Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | फ़रवरी 15, 2018

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1-डॉ सुरेन्द्र वर्मा

1

नभ एकाकी 

किससे करे बात 

ताके धरती 

2

कलियाँ  खिलीं 

कचनार बेबस 

मदनोत्सव 

3

पौन पागल 

बसंत आगमन 

पुष्प स्वागत 

4

साँस फूलती

साँय-साँय करती 

हवा बैरिन 

5

बजाते ताली 

पुरवाई जो चली 

पत्ते प्रसन्न 

6

देखो तो ज़रा 

आई शर्मीली धूप 

लजाता दिन 

7

बाँसों के बीच 

फूटता है संगीत 

हवा की चोट 

8

राजा बसंत 

औचक ही आ जाता 

ऋतु परेशां 

9

किलकारते 

कोपलों से झांकते 

पत्ते नवीन 

10

वसंतागमन 

याद आता भूलता 

नृत्य,गायन 

-0--डा. सुरेन्द्र वर्मा (९६२१२२२७७८),१०, एच आई जी / १, सर्कुलर रोड 

इलाहाबाद -२११००१  

-0-

2-रामेश्वर काम्बोज  ‘हिमांशु’

1

आशा न छोड़ो

भूलो विगत दुःख

मैं हूँ संग में ।

2

मधु चुम्बन

देकर खिला दूँगा

बुलालो मुझे।

3

नेह की आँच

पाएँगे तन- मन

मुस्काओ तुम

4

स्वप्न में आऊँ

पलभर न जाऊँ

तुम्हें तजके।

5

विरह मिटे

बाँध लेना बाहों में

पूरा जीवन ।

-0-

3-प्रियंका गुप्ता

1

तन्हा था मन

आकर रुक जाते

भर सा जाता ।

2

अकेलापन

ढूँढता फिरे मुझे

मैं छिपी रहूँ ।

3

यादों की पर्ची

लिख के रख दी थी

मन के पास ।

4

वादा था किया

भुलाओगे न कभी

याद भी है क्या?

5

रात थी रोई

खूब बारिश हुई

सबने सोचा ।

6

वो साया बना

अँधेरा जब हुआ

कहीं न मिला ।

7

टपके आँसू

तकिये में जा छिपे

ढूँढे न मिले ।

8

हिम्मत बाँधी

दुनिया जब रोके-

करना; ठानी ।

9

प्रेम छलावा

बड़ा मनभावन

चोट दे जाए ।

10

कड़ी है धूप

उधार दे दोगे क्या 

नेह-चादर ?

-0-

4-सीमा सिंघल

1

प्रेम- उत्सव

मन करे शृंगार

भीगें नयन ! ।

2

प्रीत के बोल

मन की देहरी पे

शोर मचाते !

3

प्रेम- संबंध

निभाता जब कोई

प्रेम हो जाता !

4

निश्छल प्रेम

अश्कों के मोती बाँधे

आँखों के सीप !

5

प्रेम- परीक्षा

जिसका परिणाम

सिर्फ प्रेम है !

6

जीवन कहे-

पेट की भूख रोटी

मन की प्रेम !

7

धागे प्रेम के

मन से मन बाँधे

जीवन भर !

-0- सीमा सिंघल,13/20,नेहरू नगर रीवा ,मध्यप्रदेश 486001

<sssinghals@gmail.com>:

-0-

5-चन्द्र प्रकाश वर्मा
1

खिला आकाश
टिमटिमाते तारे
चाँदनी रात।
2

पुरानी टंकी
पानी से बात करे
सारी उमर।

3

अंदर जाती
बाहर जाती साँसें
एक पथिक।                    –
-0-<
bhikhubhai204@gmail.com

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Responses

  1. सभी रचनाकारों ने इतने सुन्दर हाइकु लिखे कि समां बांध दिया, बधाई आप सभी को।

  2. अति सुंदर हाइकु…आप सभी रचनाकारों को बहुत-बहुत बधाई।

  3. आप सभी के बहुत – बहुत सुंदर और मनभावन हाइकु के लिए हृदय से बधाई ।

  4. सभी हाइकु सुन्दर….हार्दिक अभिनन्दन
    स्वप्न में आऊँ, विरह मिटे, अकेलापन, वो साया बना…… बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

  5. बहुत सुन्दर रस सिक्त हाइकु ! पथिक , अकेलापन , स्वप्न में आऊँ ,बजाते ताली …विशेष …सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई !!

  6. आप सभी की उत्साहवर्द्धक टिप्पणियों के लिए धन्यवाद…| आप सभी के इतने बेहतरीन हाइकु के साथ अपने हाइकु को देख कर बहुत खुशी हो रही |
    आप सभी को मेरी हार्दिक बधाई…|

  7. सुंदर सरस सृजन के लिए आप सबको हार्दिक बधाई । सभी को सादर नमन।

  8. आभार आप सभी का …. प्रोत्साहन के लिए …. सादर

  9. बहुत सुंदर और मनभावन हाइकु के लिए सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई !! ।

  10. नए अनुभूतियों के साथ सुंदर
    हाइकु , बधाई ।

    रमेश कुमार सोनी बसना

  11. सलोने सुन्दर हाइकु ।सभी एक से बढ़कर एक हैं ।आप सभी सृजनकारों का स्वागत व बधाई ।

    सस्नेह विभा रश्मि

  12. बहुत सुंदर हाइकु! इस सुंदर सृजन के लिए आप सभी को ढेरों बधाई!

    ~सादर
    अनिता ललित

  13. सुंदर और मनभावन हाइकु के लिए सभी को हृदय से बधाई ।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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