Posted by: हरदीप कौर संधु | मई 8, 2016

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 1-सुदर्शन रत्नाकर

1

माँ की ममता

सकल ब्रह्मांड में

नहीं समता।

-0-

2-डॉ ज्योत्स्ना शर्मा

1

झुकाऊँ माथ

ममता भरा हाथ

सदा हो साथ

-0-

3आभा सिंह

1

माँ की गोद के

गुनगुने सन्नाटे

दिलासे बाँटे ।

2

मम्मी का होना

दुखड़े उड़न छू

मज़े से जीना ।

3

पिता होते हैं

घर की पूरी छत ,

माँ पूरा घर ।

-0-

4-सीमा स्मृति

1

भटके जीव

खोजे  है ठंड़ी छाँव

जीवन– गाँव।

2

मन पथिक

अनंत मरीचिका

फँसे मीन-सा ।

 3

देती थकन

मन की अटकन

मिले न ठाँव ।

4

ईश की याद

क्यों दर्द की राह में

जले दीप-सी।

5

जली प्रेम  लौ

भटकन की आँधी

गई बुझा क्यों ।

6

 जीवन-साँझ

मन जपे है राम

धुँधला धाम।

-0-


Responses

  1. सुदर्शन जी, ज्योत्स्ना जी, आभा जी, सीमा जी बहुत अच्छे हाइकु

  2. सुदर्शन जी ,आभा दीदी,ज्योत्सना जी एवं सीमा जी बहुत सुन्दर हाइकु के लिये बहुत बहुत बधाई ।

  3. सुदर्शन जी ,आभा जी ,ज्योत्सना जी एवं सीमा जी बहुत सुन्दर हाइकु…. बहुत बहुत बधाई ।

  4. सुदर्शन जी ,आभा जी , ज्योत्स्ना जी एवं सीमा जी बहुत सुन्दर हाइकु…सुन्दर हाइकु के लिये . बहुत बहुत बधाई ।

  5. मर्मस्पर्शी हाइकु के लिए सभी को बधाई…|


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