Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जुलाई 31, 2017

1787


स्वर्गीय राधेश्याम  का वर्षा विषयक लेख

वर्षा के द्वारे

स्वर्गीय राधेश्याम  के अंग्रेज़ी हाइकु की समीक्षा

ताजमहल की समीक्षा

 

 

Advertisements

Responses

  1. Bahut hi sargarbhit lekh hai. Soch aur Khoj kar likha huaa
    Naman
    Rachana

  2. ‘वर्षा के द्वारे’ लेख पढ़कर मन प्रफुल्लित हुआ. बहुत सुन्दर और कोमल भाव से परिपूर्ण लेख मन को मोह लिया. सादर नमन.

  3. स्वर्गीय श्री राधेश्याम जी द्वारा लिखित आलेख तो बहुत सारगर्भित है ही, पर अंग्रेजी आलेख के माध्यम से उनकी रचनाओं से और भी गहराई से परिचय हुआ…| उनको सादर नमन और आपका आभार इन लेखों को पढवाने के लिए…|

    सादर

  4. स्वर्गीय राधेश्याम जी का आलेख ‘ वर्षा के द्वारे ‘ बहुत ही सुन्दर बन पड़ा है ।वर्षा काल का सौंदर्य बोध कोमल – सरल शब्दावली में किया है । साथ -साथ सुन्दर मनभावन हाइकुओं का संदर्भ अद्भुत है । बहुत आनंदित हुई इसका आस्वादन कर ।उनको नमन । संपादक द्वय का आभार आलेख को साझा करने के लिये ।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: