Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अक्टूबर 29, 2016

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1-मंजू गुप्ता

Traditional diya lamp lit on colorful rangoli

1
दिये जलाओ
अमावस की रात
दिवाली मने ।
2
अँधेरी रात
दीपमालिका शुभ
संदेश लाई।
3
दीप रोशनी
ज्ञान  प्रतीक बन
प्रेरित करे।
4
घर -घर में
सुख शांति बरसे
यही वर दो।
-0-

2-रंजना  त्रिखा
1
स्वागत द्वार
सजीं दीप लड़ियाँ
आओ माँ लक्ष्मी ।
2.
दीप जलाए
रँगोली रचा कर
वन्दन करें।
3
रौशनी झारे
धरा पर उतारें
दीपावलियाँ ।
4

रौशनी फैला
मन –कलुष मिटा
हँसे दीवाली ।
5
नेह दीपक
प्रेम बाती फैलाए
अपनापन ।
6.
मिट्टी का दीप
स्नेहासिक्त बाती
रौशन जग ।
7
धरा उतरी
तारों जड़ी चुनरी
दीवाली रात ।
8

 दीप से दीप
जले, झिलमिलाए
मन से मन ।
-0-

ranjanatrikha@gmail.com
-0-
%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b03-चंचला इंचुलकर सोनी
1
दियों ने गाया
चीर कर अंधेरा
रोशनी राग।
2
श्री आगमन
भूमि अलंकरण
दीप सुमन ।
-0-
-ccsonic@gmail.com

 

4-रीता ठाकुर
1
दीप जलाओ
मिटे विश्व तमस
जगे रोशनी।
2
हैं जगमग
जले दीप माटी के
फैली रोशनी।
3
द्वार अल्पना
फूल रंग सज्जित
शुभकामना ।
4
दीप – शृंखला
सज गई दिशाएँ
नवेली  राहें
-0-ritachaudhary.gmail.com

-0-
5-मीनाक्षी भटनागर
1
दीपावली हो
मन का हर कोना
आलोकमय।
2
दीप या गीत
मन प्रफुल्लित हो
झंकृत हृदय ।
3
आसमान में
बिखर गए रगं
सजी रंगोली।
4
आज हरेंगे
साँसो के दीप जला
सारे अँधेरे।
5
गीतों में आग
भावों में  चिराग
आ मन जाग।
-0-
mbf21b@gmail
-0-
6-पुष्पा सांघी
1
दीये -सा दिल
जला उमर भर
रोशन घर
2
नयन -दीप
जलते हरदम
आओ ना तुम ।
3
चाँद तारों की
हसरतें जलाके
हँसे पटाखे ।
4
ताश की बाजी
दिवाली में दिवाला
छूटा निवाला

-0-pushpasinghi.ctc@gmail.com

-0-
oil_lamp_on_rangoli7-जितेंद्र प्रसाद माथुर
1
तम का नाश
करता छोटा दीप
जलाता तन ।।
2

मावस काली
शुभ हो दीपावली
आप सबकी ।।
3

रजनी रँगी
बारात दीपकों की
अन्धेरा भागे ।।
5
शुभ-कामना
ज्योति दिवस पर
आपको मेरी ।।
-0-

8-रंजना वर्मा
1
एक किरण
ढेर -सा अँधियारा
मिटाती रही ।
2
माटी का दिया
जब रौशन किया
अँधेरा  पिया ।
3
दीपों की पाँत
तारिकाओं  की भाँति
जगमगाती ।
4
श्रद्धा का दीप
शहीदों को अर्पित
प्रेम सहित ।
-0-ईमेल  ranjana.vermad@gmail.com

 

