Posted by: हरदीप कौर संधु | मार्च 25, 2017

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प्रियंका गुप्ता

1

तुम साया थे

अँधेरा जब घिरा

गुम हो गए ।

2

रेत -से रिश्ते

मुठ्ठी में बाँधे रखे

फिसल गए ।

3

ठहर गए

अनजाने से ख़्वाब

नींद के घर ।

4

सिरहाने थी

यादों की क़तरनें

नींद में बुनी ।

5

हो जाता मन

तेरे मुस्कराने से-

गुलमोहर ।

6

दर्द के पेड़

यादों के जंगल में

उगते जाएँ ।

7

कित्ता भी काटो

बढ़ते ही जाते हैं

दर्द के पेड़ ।

8

खुशबू बहे

जो आएँ यादें तेरी

मन के द्वारे ।

-0-

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Responses

  1. दर्द के पेड़
    यादों के जंगल में
    उगते जाएँ । / रेत -से रिश्ते
    मुठ्ठी में बाँधे रखे
    फिसल गए ।
    वाह प्रियंका जी बहुत सुंदर ।

  2. बहुत सुंदर हाइकु प्रियंका जी हार्दिक बधाई

  3. सभी हाइकु बहुत-बहुत सुंदर, भावपूर्ण !
    हार्दिक बधाई प्रियंका जी !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  4. बहुत सुंदर हाइकु प्रियंका जी हार्दिक बधाई!!!

  5. सबका बहुत आभार…

  6. सभी हाइकू बहुत अच्छे लगे |प्रियंका जी बधाई हो इसी तरह लिखती रहिये|

  7. bahut bhavpurn mahiya hain meri shubhkamnayen…


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