Posted by: डॉ. हरदीप संधु | नवम्बर 20, 2016

1991


1-सुनीता काम्बोज

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जल जाएँगे

तब नींद खुलेगी

जल के बिन

2

कितने दिन

तड़पेंगे ये नैना

तेरे ही बिन

3

धुंधलाए से

अब सारे ही रिश्ते

गूँगे बहरे

4

सुन विश्वास

बाँध कर रखना

अपने पास

5

दर्पण देख

खुद लिखना सीख

अपने लेख

6

बड़ा विशाल

माँ का अंतर्मन तो

गहरा ताल

7

रिश्ते बिकते

फिसलन बड़ी है

कैसे टिकते

8

मन का घोडा

कितना समझाया

फिर भी दौड़ा

9

सावन झूले

सुन्दर बचपन

भी न भूले

10

मीरा जोगन

रँगा मोहन रंग

उसका मन

11

उड़ी पतंग

टूटी जब ये डोरी

लड़ी पतंग

12

उच्च चरित्र

सम्भव है गर हो

मन पवित्र

13

बड़ी उदासी

बिन तेरे रहती

आँखियाँ प्यासी

14

ये तन्हाई

जीवन छत पर

क्यों ऐसे छाई?

-0-

2-विजय आनंद

1
जीवन -वृक्ष
काँटों- सी उलझनें
फूलों से ख्वाब
2

रात की कोख
उजाले की प्रसूति
पंछी चहके

-0-

3- नरेंद्र श्रीवास्तव
1

पक्षी नभ में
मस्त उड़ें आज़ाद
दाना चोंच में।
2
आज़ादी- रंग
पेड़ ,मुँडेर पर
बैठे विहंग।
3
चाँद निकला
उम्मीद जागी फिर
चकोर मन।
4
नदी में आ के
खो गईं बूँदे पा के
प्यार अपार
5
आँखों में आँसू
उसके भी, मेरे भी
अपनापन।
6

पतंग ऐसे
आसमान में उड़े
मुद्दे हों जैसे।
-0-

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Responses

  1. सुनीता जी, विजय जी, नरेंद्र जी लाजवाब हाइकु।

  2. सादर धन्यवाद आदरणीय भैया जी ..सादर नमन

    आँखों में आँसू
    उसके भी, मेरे भी
    अपनापन।

    नरेंद्र जी सभी बहुत सुन्दर

    विजय जी बहुत सुंदर हाइकु

  3. सादर धन्यवाद अनिता जी

  4. बेहतरीन हाइकु के लिए आप सभी को बधाई…|

  5. सुनीता जी,विजय जी,नरेंद्र जी..खूबसूरत हाइकु..सामूहिक बधाई स्वीकारें

  6. उम्दा हाइकु…आप सभी को बहुत बधाई!

  7. काँटों सी उलझनें
    फूलों से ख़्वाब । ये बडी यथार्थ पंक्तियाँ हैं । कवि को बधाई ।

  8. प्रिय सम्पादक द्वय
    बहुत दिनों के बाद अपने कुछ हाइकु भेज रहा हूँ ।
    सुधेश
    dr_sudhesh@yahoo.com

  9. सुनीता जी, विजय जी, नरेंद्र जी बेहतरीन सृजन।

    विशेषकर….
    उड़ी पतंग
    टूटी जब ये डोरी
    लड़ी पतंग ।

    जीवन -वृक्ष
    काँटों- सी उलझनें
    फूलों से ख्वाब

  10. सुनीता जी….बहुत ही सुंदर एवं भावपूर्ण हाइकु ! विशेषकर-रिश्ते बिकते/फिसलन बड़ी है/कैसे टिकते –बहुत ही बढ़िया !
    विजय आनंद जी, नरेंद्र श्रीवास्तव जी … बहुत अच्छे हाइकु !
    आप तीनों को हार्दिक बधाई !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  11. bahut sundar haiku …sabhi ko badhaii !


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