Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अक्टूबर 10, 2016

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प्रियंका गुप्ता

1

कौन समझे

क़ैद में तड़पते

पंछी का दर्द ?

 2

ख़ता थी मेरी

तुम्हें प्रेम करना

सज़ा भुगती ।

3

ग़र न होता

प्यार में दर्द छिपा

मज़ा न आता ।

4

पूछना नहीं

आँसुओं की क़ीमत

अमूल्य होते ।

5

जग ने कहा

ठुकरा देना प्रेम

प्रीत न मानी ।

-0-

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Responses

  1. हाइकु के माध्यम से कड़वा सत्य वर्णित…बढ़िया जी

  2. बहुत सही लिखाहै-
    ‘जग ने कहा
    ठुकरा देना प्रेम
    प्रीत न मानी ।’
    प्रीत कहाँ सुनती है जग की !
    बहुत -बहुत बधाई !

  3. सभी हाइकु सुंदर हैं | प्रियंका जी बधाई
    पुष्पा मेहरा

  4. बहुत सुंदर, मन को छूने वाले हाइकु …बधाई प्रियंका जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. प्रियंका जी सभी हाइकु सुन्दर हैं विशेषकर …जग ने कहा …..हार्दिक बधाई ।

  6. बहुत भाव भीने हाइकु …बहुत बधाई !

  7. सभी हाइकु सुंदर हैं | प्रियंका जी बधाई!!!


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