Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | नवम्बर 13, 2017

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संगीता दत्ता,किलकारी’ बिहार बाल भवन के सौजन्य से  प्राप्त हाइकु [ publication@kilkaribihar.org ]

  1- प्रिंयतरा भारती,   संत जेवियर्स स्कूल, वर्ग- 8

 1

मोर-सी नाचूँ

झमाझम बारिश

मेरी ख्वाहिश

2

सदानीरा हैं

सुख– दुःख दोनों ही

इन नैनों के

3

सारे चेहरे

पड़े सुर्ख, मैंने जो,

बनाया मूर्ख

4

 माँ ने कहा कि

 मेरे लिए जादू तो

 है मेरा शिशु

5

कालातीत था

भूला दिया समझ

कि अतीत था।

6

जि़न्दा मैं अभी,

ऐ मौत, खेल फि़र

खेलना कभी

7

ख्याल आजाद

होते हैं, फि़र भी ये

मन में कैद

8

नन्ही कोपलें

खुशियाँ बिखेरेंगी

इस धारा पे

9

गगनचुम्बी

बनूँगी जरूर ही

एक दिन मैं

10

दीपक बन

फैलाऊँ उजियारा

संसार में मैं

-0-

2- खुशबू सिन्हा ,संत मैरीज स्कूल,वर्ग- 9

1

बिछे थे काँटे,

जन्मी जब बिटिया

खिले कमल

2

पेड़ काटते

जि़दगी से खेलते

आँसू न आते

3

है रामबाण

 सुशिक्षा ज़िन्दगी का

 मानव गढ़े।

4

हम बच्चों की

 किताबों में  भरे हैं

 हीरे व  मोती

5

पंछी की बोली

गजब लगी मीठी

पेड़ों पे डोली।

6

फ़ूलों के बाग

काँटे भरी राह है

हमें मिलाती।

7

घर मेरा ये

सपनों से भरा है

नई ज़िन्दगी।

-0-

3- राजेश्वरी,डी- पी- एस  दानापुर,वर्ग- 6

1

हम हमेशा

 कूड़ा कूड़ेदान में

 डालें भइया

2

गर्मी इतनी

 पंखा चलाओ जब

 तपेंगे हम

3

पेड़ ना काटो,

हम सब के लिए

जीवन हैं ये ।

4

बंदर भाई,

उछले पेड़ पर,

गिरे नदी में

5

तितली उड़ी,

 आसमान को छूने,

 थक गई वो

6

 बारिश आई,

 मोर नाचा, साथ ही

 जंगल नाचा

7

सुबह हम

सब खेल खेले थे,

पसीना छूटा

8

टीचर आए !

सब शोर मचाए,

हैं बच्चे भागे

9

सर्दी आई

 नाक लाल हो गई,

 आग जला ली

10

आँधी है आई

 सारे कपड़े उड़े,

 जल्दी भाग ना

-0-

4 रानी कुमारी,कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स,वर्ग- स्नातक 1

1

कौन है यहाँ

जो दुःख न भोगा है

राम हैं रोए।

2

गिरी उसकी

पलकों पर बूँद

औ’ आँसू बनी

3

ये मेरी कश्ती

मझधार मे फ़ँसी

खेके रहूँगी।

4

जिद है मुझे

आसमाँ  को छूकर

भू पे लाने की

5

पा गया कुछ

वो पागल बना था

यही सच है

6

मोहब्बत का

 काफि़ला निकला है

 काँटों की गली।

7

उँगलियों को

पकड़ तुमने माँ

ग दिखाया।

8

मन वीणा है

मोहब्बत संगीत

जीने यही है।

9

ये झुकी आँखें

उनसे गिरी बूँदें

 टपका दर्द।

10

टूटकर भी

 न टूटे मंजिल पर

 जाने की ज़िद।

-0-

5- सृजन कुमार,लीटरा वैली,वर्ग- 6

1

माँ बड़ी प्यारी

लोरी हमें सुनाती

खुद सो जाती

2

पापा का पैसा

तुरंत खर्च होता

कम बचता

3

 दीदी हैं अच्छी

 बहुत हैं पढ़ती

 खेलतीं नहीं

4

बिजली भागी

पंखा हो गया बंद

पसीना बहा।

5

तेज़ी से उड़ी

बादलों के ऊपर

 मेरी पतंग

6

अइयो रामा!

