Posted by: हरदीप कौर संधु | अप्रैल 9, 2016

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 1-अनिता मण्डा

1
नींद ले गई
सपनों की आहट
अकुलाहट
2
काले बादल
दमकती दामिनी
व्याकुल मन।
3
रास्ते तो वही
मंजिलें हैं बदली
दूरियाँ बढ़ी।
4
हुए माहिर
मुखौटे बदलना
भूलते कहाँ।
5
दक्ष मकड़ी
खुद उलझी रही
जाल बुनती।
6
मकड़जाल
सबको उलझाए
तोड़ा न जाए।
7
सर्द हवाएँ
खाँस कर पीपल
तोड़े सन्नाटा।
8
किसको भाया
दायरों में बँधना
उफनी नदी।
9
तम से जूझे
रात भर जुगनू
भोर में सोए।
10
ताप न मिला
कच्ची मिट्टी की ईंट
पानी में बही।
-0-

2- विजय आनंद

1

समय सिंधु
लहरों सा जीवन
अग्निपरीक्षा।

2

साँझ की वेला
बालों पर सफेदी
आशा का दीप ।

3.

सीपी में चाँदी
भूलाभटका राही
दिशाविहीन।
4.
तट सुदूर
निराशा का तिमिर
आस का पंछी।
5
आँख के मोती
निःशब्द अभिव्यक्ति
दर्द के राग ।
6.
उर जलन
आँसुओं से भड़की
याद तुम्हारी ।

7.

नाचती हवा
सितारों के नुपुर
नशीली ज्योत्स्ना
8.
वक़्त की बर्फ
धरती की चिलम
सूर्य की आँ
-0-


Responses

  1. अनीता मंडा जी और विजय आनंद जी दोनो ने ही हाइकु द्वारा सुन्दर अभिव्यक्ति को व्यक्त किया है |
    मकडजाल
    सबको उलझाए
    तोड़ा न जाए |
    बहुत सार्थक लगा |हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं |

  2. bahut sundar haiku
    dono rachanaakaaron ko haardik badhaaii

  3. बहुत सुन्दर हाइकु … अनिता जी, विजय जी बहुत बधाई!

  4. sabhi haiku sunder hain,anita va vijay ji ko badhai .
    pushpa mehra

  5. बहुत बहुत सुन्दर हाइकु … अनिता जी, विजय जी बहुत बधाई!

  6. बहुत सुन्दर हाइकु … अनिता जी, विजय जी बहुत बहुत बधाई!

  7. अनीता जी विजय जी आप दोनों को सादर बधाई एवं शुभकामनायें बहुत सुंदर हाइकू हैं !भैया का आभार पढवाने हेतु !!

  8. सुंदर हाइकु रचनाकारों को बधाई।

  9. मेरे हाइकु को यहाँ स्थान देने के लिए संपादक द्वय का हार्दिक आभार। उत्साह बढ़ाने हेतु सविता जी, ज्योत्स्ना जी, कृष्णा जी, पुष्प जी, सीमा जी, गुँजन जी, अनुपमा जी, सरस्वती जी आप सभी का दिल से आभार।
    विजय जी सुंदर हाइकु रचना के लिए बधाई।

  10. आप सब विज्ञाताओं का हृदय से आभारी हु उत्साहवर्धन के लिए..

  11. भावपूर्ण प्रस्तुति ! सभी हाइकु अतिसुंदर !
    अनीता जी एवं विजय जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !!!

    अनीता जी का अंतिम (ग्यारहवाँ) हाइकु अधूरा रह गया।

    ~सादर
    अनिता ललित

  12. सभी हाइकु अतिसुंदर !

    ताप न मिला
    कच्ची मिट्टी की ईंट
    पानी में बही।

    आँख के मोती
    निःशब्द अभिव्यक्ति
    दर्द के राग ।

    बहुत खूब !
    अनीता जी एवं विजय जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !

  13. सुन्दर हाइकु के लिए मेरी बहुत बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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