Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अप्रैल 14, 2016

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1-आभा सिंह

1

उम्र का मेला

रेलम पेला, खेला

ठेला ,धकेला।

2

मीठी बोली ज्यों

नमक की खान में

गुड़ की भेली

3

बँटवारे में

बँटीं तीन दीवार

घर, बेघर ।

4

आज सहेली

मन है रो लेने का

थाम हथेली

5

सूनी दीवारें

रहे न ताक आले

वो प्यार वाले

6

चन्द्रमा उगा

बाँसों का झुरमुट

नींद से जगा

7

पोखर आँके

चाँद की परछाँई

पानी में झाँके

8

जुगनुओं ने

जला दी हैं कंदीलें

रौशन झीलें

9

छिटके तारे

नदिया में निहारे

काले नज़ारे

10

सूरज राजा

सुबह की लाली से

पाँवड़ा सजा

11

हरी दूब के

शबनमी लश्कारे

चिलकी मारे

12

सागर बना

दिलफेंक मछेरा

दिन मछली

13

सुनें आहटें

लेटके आँखें मूँदे

भोर टहले

14

बहकी हवा

फुसफुसाती चले

नशे में जवा

15

चाँदी बादल

धुनकी की रुई– से

नीली फुई-से।

16

ढलती धूप

फुदकी मुँडेर पे

लो, छत से छू।

-0-

1-प्रियंका गुप्ता

1

बोई फसल

रात के आसमाँ पे

उगी  चाँदनी ।

2

बन्द रखे थे

नींद ने दरवाज़े

ख़्वाब खड़े थे ।

3

देखा वो ख़्वाब

न चाहा था जागना

लो टूटी नींद ।

4

वादा तो न था

इस ज़िन्दगी संग

फिर भी जीऊँ ।

5

सोचा नहीं था

ज़िन्दगी लेगी वादा

यूँ भी जीने का ।

6

नींद ने देखो

शामियाने ताने थे

मेहमाँ ख़्वाब।

7

क्यारी में रोपे

तेरे लिए सपने

उगी खुशियाँ ।

8

आएगा कोई

खटखटाने द्वार

कब था पता ?

9

लो टूटी डोर

बुन रही थी ख़्वाब

तेरी ख़ातिर ।

-0-

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Responses

  1. प्रियंका जी के हाइकु तो सुन्दर होते ही है , आपोखर आँखे शा जी के भी कम नहीं हैं|पोखर आँखे चाँद की परछाई ,जुगुनुओं की कंदीलें , सागर दिल फेंक मछेरा, सुनें आहटें – वाह! क्या बात है! हार्दिक बधाई |
    सुरेन्द्र वर्मा |

  2. प्रियंका जी के हाइकु तो सुन्दर होते ही है , आशा जी के भी कम नहीं हैं| पोखर आँके चाँद की परछाई ,जुगुनुओं की कंदीलें , सागर दिल फेंक मछेरा, सुनें आहटें – वाह! क्या बात है! हार्दिक बधाई |
    सुरेन्द्र वर्मा |

  3. आभा सिंह जी बहुत सुंदर बिम्ब उकेरे आपने । बधाई व स्वागत।

    जुगनुओं ने
    जला दी हैं कंदीलें
    रौशन झीलें ।
    अति सुंदर।

    प्रियंका जी हमेशा की तरह उम्दा हाइकु वाह!!

  4. आभा जी ,आपके द्वारा रचे सभी हाइकु अत्यंत मोहक हैं विशेषकर …
    जुगनुओं ने/ जला दी कंदीलें /रौशन झीलें | पोखर आंके /चाँद की परछाई …..|
    हार्दिक बधाई |

    प्रियंका जी आपके भी सभी हाइकु के सुन्दर सृजन पर बधाई हो |

  5. सभी एक से बढकर एक लगे हाइकु
    बधाई

  6. वाह आभा जी लाजवाब हाइकु ताज़ा हवा का झोंका चला हो जैसे ।
    सूनी दीवारें
    रहे न ताक आले
    वो प्यार वाले ।
    6
    चन्द्रमा उगा
    बाँसों का झुरमुट
    नींद से जगा ।
    7
    पोखर आँके
    चाँद की परछाँई
    पानी में झाँके ।
    8
    जुगनुओं ने
    जला दी हैं कंदीलें
    रौशन झीलें ।
    प्रियंका जी उम्दा रचनाये
    लो टूटी डोर
    बन रही थी ख्वाब
    तेरी खातिर

    उगी चाँदनी
    😊👍

  7. बहुत सरस, मनमोहक बिम्बों से सुसज्जित बेहतरीन हाइकु —आभा जी हार्दिक बधाई।

    पोखर आँके
    चाँद की परछाँई
    पानी में झाँके ।

    जुगनुओं ने
    जला दी हैं कंदीलें
    रौशन झीलें ।

    बहुत सुन्दर सभी हाइकु प्रियंका जी —-बहुत-बहुत बधाई!

  8. बहुत ही खूबसूरत हाइकु आ आभा जी, प्रियंका जी

    पोखर आँके
    चाँद की परछाँई
    पानी में झाँके ।

    जुगनुओं ने
    जला दी हैं कंदीलें
    रौशन झीलें

    हार्दिक बधाई आप दोनों हाइकू कारों को 🙂

  9. आप सबकी उत्साहवर्द्धक प्रतिक्रियाओं के लिए दिल से आभारी हूँ…|
    आभा जी, आपके सभी हाइकु बहुत मनमोहक हैं…| आपको हार्दिक बधाई…|

  10. yun to sabhi haiku bahut sundar hain, lekin ye vishesh roop se man mhote hain

    मीठी बोली ज्यों
    नमक की खान में
    गुड़ की भेली … bilkul sahi, ajkal ke mahaul me ….

    बन्द रखे थे
    नींद ने दरवाज़े
    ख़्वाब खड़े थे ….. neend ke band darwaje aur unke bahar khade khwab… vaah ekdam anoothi kalpana

    नींद ने देखो
    शामियाने ताने थे
    मेहमाँ ख़्वाब … neend ke shamiyane me khwab mehman … adbhut

  11. आभा जी और प्रियंका जी सभी हाइकु बहुत मनमोहक हैं। आप दोनों को हार्दिक बधाई।

  12. मोहक बिम्ब लिए सुंदर हाइकु आदरणीया आभा जी ..वंदन अभिनंदन !

    सदा की तरह बहुत सुंदर हाइकु प्रियंका जी ..हार्दिक बधाई !

  13. मीठी बोली ज्यों \ नमक की खान में \गुड़ की भेली| सही लिखा है | प्रियंका जी ख़्वाब सोते -जागते ,उठते – बैठते जीवन में रंग भरते हैं , मानव मन की यही तो मूक आवाज़ हैं इनके बिना जीवन निर्जन है , जहाँ तक मेरे मन मेंअभी – अभी यह विचार आया है मित्र व रिश्तों
    की कोमल कड़ी भी सपने ही जोड़ते और तोड़ते हैं| अति सुंदर सृजन हेतु आभा जी व प्रियंका
    जी को बधाई |
    पुष्पा मेहरा

  14. बहुत सुंदर हाइकु प्रियंका जी बड़े सजीव बिम्ब उकेरे हैं

  15. आभा जी एक से बड़कर हाइकु लेकर आई आप का स्वागत है ।फिर भी आयें । मन को बहुत भाये….उम्र का रेला ….. छिटके तारे/नदिया में निहारे / काले नज़ारे ।
    और प्रियंका जी क्या कहने आप भी बहुत सुन्दर हाइकु लेकर आईं….बोई फसल / रात के आसमाँ पे/ उगी चाँदनी । सुन्दर कल्पना है ।और यह भी कहीं मन में समा गया …. वादा तो न था /इस जिन्दगी संग / फिर भी जीऊँ ।बधाई दोनों का ।

  16. ati sundar haiku bahut sajeev bimb Priyanka ji hardik badhai
    Abha Singh

  17. भावपूर्ण रचनाएँ वो भी सुन्दर बिम्ब के साथ …. आदरणीया आभा जी आपका ..वंदन है अभिनंदन है !
    सदा की तरह बहुत सुंदर हाइकु प्रियंका जी ..
    .आभा जी व प्रियंकाजी को .हार्दिक बधाई !

  18. बहुत सुंदर

  19. बहुत ही सरस , मनमोहक बिम्ब उकेरे आभा दी व प्रियंका जी आपने ।खूब बधाई ।

  20. बहुत सुन्दर हाइकु आभा दी आपको व प्रियंका जी को बहुत बहुत बधाई ।


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