Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जून 7, 2016

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1-सुदर्शन रत्नाकर

1

बिन बादल

सूना जग-आँगन

आओ बरसो।

2

बरसो घन

आस लगाये बैठे

धरती-जन।

3

तपती धरा

झुलसे तन-मन

नहीं साधन।

4

वायुमंडल

जलती हो ज्यों ज्वाला

मेघा आओ ना।

5

तुम्हीं सहारा

जल बिन है सूना

जन-जीवन।

6

प्रचंड गर्मी

व्याकुल पशु-पक्षी

प्यास बुझा दो।

7

दानी कर्ण -से

सर्वस्व हो लुटाते

धरा के लिए।

-0-

2-संगीता बैनीवाल

1

हाल बेहाल

जल बिन जीवन

काल के गाल

2

असंतुलन

वायु पेड़ हम

सीधा सम्बन्ध

3

पावकमय

कंक्रीट वन चिना

ओज़ोन छिदा

4

पेड़ की डाल

खग नीड़ बिछौना

दोनों बचाना

5

भटका जीव

बिगाड़ा संतुलन

पर्यावरण

   -0-

 3-आभा सिंह

1

नक्कारे बजे

तड़ित डोली सजे

मेघ कहार

2

नभ नौकाएँ

मेघों के पाल खुले

हवा- झिंगोले

घन साँवरे

वंशी धुन बिखरे

बूँदें निखरे

4

माखन मेघ

काजल घुल रहे

टपके गिरें

5

 श्यामा घटाएँ

उमड़-घुमड़के

झील में छाएँ ।

6

बादल डोलें

रुई के झुरमुट

हवा हिंडोले

7

जले हैं बीज

जलद जल दो न

सपने थके

8

अम्बुद  राजा

जंगल नद सूखे

पाँखी निहोरें

9

मेघदूत रे

मेरी यक्षिणी तके

संदेसे ले जा

10

बादल आजा

सगुन मना सजा

हँसी धरा की

-0-

4-विभा रश्मि

1

घटा छा गई ,

तिनकों के घोंसले

झेलेंगे मार ।

2

बरस मेघा

कृषक भाग्य लेखा

बूँदों से लिख ।

3

डबडबाए

बदरा कजरारे

मल्हार गारे ।

4

बदरा कारे

घनघोर बरस

लगा कजरा ।

5

मेघा -संदेसा

पी नगरी सूँ लाया

पढ़ – बरस ।

6

का से मैं  कहूँ

पीर हिय की अब

कहाँ नीरद  ?

7

खाली आसमाँ

जलद फेरा लगा

तरसा  गया।

8

बूँदों के ख़त

लेता  आ मेघदूत

अँखियाँ झरीं  ।

9

राह तकती

घट मस्तक धर

रुलाई  रोके  ।

-0-

5  – सुशीला श्योराण

1

भाव परिंदे

चुन-चुन आखर

काढ़ें कशीदे ।

2

देख मुंडेर

आई उड़ के प्यास

लौटी निराश ।

3

हँस दी आशा

फ़ूटी कोंपल देख

भगी निराशा।

4

व्याकुल प्राण

बरसो घनघोर

मेघा दो त्राण ।

5

पड़ें फ़ुहार

आओ; गाओ सखियो

राग मल्हार।

6

मिली किस्सों में

इश्क़ वफ़ा की बातें

दबे पन्नों में।

7

इश्क़ ख़ुशी है

लिखा था सफ़हों पे

जले ख़तों के।

-0-

6-सीमा स्मृति

1

छोटी बदली

सूरज को चिढ़ाए

धरा मुस्काए।

2

खेत सुनाएँ

बेरुखी की कहानी

देख घटाएँ।

3

साजन मेघ

क्यों  यूँ हुए बेदर्दी

घर ना आए।

-0-

7-रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’

1

धरा व्याकुल

लगे प्राण कण्ठ में

आजा बादल !

2

दिशा –दिशा में

बरसो तुम जीभर

बाजे  माँदल ।

3

पखेरू प्यासे

झुलस गए  डैने

छाना जंगल ।

4

लू –लपट में

झुलसा है अम्बर

प्राण विकल ।

5

धरती चीखी

जीव-जग तड़पे

जल सम्बल ।

6

नयना सूने

सूने हैं सरोवर

खाली आँचल ।

-0-

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Responses

  1. सभी रचनाकारों के हाइकु लाजवाब .
    बधाई

  2. आज के सभी हाइकुकारों की बादलों से जल बरसाने की मनुहार बहुत प्रभावशाली रही ।अब तो मेघों को धरा की पीर हरने आना ही पड़ेगा । बहुत दिनों बाद उच्च कोटि के हाइकु पढ़ने को मिले । सब को बधाई ।

  3. बहुत कमाल के हाइकु आप सभी हाइकुकारों को हार्दिक बधाई।

  4. बहुत उम्दा हाइकु आप सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई,,

  5. सभी हाइकु मनभावन
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।

  6. सभी हाइकु सुंदर
    रचनाकारों को बधाई।

  7. गर्मी से त्रस्त,धरती व जीव बदरा की राह तक रहे हैं । सभी रचनाकारों के सभी हाइकु सुन्दर – सटीक । आ. काम्बोज भाई ,सुदर्शन जी ,संगीता जी , आभा दी , सुशीला जी, सीमा जी सुंदर हाइकु के लिए बहुत बधाई । मेरे हाइकु को स्थान देने के लिए बहुत आभार ।

  8. भीषण गर्मी के प्रकोप से छुटकारा पाने हेतु बादलों को आवाज लगाते , जल व जंगल का महत्व बताते हाइकु हेतु काम्बोज भाई जी ,सुदर्शन जी ,संगीता जी ,आभा,सुशीला व ,सीमाजी को बधाई |पुष्पा मेहरा

  9. सभी हाइकु कारों के हाइकु प्रचण्ड गर्मी से राहत की पुकार लगा रहें और बादलों से बरसने की मांग करते प्रतीत हो रहें ।सामयिक हाइकु हैं सभी को हार्दिक बधाई ।

  10. तप्त धरा पर तपे हृदयों को शीतल करते बेजोड़ हाइकु।
    आ.भैया को, आभा सिंह जी, विभा रश्मि जी, संगीता बैनीवाल जी, सीमा स्‍मृति जी, सुदर्शन रत्नाकर दीदी, सुशीला शिवराण जी, सभी को बहुत बहुत बधाई।

  11. बाजे माँदल …..बहुत ही सुंदर रूपक….

    सभी हाइकु मेघों का आह्वान करते हुए शीतल फ़ुहार से मन को लुभाते हैं। हिमांशु भैया,सुदर्शन दी ,संगीता जी ,आभा जी,विभा जी व सीमाजी को बधाई !

  12. अनेक प्रकार से वर्षा, बादल और मौसम को मनाते सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं ….मन को रस सिक्त करते …आदरणीय भैया जी , सुदर्शन दी ,आभा दी , विभा दी , सुशीला जी , संगीता जी ,एवं सीमा जी को हार्दिक बधाई !

  13. सभी हाइकु बहुत सुन्दर और मनमोहक भी …. आदरणीय भैया जी , सुदर्शनजी ,आभा जी विभाजी , सुशीला जी , संगीता जी ,एवं सीमा जी को हार्दिक बधाई ।

  14. बहुत ही बेहतरीन हाइकु हैं सभी…सभी को बधाई…|


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