9-डॉ.सुषमा सिंघवी
1
माटी बेमोल
बाती का नहीं तोल
स्नेह से ज्योत।
2

अच्छा या बुरा
दीप  से  दीप जले
उजाला करे।
3
दीप- जीवन
बने बाती- सा तन
जले , ज्योति दे ।
4
रचे काजल
दीप अंधेरा खावे
नैन सजावे ।
-0-

 dr.sushmasingvi@gmail.com
-0-
10- महिमा (श्रीवास्तव)वर्मा
1
नन्हा -सा दीप
घने तमस पर
खींचे लकीर ।
2
दीप -लड़ियाँ
टिमटिम करती
फुलझड़ियाँ ।
3
दीप अकेला
मिटाने जल रहा
तम पहरा ।
4
ज्ञान- प्रकाश
प्रज्वलित हो  रहा
अंतस- दीप ।
5
खुशियाँ छाई
सज्जित घर-द्वार
दीवाली आई
6
रंगीनी रची
हुलसित है मन
रंगोली सजी
-0-mahimaverma@gmail.com
-0-
jlta-hua-diya

11-गुंजन अग्रवाल
1
रहीं ताकती
टिमटिमाते दीप
आँखें पारखी ।
2
तम को भींच
आलोकित जीवन
दीए की प्रीत ।
3
जी भर जिया
बुझने से पहले
नन्हा -सा दीया ।
4
नेह की बाती
अँधेरे को समेट
बाहें फैलाती ।
5
फैला प्रकाश
कुम्हार का सृजन
नन्हा सा सूर्य ।
-0-

12-ज्योतिर्मयी पंत
1
दीये से दीया
जलता रहे जब
हारे अँधेरा ।
2.
माटी व बाती
स्नेह से मिलकर
देते उजास ।
3.
आस जगा दे
प्रदीप्त  दीपक
घुप्प अँधेरा
4

सजी रंगोली
द्वारे  बंदनवार
आई दीवाली।
5
दीपमालिका
अल्पना सजा रही
गृह बालिका ।
-0-
13- डॉ.अतुल्यकीर्ति व्यास
1
जगमगाओ,
अन्तरतम मेरा,
दीपमालिके।
2
दिवाली पर,
गौर वर्ण पा गई,
श्यामल रात।
3
दीप दमके,
घर, गली, मुहल्ले,
मन अँधेरा।
4
जगमगाती,
रोशनियाँ हँसती,
अँधेरों पर।
-0-
14-अमृता मंडलोई पोटा
1
प्रकाश- पर्व
दीप जगमगाये
शुभ दिवाली।
2
रंगोली सजे
वसुधा सुशोभित
पावन पर्व ।
3
माटी -दीपक
रोशनी  चहुँ  ओर
पर्व सुन्दर।
4
नन्हा दीपक
अंधकार मिटाए
आशा जगाए।
-0-
15-कल्पना भट्ट
1
जलते दीप
रोशन होता आँगन
प्रफुल्लित हों ।
2
जलती ज्योति
बढ़ती उम्मीद है
ख़ुशी आएगी ।
-0-
klpna_bhat@yahoo.com
-0-
16-अर्चना माथुर
1
दीया जलाया
मन कुसुमित से
शुभ दीवाली ।।
2
घर के द्वारे
सजी-धजी जलती
दीपमालिका ।।
3
दीपों का पर्व
मंगल फूल खिले
सजी रंगोली।
-0-

 archnamathur2@gmail. Com

-0-
17-ज्योत्स्ना इन्द्रेश

1

दीपों की पंक्ति

तारावलि   समक्ष

नेह  मित्रता।

2

मन दीपक

आज स्नेह -पूरित

प्रिय – प्रतीक्षा ।

3

प्रकाश-रथ

विष्णुप्रिया  बैठती

हरती  दु;ख।

-0-

18-मंजु शर्मा

1

दीप मालिका

लील रही तमस

लक्ष्मी आगम ।

2

धरा गुहार-

शोर -धुँआ रहित

सच्ची दीवाली ।

3

धरा पे सजी

देख दीपों की माला

गगन जला ।

4

ज्योति से ज्योति

मिल समेटी धरा

स्नेहिल बंध

-0- mnjs64@gmail.com

-0-

19-गीता पुरोहित

1

एक दीपक

चौराहे पर जले

राह दिखाए।

-0-

20-अंशु विनोद गुप्ता

1

सुवर्ण स्मित

उर तिमिरमय

अश्रु उन्माद ।

2

तिमिर हारे

सिंचित अभिलाषा

आँगन द्वारे ।

-0-

21-संगीता गुप्ता

1.

