Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अक्टूबर 29, 2016

1680


301

1-डॉ सरस्वती माथुर
1.
घर के द्वारे
लक्ष्मी का आगमन
मन दीपक ।
2.
फैले उजियारे
तमस हरकाते
दीपक सारे।
3.
दीपक बाती
झिलमिल करते
देहरी द्वारे ।
4.
धरा के तारे
हैं रोशनी के झारे
दीपक सारे।
5.
दीप बुनते
ज्योति- बंदनवार
शुभ त्योहार ।
6.
नेह के दीप
जगमग आँगन
ख़ुशियाँ झरे।
7.
शक्ति को भरे
ज्योतिर्मय हो मन
विजय करे।
8
मन के दीप
समता सदभाव से
करें उजाला ।

-0-

2-डॉ.पूर्णिमा राय     
1

आपसी स्नेह
भावना के दीपक
चलो जलाएँ!!

2
जलते दीपक
तम मिटाने हेतु
हुआ मिलाप!!

3
मन- आँगन
दीप की लौ बढ़ाती
प्रेम-सौहार्द!!

4
सुखद स्पर्श
भावपूरित नैन
चमक लौ की!!

5
दीपक की लौ
निराशा में आशा को
करे सजीव!!

6
शुद्ध विचार
स्वस्थ वातावरण
दीप जलाना!!
7

दीप माटी के
मनमोहक लगें
जला के देखो!!

8
खरीदें दीये
रौनक चेहरे पर
निर्धन खिला!!

9
बिकें दीपक
दुआएँ दामन में
सजी दीवाली!!

-0-

3-भाई बहिन  – मनीषा सक्सेना

1

बहन मेरी

सच्ची दोस्त है मेरी

हमेशा साथ

2

भाई है दोस्त

भेंट है ईश्वर की

बसे दिल में ।

3

भाई बहिन

सुरक्षा जाल जैसे

एक दूजे के ।

4

भाई -बहिन

सूर्य– चाँद जितने

भिन्न इतने ।

5

भाई जो करे

बहिन सब जानें

भले छुपाये

6

भाई की चाल

समझे न माँ-बाप

बहिन जानें

7

छोटा भइया

कब होगा तू बड़ा

,कभी नहीं

8

भाई बहिन

एक दूजे के लिए

होते आईना

9

सौम्य व सुस्त

संकट के  समय

बहिन शेरनी

-0-

१७जी बेल्वेडीयर प्रेस कम्पाउंड

मोतीलाल नेहरू रोड

इलाहाबाद २२१००२

manisha.mail61@gmail.com

-0-

4-राजीव गोयल

1

दीपक जला
घबरा के अँधेरा
पैरों में गिरा ।

2

सूरज  ढला
करने को उजाला
दीपक जला ।

3

दिखाए राह
थका नही अब भी
बूढा दीपक ।

4

जलता रहे
जीवन के दीप में
उम्र का तेल ।

5

लगाये आग
कुलदीपक जब
निश्चित नाश

6

दीपक राग
पिघला दे अँन्धेरा
बहे प्रकाश

7

बिकेंगे दीये
तभी गरीब घर
जलेंगे दीये

-0-

3025-रमेश कुमार सोनी

1

नदियों संग

ज्योति रथ चलते

दीपदान से।।

2

कर्म उजले

अप्प दीपो भव से

रोज दीवाली।।

3

उजास भरो

वृद्व की ड्योढ़ी कभी

तुम दिवाली।।

4

उत्सव पंक्ति

पाँच दिन दिवाली

सौभाग्यशाली।।

5

दीप बने हैं

रौशनी चौकीदार

उम्मीद जिंदा।।

6

आयी दिवाली

पधारों म्हारें घर

श्री महालक्ष्मी।।

7

दीप बने हैं

तारें जमीन पर

माटी ताकत।।

8

राज अंधेरा

अमावस का हठ

दीपों ने तोड़ा।।

9

दीपों का स्नेह

हीरों जड़ी दिवाली

खील- बताशे।।

10

आँधियो रुको !

दीपमालिके खड़ी

दीप सजाए।।

11

माटी दीप में

अखण्ड लौ दमके

मन के सच्चे।।

12

दीपशिखाएँ

उम्मीद है जगाती

ज्योति जीतेगी।।

13

छँटी निराशा

कोना–कोना रौशन

दीपों से आशा।।

14

झोपड़ी डरे

कैसे बुलाऊँ लक्ष्मी

भूखे हैं चूल्हो ।

जे.पी. रोड़ बसना 493554(छ.ग.)

rksoni1111@gmail.com

9424220209

-0-

6-रेणु चंद्रा
1
खुशियाँ बाँटें
सार्थक हो दिवाली
यही कामना ।
2

कोठों में धान
लक्ष्मी का वरदान
शुभ दिवाली ।
3

नन्हा-सा दिया
अंधकार मिटाए

हौसला बड़ा ।
4

दीप से दीप
जलते चले गए
फैला उजाला ।
5

प्रेम दीपक
ज्ञान की बाती जली
मिटा अँधेरा ।

-0-

 

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Responses

  1. बहुत सुंदर…सभी रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक हाइकु लिखें हैं…बधाई दीपोत्सव पर्व की ….

    आंगन खिला
    हिन्दी हाईकु सजा
    दीपों के संग!!
    डॉ.पूर्णिमा राय

  2. मेरी हाइकु रचना को स्थान देने हेतु आ.रामेश्वर जी सादर.नमन सहित आभार…

  3. सुन्दर सृजन !!!सभी! रचनाकारों को हार्दिक बधाई !!!

  4. सरस्वती जी पूर्णिमा जी बहुत सुंदर सृजन हार्दिक बधाई आप दोनों को

  5. मनीषा जी रमेश जी राजीव जी रेनू जी उम्दा सृजन के लिए आप सबको हार्दिक बधाई

  6. बहुत सुन्दर हाइकु ..हार्दिक बधाई !

  7. प्यारे हाइकु और मनभावन हाइगा के लिए बहुत बधाई


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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