Posted by: हरदीप कौर संधु | फ़रवरी 11, 2017

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1-मंजु मिश्रा

1

नफरतों का
जो फैला है जंगल
ख़तम करो 
2
प्रेम का पर्व
बस एक दिन क्यों
रोज क्यों नहीं ?
3
सच है यही
फूलता फलता तो
बस प्यार है 

4

प्यार न हो तो
बेकार है जिंदगी
यकीन जानो

-0-

2-कृष्णा वर्मा

1

फगुनाहट

नूतन संवत्सर

की दे आहट।

2

ऋतु आरम्भ

रंगों की धूम मची

धरा कुटुम्ब।

3

जिया चुराएँ

ज़ाफरानी हवाएँ

प्रीत ढ़ाएँ

4

ओस धुली सी

पुष्पित पंखुड़ियाँ

टपके गंध।

5

चाँद शबाब

रिस रही चाँदनी

प्रेम सौगात।

6

फूला बसंत

साँसों की बगिया में

महके कंत

7

छिड़ी रागिनी

कोकिल हुए कंठ

झूले आनन्द

8

कर सिंगार

बासंती हवाओं ने

बाँटा ख़ुमार।

9

तरंग- गंध

सुधियों में आ घुली

मस्ती की भंग।

10

पी रुत ताड़ी

बौरा झूमीं शाख़ाएँ

चढ़ी ख़ुमारी

11

ताकती शाख

आस भरी आँखों से

खिला वैशाख।

 12

हवा मलंग

छू भरे सिहरन

फूलों के अंग।

13

हवा के पट

खुशबू की मोहर

लगाएं फूल।

14

ऋतु की कृति

रँगी पोशाकें धार

ड़ी प्रकृति।

15

कोकिल धुन

चुप्पी के ताले खुले

चाबी के बिन।

16

रमा वसंत

छाजन से टपकी

महुआ गंध।

-0-


Responses

  1. मंजू जी प्रेम पर्व पर सार्थक हाइकु।
    कृष्णा जी विविध रंगी हाइकु बहुत सुंदर।

    रमा वसंत
    छाजन से टपकी
    महुआ गंध।

    बहुत सुंदर

  2. मंजू जी और कृष्णा जी वह क्या हाइकू रचे हैं हार्दिक बधाई |जिया चुराएं /जाफरानी हवाएं /प्रीत बढायें |बहुत सुन्दर लगा हार्दिक बधाई |

  3. अति सुन्दर हाइकु के लिए मंजु जी एवं कृष्णा जी को बहुत बहुत बधाई

  4. sabhi haiku sunder hain ,mnju ji va krishna ji ko badhai .

    pushpa mehra

  5. मौसमी सुन्दर हाइकु रचना के लिये मंजु मिश्रा जी व कृष्णा वर्मा जी को हार्दिक बधाई।
    विभारश्मि

  6. मंजु मिश्राजी बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति लगी प्रेम पर्व की ।
    कृष्णा वर्मा जी आप का बसंत वर्णन तो हिंदी हाइकु पर पूरी तरह छा गया ।
    चारों ओर सुगंध ही सुगंध फैला दी । मन रंजक दृश्य ,मधुर मिठ्ठी सुगंध खुमारी लाने वाली ।वाह…
    दोनों को हार्दिक बधाई ।

  7. कृष्णा जी वासंती छटा के बहुत ही सुन्दर हाइकू ! बधाई हो

    अादरणीय रामेश्वर जी एवं हरदीप जी मुझे यहाँ पर स्थान देने के लिये बहुत बहुत अाभार !

    सादर
    मंजु मिश्रा

  8. Manju ji Krishna ji…waaaaah

  9. सच है यही–
    फूलता – फलता तो
    बस प्यार है ।………सही बात| भावपूर्ण हाइकु के लिए मंजु जी को बधाई !
    रमा वसंत
    छाजन से टपकी
    महुआ गंध। सभी हाइकु सुन्दर कृष्णा जी के, बधाई स्वीकारें !

  10. मंजु मिश्रा जी,कृष्णा वर्मा जी ..आप दोनों को हार्दिक बधाई..सभी हाइकु बहुत सुंदर

  11. बहुत ही सुंदर हाइकु ! प्रेम, बसंत और फागुन के रंग … अत्यंत मनमोहक !
    हार्दिक बधाई मंजू मिश्रा जी एवं कृष्णा दीदी !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  12. प्रेम , वसंत ,फागुन की सुन्दर सुषमा !
    मंजू जी एवं कृष्णा दीदी को हार्दिक बधाई !!

  13. अति उत्तम अभिव्यक्तियाँ मंजु मिश्रा जी,
    मधुर मधुर अभ्व्यक्तियां कृष्णा वर्मा जी

  14. बड़ी मनभावन अभिव्यक्तियों वाले इन सभी हाइकु के लिए आप दोनों को हार्दिक बधाई…|


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