Posted by: डॉ. हरदीप संधु | फ़रवरी 9, 2016

1572


1-डॉ भावना कुँअर

1

मौन के घर

है भर गया कोई

मीठे -से स्वर।

2

मौन क्यूँ धारे

मन -परतें खोल

पा ले किनारे।

3

पूछे  है मौन-

चुरा ले गया कौन?

बातों के सोते।

4

 खुश था मौन

 गुलदस्ता बातों का

 लाया था कौन?

5

बरस पड़ीं

मौन से घिरी आँखें

पा अपनों को।

6

मेरी खामोशी

बरसों बाद बोली

मौका था होली।

-0-

2-ज्योत्स्ना प्रदीप

1

कहीं अटका

तो काँच -सा चटका

दिल -दर्पण ।

2

ज्योति बेबाक

झुकी पयोधि पर

चाँद है अवाक् !

3

चाँद रुआँसा

शीतल है चाँदनी

फिर भी प्यासा !

4

मुझ पर है

तेरा ही साया पर

तू ही पराया !

5

बढ़ती फ़िक्र

चाहे तेरा कोई भी

करे न ज़िक्र ।

6

मेरा ये मन

जो तुझमें उलझा

रहा झुलसा ।

7

तेजाबी आँसू

नयनों में  ठहरे

ज़ख्म गहरे ।

8

गम कम हैं

किसी और की सही 

आँखे नम हैं ।

9

यादें पुरानी

बन गई हैं आज

आँखों का पानी

10

मेरी दो बाँहें

तेरे आँसुओं की हैं 

प्यारी पनाहें

11

निरखे धरा

तारों के पार कौन ?

निःशब्द,मौन ।

-0-

Advertisements

Responses

  1. आदरणीया भावना कुँवर जी, ज्योत्स्ना प्रदीप जी बेहतरीन हाइकू आपके बहुत बधाई

  2. बरस पड़ीं
    मौन से घिरी आँखें
    पा अपनों को।
    sunder
    निरखे धरा
    तारों के पार कौन ?
    निःशब्द,मौन ।
    kya baat hai
    badhai aapdono ko
    rachana

  3. भावना जी, ज्योत्स्ना जी बहुत सुंदर हाइकु रचने के लिए आपको बधाई।

  4. बरस पड़ीं
    मौन से घिरी आँखें
    पा अपनों को।

    चाँद रुआँसा
    शीतल है चाँदनी
    फिर भी प्यासा !
    भावना जी ज्योत्सना जी बहुत ही बेहतरीन हाइकु। आप दोनोें को हार्दिक बधाई।

  5. मौन पर उत्कृष्ट हाइकु ।भावना जीऔर ज्योत्सना जी बहुत सारी बधाई ।

  6. सुन्दर हाइकु सृजन के लिए डॉ भावना कुँअर जी और ज्योत्स्ना प्रदीप जी मेरी बधाई और शुभकामनाएँ स्वीकार करें !

  7. सुंदर हाइकु , भावना जी व ज्योत्स्ना जी को बधाई |

    पुष्पा मेहरा

  8. bahut bhaavpoorn haaiku !
    jyotsna ji evam bhawna ji ko haardik badhaii !!

  9. बेहद सुन्दर हाइकु ! भावना जी और ज्योत्स्ना जी शुभकामनायें ….
    ‘पूछे है मौन
    चुरा ले गया कौन
    बातों के सोते’…. लाजवाब!!

  10. ‘निरखे धरा
    तारों के पार कौन
    निःशब्द,मौन’…..गहन!!

  11. मौन पर सुन्दर हाइकु लिखे हैं भावना जी ने । ज्योत्स्ना जी के सुन्दर हाइकु दर्द की सटीक अभिव्यक्ति करते हैं ।

    दोनों हाइकुकारों को हार्दिक बधाई ।

  12. maun par chahkte khubsurat haiku …badhayi aap sabhi ko 🙂
    बरस पड़ीं
    मौन से घिरी आँखें
    पा अपनों को।

    यादें पुरानी
    बन गई हैं आज
    आँखों का पानी ।

  13. भावना जी और ज्योत्स्ना जी सभी हाईकु की रचना मनभावन है एक हाइकू ने सबसे ज़्यादा प्रभावित किया .मेरी दो बाँहें ….
    आप दोनों को हार्दिक बधाई .

  14. भावना जी व ज्योत्सना जी सभी हाइकु बहुत बहुत सुन्दर ।बधाई ।

  15. सभी हाइकु सुन्दर हैं तथा प्रभावशाली बिम्ब विधान से युक्त हैं। भावना जी और ज्योत्स्ना जी को साधुवाद एवं हार्दिक बधाई !

  16. एक से बढ़कर एक हाइकु ! बहुत ही भावपूर्ण और मन को छूने वाले !
    हार्दिक बधाई भावना जी व ज्योत्स्ना जी !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  17. saare haiku bahut hi sundar ..ye to bahut hi bhaav purn
    बरस पड़ीं
    मौन से घिरी आँखें
    पा अपनों को।
    bhawna ji ko haardik badhaii saath hi aap sabhi ka tahe dil se shukriya !

  18. बहुत भावपूर्ण हाइकु हैं…हार्दिक बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: