Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जून 6, 2017

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1-रमेश कुमार सोनी

1

प्रकृति रूप

ऋतु वेश संवारें

जीवन न्यारे 

2

वट की लटें

धरा छूने निकले

बच्चों के झूले

3

जंगल घने

चुनौती देते खड़े

घुसो तो जानें

4

वन की भाषा

पशु – पक्षी बोलते

हम ही भूले

5

गाँव निगले

कंक्रीट अजगर

बने शहर

-0-बसना , छत्तीसगढ़ , मोबाल –  ९४२४२२०२०९

-0-

2-कशमीरी लाल चावला
1

पक्षी तो प्यासे

बूंद बूंद तरसे

आए ना मेघ

-0-

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Responses

  1. कश्मीरी चावला जी उम्दा हाइकु,रमेश जी सभी हाइकु बहुत सुंदर

  2. बहुत सुन्दर हाइकु…हार्दिक बधाई…|

  3. सभी हाइकु बहुत बहुत सुन्दर है. आप दोनों को बधाई.

  4. सुंदर हाइकु हेतु सों जी को बधाई |

  5. रमेश जी व कशमीरी लाल जी के वन व प्रकृति के सुन्दर हाइकु । आप दोनों को बधाई ।


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