 आइसक्रीम खा

 मज़ा आ गया।

-0-

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Responses

  1. वाह, मस्ती, ठिठोली, निर्मलता और भावनाओं से पूर्ण मिले-जुले हाइकु… सभी एक से बढ़कर एक हैं।
    खुशबू सिन्हा, प्रिंयतरा भारती, राजेश्वरी, रानी कुमारी, सृजन कुमार शाबाश! यूं ही लिखते रहो।
    संगूता दत्ता जी का आभार, उन्होंने इन प्रतिभाओं से परिचित कराया। हिंदी हाइकु का यह मंच नित नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर हाइकु संसार को समृद्ध कर रहा है, इसके लिए दोनों संपादक साधुवाद के पात्र हैं। नमन!

  2. वाह, मस्ती, ठिठोली, निर्मलता और भावनाओं से पूर्ण मिले-जुले हाइकु… सभी एक से बढ़कर एक हैं।
    खुशबू सिन्हा, प्रिंयतरा भारती, राजेश्वरी, रानी कुमारी, सृजन कुमार शाबाश! यूं ही लिखते रहो।
    संगीता दत्ता जी का आभार, उन्होंने इन प्रतिभाओं से परिचित कराया। हिंदी हाइकु का यह मंच नित नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर हाइकु संसार को समृद्ध कर रहा है, इसके लिए दोनों संपादक साधुवाद के पात्र हैं। नमन!

  3. वाह !बाल मन का खूबसूरत अंकन! यूं ही नित्य नवीन सृजन करते रहें!सभी बच्चों को असीम बधाई!!

  4. बच्चों के अलग – अलग वर्गों ने ,जीवन के विभिन्न रंगों से ,रूबरू कराते मनभावन हाइकु रचे । बहुय स्नेह व शुभाशीष । ऐसे ही अपना रचना -संसार समृद्ध करो बच्चों । खूब स्नेह ।

  5. बहुत बहुत बधाई बच्चों को । उत्कृष्ट सृजन के लिये सभी बच्चों को बहुत बहुत शुभकानाएं और ढेरों आशीष । इसी तरह आप सभी लिखते रहें आगे बढ़ते रहें ।

  6. वाह बच्चों की लगन और उनका सृजन पढ़कर मन उल्लास से भर गया सभी को अनेक आशीष और शुभकामनाएं इसी प्रकार उनकी कलम चलती रहे यही कामना है |

  7. अहा ! अति सुंदर मनभावन हाइकु एक से बढ़कर एक … स्रभी रचनाकारों को बधाई सहित शुभकामनाएं ।

  8. सुंदर भाव भरी सरल बच्चों के मन की बातें हाइकु बन लिखी गई बहुत सुन्दर लगी ।बच्चों को शुभआशीष ।

  9. प्यारे बच्चों मन प्रसन्न हो गया आपके सुंदर हाइकु पढ़कर ।आप सबको ढेर सारा स्नेह और आर्शीवाद ।

  10. विविध रंग लिए बहुत प्यारे हाइकु हैं …नन्ही लेखनी को बहुत शुभकामनाएं !

  11. अलग अलग उम्र के बच्चे, लेकिन सोच सबकी बेहद प्यारी और परिपक्वता से भरपूर…| खूब सारा आशीष, बधाई और शुभकामनाएँ इन सभी उभरती प्रतिभाओं के लिए…और इनसे परिचित करने के लिए आप सभी का आभार…|

  12. कोमल चंचल मासूम भावों से भरपूर अभिव्यक्तियाँ


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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