Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जनवरी 21, 2016

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1-शशि पाधा

1

धूप रचाए

किरणों से मेहंदी

धरा हथेली

2

भीनी बयार

रेशमी अहसास

क्या तुम पास ?

3

हवा के पंख

अनंत नील गगन

पंछी -सा मन।

4

समय- रथ

अंतहीन डगर

रुके, न थमे।

5

माघ महीना

धूप गई पीहर

सूना पी घर।

6

अम्बर बुने

तारों जड़ी चूनर

धरती ओढ़े।

7

धुंध कुहासा

संकरी सी गलियाँ

खो गई धूप।

8

शब्द सँजोएँ 

सन्नाटे का कलरव

मौन की भाषा।

9

जला अलाव

हार गया था शीत

काठ की जीत।

10

शब्दों के बाण

बिंध जाएँ गहरे

रक्त ना बहे।

-0-

सविता अग्रवाल ‘सवि’

1

पंख समेटे

घोंसलों में दुबके

धूप को ढूँढें

2

सूरज रूठा

छुपकर बैठा है

कौन मना ?

3

कोहरा छाया

रास्ते धुंध में खो

राही भटके।

4

शीत नगरी

श्वेत चादर ओढ़े

विधवा माँ सी

5

नभ की कोख

बढ़ रहा सूरज

धीरे धीरे से

-0-

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Responses

  1. Bahut sundar haiku!
    Shashi ji aur Savita ji shubhkaamnayen!

  2. सभी हाइकु बहुत ही सुंदर एव भावपूर्ण ! विशेषकर –शब्दों के बाण/बिंध जाएँ गहरे/रक्त ना बहे।
    हार्दिक बधाई शशि दीदी एवं सविता जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  3. बहुत मनमोहक हाइकु…आप दोनों को बहुत बधाई…|

  4. शब्द सँजोएँ \ सन्नाटे का कलरव \मौन की भाषा | शशि जी सत्य पिरोया है आपने ,बधाई |

    नभ की कोख\ बढ़ रहा सूरज \ धीरे – धीरे से| सच में फैल रहे हैं धूप के भी चरण,सुनीता जी सुंदर हाइकु बधाई |

    पुष्पा मेहरा

  5. धूप रचाए /किरणों से मेहंदी/धरा हथेली
    सूरज रूठा/छुपकर बैठा है/कौन मनाए ?
    बहुत ही सुन्‍दर हाइकु । आप दोनों को हार्दिक बधाई ।

  6. वाह शशि जी, वाह सविता जी बहुत सुंदर बिम्ब संजोए आपने बधाई।

  7. आप दोनों को ख़ूबसूरत हाइकुओं के लिए शुभकामनाएं!

  8. शशि जी ,सुन्दरता से बिम्ब उकेरा है बधाई | मेरे हाइकु को पसंद करने के लिए सभी प्रशंसकों को धन्यवाद | सम्पादक द्वय का भी मेरे हाइकु को स्थान देने के लिए धन्यवाद |

  9. सभी हाइकु बहुत ही ख़ूबसूरत ! हार्दिक बधाई शशि पाधा जी एवं सविता अग्रवाल ‘सवि’ जी !

  10. आदरणीय सम्पादक द्वय एवं सभी मित्रों का हार्दिक आभार |

    शशि पाधा

  11. सुन्दर ,मधुर बिम्ब लिए बहुत ही सुन्दर हाइकु ….दोनों आदरणीया हाइकुकारों को हार्दिक बधाई !!

  12. bahut sundar bahut bahut badhai

  13. धूप रचाए
    किरणों से मेहंदी
    धरा हथेली

    सूरज रूठा
    छुपकर बैठा है
    कौन मनाए ?वाह शशि जी, वाह सविता जी……….. बहुत सुंदर बिम्ब संजोए आपने बधाई

  14. बहुत सुंदर_बधाई
    शशिजी एवं सवि जी।


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