Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | दिसम्बर 10, 2017

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हाइकु

1-डॉ.जेन्नी शबनम

1

मन के भाव

छटा जो बिखेरते

हाइकु होते।

2.

चंद अक्षर

सम्पूर्ण गाथा गहे

हाइकु प्यारे।

3.

वृहत् सौन्दर्य

मन में घुमड़ता,

हाइकु जन्मा।

4.

हाइकु  ज्ञान –

लघुता में जीवन,

सम्पूर्ण बने ।

5.

भारत आया

जापान में था जन्मा

हाइकु काव्य।

6.

हाइकु आया

उछलता छौने -सा

मन में बसा।

7.

दिखे रूमानी

करे न मनमानी

नन्हा हाइकु।

8.

चंद लफ़्ज़ों में

अभिव्यक्ति सम्पूर्ण

हाइकु पूर्ण।

9.

मेरे हाइकु

मुझसे बतियाते

कथा सुनाते।

10.

हाइकु आया

दुनिया समझाने

हमको भाया।

-0-

2-शशि पाधा

1.

ओ री भौजाई!

पीहर सम्भालना

मैं तो पराई।

2.

मोरे बाबुल!

बिटिया परदेस

पीर बिछोड़े।

3.

मधुमालती !

तू क्यों न संग आई

दूँ मैं दुहाई।

4.

तुलसी मैया!

मुझे याद रखना

अपने ब्याह।

5.

रोको कहारों!

बाबुल का अंगना

छोड़ा न जाए।

6.

माँ! सुनो ज़रा

अँखियाँ न बरसें

मेरी सौगंध।

7.

सखी सहेली!

बाँध देना गठरी

गुड्डी पटोले।

8.

ऊँची मुँडेरें

झिलमिल दीपक

बाबुल– घर।

9.

ओ पुरवाई!

संदेसा क्यों न लाई

जा हरजाई।

10.

निक्की बहना!

कहीं मत छुपाना

मिट्टी खिलौने।

-0-

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Responses

  1. Jenni ji बहुत खूब लिखा हाइकु की परिभाषा वह भी हाइकु के रूप में। बहुत सुन्दर लगी।
    और शशि पाधाजी लड़की के पीहर छोड़ कर सुसराल जाते समय की भावनाओ का चित्र बहुत भावुक करने वाला है। आप दोनों को बधाई।

  2. बहुत सुंदर हाइकू हैं, बधाई जेन्नी शबनम जी एवं शशि पाधा दीदी जी

  3. बहुत सुंदर भावपूर्ण हाइकु। जेन्नी जी, शशि जी को बधाई।

  4. डॉ जेन्नी शबनम के हाइकु,हाइकु को परिभाषित करते हुए सहज मन की स्वाभाविक अभिव्यक्ति हैं, वहीं शशि पाधा के हाइकु लोक जीवन मे रचे बसे नारी के कोमल मन को सुंदर ढंग से चित्रित कराने वाले प्रभावी हाइकु है।दोनों को बधाई।

  5. Shiam Tripathi

    डॉ जेनी शबनम जी एवं बहन शशि पाधा जी की रचनाएं पढ़ने का अवसर मिला | नि :संदेह , बहुत ही भावुकता पूर्ण एवं मन भावन लगीं | शशि पाधा जी की रचनाएं देखकर बहुत सारी पुरानी स्मृतियाँ सामने आ गयी | मेरा दिन सुखद हो गया ये पंक्तियाँ पढ़कर …….
    श्याम त्रिपाठी हिंदी चेतना
    -0-

  6. डॉ जेनी शबनम जी ने हाइकु को हाइकू की नज़र से हम तक भेजा वाहह बहुत सुंदर ।बधाई ।

  7. पीहर एक बेटी के लिए कितना अनमोल है इन्ही सुकोमल भावों को बहुत खूबसूरत तरीके से आपने संजोया है शशि जी आपको दिली दाद ।

  8. हाइकु कह रहा हाइकु की गाथा ……बहुत सुन्दर
    पीहर की याद …बहुत सुन्दर
    जेन्नी जी और शशि जी बधाई

  9. हाइकु पर सुन्दर हाइकु…..बधाई जेन्नी जी !

    बिटिया के मन की कथा …बहुत भावपूर्ण !!
    हार्दिक बधाई शशि दी !!

  10. जेन्नी जी हाइकु पर सुन्दर हाइकु रचे हैं | शशि जी पीहर की मधुर यादों से भरपूर हाइकु का सुन्दर सृजन है आप दोनों को हार्दिक बधाई |

  11. दो अलग भावो में रचे गए सभी हाइकु बहुत बेहतरीन हैं | आप दोनों को मेरी ढेरों बधाई…|


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