दीप प्रतीक

सिपाही बन लड़े

युद्ध तम से ।

2

रंग बिखरे

रंगोली में मन के

उमगी वामा ।

3

दमके गृह

सजती दीपमाला

फैला उजाला ।

-0-

22-कश्मीरी लाल चावला

1

यादों के दीप

जीवन भर जला

मने दीवाली ।

-0-

23-सुशील शर्मा

1

कम्पित दीप

तेज है झंझावात

फिर भी हँसे।

2

स्नेहिल दीप

सबको बाँटता है

प्रेम प्रकाश।

3

उदास दीया

टिमटिमाता जला

बुझ न सका।

4

मन का दीया

जब तक न जले

अँधेरा पले।

5

हँसता दीया

दीवाली की बधाई

बाँटता फिरे।

6

दीए की बाती

शरीर संग आत्मा

जीवन ज्योति।

7

मन के कोने

आस का दीया जला

बुझ न पाए।

8

दीपक ज्योति

झिलमिल जलती

सुख की बाती।

9

प्रकाश पर्व

रोशन अंतर्मन

जलते दीये।

10

मेरा दीपक

दर पर तुम्हारे

बना पाहुना।

11

दीपों की माला

खुशियों की कतारें

घर में उजाला।

12

मन मतंग

दीपमालाओं संग

उठी उमंग।

-0-archanasharma891@gmail.com

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Responses

  1. आहा ! ……. अति मोहक प्रस्तुति। शुभकामनाएँ।

  2. सरस्वती दीप साहित्यिक पत्रिका के सभी सदस्यों को इस प्रांगण में देख कर मन ख़ुशी से ज्योर्तिमय हो गया ।ह्रदय से संपादक द्वय का आभार ।स्नेह बनाये रहें । बहुत सुंदर सजा है दीपावली पर हिंदी हाइुक का आँगन चौबारा । सभी रचनाकारों को भी बधाई व शुभकामनाएँ ।

  3. बहुत सुंदर…सभी रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक हाइकु लिखें हैं…बधाई दीपोत्सव पर्व की ….

    आंगन खिला
    हिन्दी हाईकु सजा
    दीपों के संग!!

    डॉ.पूर्णिमा राय

  4. …बहुत सुन्दर हाइकु रचे …..सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई !!!.

  5. सबसे पहले मैं दिवाली पर दिए गए मेरे चार हाइगा को हिंदी हाइकु वेब पत्रिका में स्थान देने हेतुसम्पादक द्वय का आभार व्यक्त करती हूँ , दीपावली पर लिखे गये सभी के हाइकु अच्छे लगे | कभी – कभी अपने हाइकु का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए किसी दूसरे की दी गई पोस्ट से (haiga )में बिना नाम और बिना सिर के हाइकु लिखकर भेजना अनुचित है ,ऐसा करने पर मूल रूप से देने वाले को यदि हम भूल भी जाएँ तो भी हाइकु और haiga दोनों का ही असली स्वरूप बिगड़ जाता है और ऐसा हुआ भी मुझे अपना अधूरा haiga देख कर वैसा ही दुःख हुआ जैसा एक माँ को अपने शिशु के विकृत रूप को देख कर होगा |
    पुष्पा मेहरा

  6. बहुत सुंदर हाइकु सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई

  7. बहुत सुन्दर ,रुचिर ,मनोहर प्रस्तुति ..सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई !!

  8. सुन्दर हाइकु और मनोरम हाइगा के लिए बहुत बहुत बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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