्रेस कम्पाऊंड

मोतीलाल नेहरु रोड

इलाहाबाद २११००२

manisha.mail61@gmail.com

-0-

5-सुनीता शर्मा

1

प्रखर नारी 

असीमित संघर्ष 

कभी न हारी

2

कोरा आसमां

 मरुस्थल जमीन 

नारी जीवन 

3

बेटी मुस्कान 

मंगल मृदुगान

सबकी आशा

4

खुद्दारी जीती

आधुनिक कविता 

नारी नारीत्व

5

हरसिंगार 

आनंद दायिनी 

जग जननी

6

नारी सुमेधा

तन-मन वसुधा

मन हर्षाती

7

नारी चलती

जीवन पगडंडी

छाले छुपाती

8

रिश्ते संजोती

माँ-बहन-बेटी

घर संवारे

-0-

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Responses

  1. कमला जी, ज्योत्स्ना जी, विभा जी, मनीषा जी, सुनिता जी आप सभी के हाइकु पढ़े। अच्छी प्रस्तुति।

  2. आदरणीय संपादक द्वय जी का हार्दिक आभार मेरे हाइकु सम्मिलित करने के लिए । सादर प्रणाम ।
    5 )
    हरसिंगार
    स्व-आंनद दायिनी
    जग जननी

    इस संशोधन के बाद ।

  3. सुन्दर हाइकु ! आ. कमला जी , डॉ. ज्योत्स्ना सिंह जी , मनीषा जी , विभा दीदी एवं सुनीता शर्मा जी को हार्दिक बधाई | नारी पर हाइकु बहुत सुन्दर !!

  4. प्रिय कमला जी ,ज्योत्स्ना सिंह जी , मनीषा जी , सुनीता जी सभी के हाइकु लाजवाब । बहुत बधाई लें । मेरे उद्गारों को स्थान प्रदान करने के लिये तहेदिल से संपादन द्वय का शुक्रिया ।

  5. sundar vibhinn bhaavon se bahre haiku ke lie sabhi rachnakaron ko badhai .

    pushpa mehra

  6. मेरे हाइकु को यहाँ प्रकाशित देखकर बहुत खुशी हुई ।सम्पादक द्वय का हृदय से आभार । पाठको का भी धन्यवाद जिन्होने पढ़ा ,सराहा ,उत्साह भरा इस पथ पर आगे बढ़नेका ।

  7. ज्योतसना जी , विभा रश्मि जी, मनीषा जी ,एवं सुनीता शर्मा जी आप सभी के हाइकु बहुत अच्छे लगे ।सब को बधाई ।

  8. विभिन्न भावनाओं को अपने में समेटे इन खूबसूरत हाइकु के लिए आप सभी को मेरी बहुत बहुत बधाई…|

  9. बहुत सुंदर और सटीक हाइकु

    आप सभी को बधाई


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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