Posted by: डॉ. हरदीप संधु | फ़रवरी 9, 2017

1723


1-डा.आनन्द जोशी, नेपाल (सम्पादक नेवा: हाइकु)

1

dr-ananda-joshiताल निश्चल

सो रहा है शहर

गर्भ में लावा ।

2

गर्मी- मौसम

जल भी ज्वालामुखी

त्रस्त कोरल ।

3

खेत बगर

नदी भी प्रदूषित

विकास स्तव्ध ।

4

तृषित टापू

व्यस्त जन–युद्ध में

स्थायीत्व-पथ ।

5

शान्त समुद्र

डूब गया जहाज

स्तब्ध सुनामी ।

-0-

2-डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर।

1-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af1

चित का चोर

करे कुंज- विहार

चोला बासंती!!

 

2

खिला यौवन

है उन्मत्त पवन

बसंत ऋतु!!

3

गया बसंत

इन्तज़ार के चिह्न

दिखे पत्तों पर!!

4

पीताभ तन

बसंत उपवन

हाथों में हाथ!!

5

बासंती छटा

है प्रिय बिन सूनी

सुदूर कंत!!

-0

3-कमला घटाऔरा

1

याद हो न हो

मन नहीं भूलता

जो पाया कभी ।

2

चिर जीवित

अहसास प्यार का

जाए न कहीं ।

3

शिकवा नहीं

अपनाया भुलाया

बेबसी होगी  ।

4

राह में लोग

मिलते जब कभी

यादें बनते ।

5

अकेले कहाँ ?

राह की हमराहीं

मधुर

Advertisements

Responses

  1. सभी के हाइकु एक से बढ़कर एक हैं ।
    बधाई

  2. वाह
    Dr Anand ji …Bahut Khub Likha

  3. आ.कमला जी
    सुंदर भावनाएं

  4. आ.संपादकद्वय !आपका आभार ,हमें यहाँ स्थान देकर कृतार्थ किया।

  5. ताल निश्चल\ सो रहा है शहर \ गर्भ में लावा | सुंदर-वास्तविक स्थिति का सटीक वर्णन ,गया
    बसंत \ इंतज़ार के चिन्ह\ दिखे पत्तों पर(पे)|शिकवा नहीं \अपनाया भुलाया \बेबसी होगी |
    इनके साथ- साथ शेष सभी सुंदर हाइकु के लिए डॉ.जोशी जी ,पूर्णिमा व कमला जी को बधाई| पुष्पा मेहरा

  6. डॉ जोशी जी सभी हाइकु अत्यंत प्रभाव पूर्ण हैं विशेषकर तृषित टापू / व्यस्त जन युद्ध में /स्थायित्व पथ |हार्दिक बधाई |पूर्णिमा जी और कमला जी को भी हार्दिक बधाई सुन्दर रचना के लिए |

  7. कमला जी ,आनन्द जी ,पूर्णिमा जी
    आप सबको हार्दिक बधाई …..सभी हाइकु बहुत उम्दा

  8. आनंद जी एक एक हाइकु लाजवाब।
    कमला जी पूर्णिमा जी, बहुत सुंदर। सभी को शुभकामनाएं।

  9. बहुत उम्दा हाइकु। आनंद जी, पूर्णिमा जी, कमला जी आप सभी को हार्दिक बधाई।

  10. ताल निश्चल
    सो रहा है शहर
    गर्भ में लावा ।
    बहुत सुन्दर चित्रण…|

    गया बसंत
    इन्तज़ार के चिह्न
    दिखे पत्तों पर
    भावप्रवण…

    राह में लोग
    मिलते जब कभी
    यादें बनते ।
    बिलकुल सही…|

    सुन्दर हाइकु के लिए आप सभी को बहुत बधाई…|

  11. आनन्द जोशी जी के सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे।
    विशेष

    ताल निश्चल
    सो रहा है शहर
    गर्भ में लावा ।

    गहरा भाव।

  12. पूर्णिमा जी बसंत हाइकु अच्छे लगे।

    चित का चोर
    करे कुंज- विहार
    चोला बासंती!!

  13. कमला जी सटीक हाइकु
    शिकवा नहीं
    अपनाया भुलाया
    बेबसी होगी ।

  14. नए भावों से सजे सुन्दर हाइकु ..बहुत बधाई आनन्द जोशी जी

    बसंत की मनोहर छटा …हार्दिक बधाई पूर्णिमा जी

    सुन्दर भावभीने हाइकु कमला दी ..बहुत बधाई !

  15. जोशी जी हर रंग की हाइकु रचना बहुत सुन्दर लगी । पूर्णिमा जी बसंतआगमन और बसंत गमन के सुन्दर चित्र उकेरे आप ने भी ।आदरणीय सम्पादक द्वय आप ने हिंदी हाइकु में शामिल करके बहुत प्रोत्साहित किया । हृदय से बहुत बहुत आभार ।

  16. सभी हाइकु बहुत बढ़िया!
    डॉ आनंद जोशी जी, डॉ पूर्णिमा जी एवं आ. कमला जी को हार्दिक बधाई !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  17. बहुत सुन्दर हाइकु हैं आनंद आ गया पढ़कर सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई – शशि
    पुरवार

  18. बहुत सुन्दर हाइकु हैं आनंद आ गया पढ़कर सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई – शशि


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: