Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 22, 2016

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1-भूपिंदर कौर भोपाल

1

भुपिन्दर कौरसारंग आ

उमड़े व घुमड़े

बरस ग

2

शंख बजाओ

सब दीप जलाओ

गाओ आरती

3

बरसे मेघ

छाई  हरियाली

सुखी जीवन

4

सजी बारात

बजी शहनाई रे

मंगल गाएँ

5

साजन आ

तब छाई बहार

खिली कलियाँ

-0- 36 प्रकाश नगर बिजली कालोनी गोविंद पुरा भोपाल (म ़ प्र) 462023

 pali kaur <pali.kaur54@gmail.com

-0-

2-भूपेंद्र कुमार सिंहकुन्दन
1

भूपेन्द्र सिंहचलो बचाएँ
हरित बाग बन
पेड़ लगाएँ।
2

औषधि बन
नित रखे सभी का
तरु जीवन ।
3

छाँव है देता
ताप सहन कर
तरु क्या लेता ?
4

खासमखास
बगल जब होते
किसकी आस ?
5

लाज न आती
सड़क काटकर
खेत बनाता ।
6

दुख के बाद
सरस सुख आता
क्यों घबराता ?
7

दुख देती है
कभी प्रकृति यह
सुख देती है ।
8

गर्मी की मार
स्वर्ग सी अनुभूति
बही बयार ।
9

है चहुँओर
पक्षी का कलरव
गाँव का भोर ।
-0-
ग्राम- जोत आसरे(कोमरे),   पोस्ट-अमोढ़ा,  जिला-बस्ती, उ.प्र.   Mobile -7388815861
-0-

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Responses

  1. भूपिंदर कौर जी और भूपेंद्र जी आपदोनों का स्वागत है हाइकू रचनाकारों में ।सभी हाइकू अच्छे लगे ।आप दोनों इसी तरह सुन्दर सृजन करते रहें अनेक शुभकामनाएं ।

  2. haiku parivar men aapka svagat hai aap dono ke haiku bahut achhe hain meri hardik badhai aap donon ko,,

  3. RESPONSES

    भूपिंदर कौर जी और भूपेंद्र जी आप का स्वागत है सभी हाइकू उत्कृष्ट लगे ।आप दोनों को अनेक शुभकामनाएं ।

  4. भूपेंद्र जी एवं भूपिंदर जी का हार्दिक अभिनन्दन । सुन्दर सृजन सारंग आये ,है चहुंओर सुन्दर लगे बधाई एवं शुभकामनाये ☺

  5. भूपिन्दर कौर जी बहुत सुन्दर लगे सब हाइकु । इसका क्या कहना… सारंग आये /उमड़े व घुमड़े /बरस गये ।स्वागत है आप का इस हाइकु मंच पर ।पुन: भी आयें ।
    भूपेंद्र जी आपने भी सुन्दर सृजन किया बहुत भाया …है चहुँ ओर/पक्षी का कलरव / गाँव की भोर ।सुन्दर अभिव्यक्ति गाँव का मोहक चित्र खींचती ।पुन: भी आये ।स्वागत आप का ।बधाई दोनों को ।

  6. भूपिन्दर कौर जी तथा भूपेन्द्र जी आप दोनों के उम्दा हाइकुओं के लिए हार्दिक बधाई।

  7. भूपिन्दर कौर जी आपके सभी हाइकु सुन्दर लगे,हार्दिक शुभकामनाएं।
    सम्पादक द्वै आपको प्रणाम, रचना को मंच प्रदान करने हेतु, बहुत-बहुत धन्यवाद; बहुत-बहुत आभार।

  8. भूपिन्दर जी एवं भूपेन्द्र जी अाप दोनो का हिन्दी हाइकू परिवार मे स्वागत है । सभी सुन्दर हाइकुअों मे से मुझे ये दोनो विशेष रूप से अच्छे लगे ।

    सारंग आए
    उमड़े व घुमड़े
    बरस गए … बारिश का बहुत सुन्दर चित्रण, हाइकू जैसी संक्षिप्त कथन की विधा मे बादलों के अाने से लेकर बरस जाने तक सब कुछ १७ वर्णों मे समेट दिया, अनुपम !

    चलो बचाएँ
    हरित बाग बन
    पेड़ लगाएँ … हरित क्रांति का अावाहन करता सुन्दर हाइकू ! अाज सचमुच इस सन्देश के जन जन तक पहुँचने की बहुत अावश्यकता है

    सादर
    मंजु मिश्रा

  9. भूपिंदर कौर जी और भूपेंद्र जी आप का स्वागत है सभी हाइकू उत्कृष्ट लगे ।आप दोनों को अनेक शुभकामनाएं ।

  10. सविता अग्रवाल,डा.भावना कुँवर,मंजू गुप्ता,सुनीता अग्रवाल, कमला,कृष्णा वर्मा,मंजू मिश्रा एवं ज्योत्सना प्रदीप जी आप सभी को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद एवं नमन।

  11. दुख के बाद
    सरस सुख आता
    क्यों घबराता ?
    सारंग आए
    उमड़े व घुमड़े
    बरस गए ।
    aapdono ne bahut sunder likha hai badhai aapko
    rachana

  12. भूपिंदर जी और भूपेन्द्र जी का हाइकु परिवार में स्वागत करते हुए उनके अच्छे हाइकु के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ…|

  13. सविता जी भावना जी मंजु जी सुनीता जी कमला जी कृष्णा जी भूपेंद्र कुमार जी मंजू मिश्राजी ज्योत्स्ना जी रचना जी प्रियंका जी साथ सम्पादक जी आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया जोकि आपने मेरे हाइकु के प्रथम प्रयास को सराह कर मुझे होंसला दिया |
    भुपिन्दर कौर


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