Posted by: डॉ. हरदीप संधु | मार्च 23, 2017

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1-सीमा स्मृति

1

बूँद तरसे

जुदाई बादल से

धरती मग्न।

2

करो  संचय

हीरकहार जल

धरा तिजोरी।

3

ये नीर गीत

मानव संगीत

हो गया ताल।

0-

2-डॉ.सरस्वती माथुर

1

गौरैया उड़ी

हरी डालियों पर

मिठास घुली।

2

ओ री गौरैया

मन मधुवन में

गीत बुन जा।

3

मीठी -सी धुन

गौरैया है सुनाती

चीं चीं है गाती ।

4

आना गौरैया

मेरे घर द्वारे पे

प्रभाती गाना ।

5

तुम गौरैया

आँगन में बेटी -सी

कहाँ  जा छिपी?

6

गौरैया आओ

तुमसे है रोशन

जीवन भोर ।

7

क्यों हो री रूठी

जंगल आँगन है

मौन गौरैया।

-0-

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Responses

  1. बहुत मनभावन हाइकु, बहुत बधाई

  2. sundar haiku ,bahut badhaii !

  3. sundar haiku,seema ji badhai .

    pushpa mehra

  4. बहुत मनभावन हाइकु, बहुत बधाई!!

  5. आभार संपादक द्वय स्नेह बनाये रहें ।
    हाइकु पसंद करने वाले आत्मीय जनों का भी आभार


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