Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जनवरी 17, 2016

1558


1- डॉ० भावना कुँअर

BHK-2016-2सर्दी उदास

खटपट हो गई

धूप से आज

2

टहलने को

चली घर से धूप

खोया था रूप।

3

झुग्गी उदास

इमारतें निगलें

धूप को आज।

4

दु:खी जो मन

अलाव न दे पाए

कोई तपन।

5

परदेस में

मुँडेर चढ़ी धूप

खोजती फिरूँ।

-0-

2-डा०कविता भट्ट

1

लजाकविता भट्ट -मेन धूप

पलकें ना उठा

नव वधू -सी

2

अमृत– बूँदें

प्रिय प्रेम तुम्हारा

चाय -चुस्की -सा

3

गर्म लिहाफ़

आँखों में निरन्तर

स्वप्न -शृंखला

4

कोहरा ढक ले

अठखेलियाँ सारी

प्रिय संग की

-0-

3-अनिता मण्डा

1

दुबक रही,

बर्फ़ की रजाइयाँ

ओढ़ें घाटियाँ।

2

मीठी -सी धूप

रुके पल दो पल

होती ओझल।

3

बर्फ़ के फाहे

पहाड़ों को ओढ़ाएँ

सर्द हवाएँ।

4

सहलाती है

गुनगुनी सी धूप

ले माँ का रूप।

-0-Anitamandasid@gmail. Com

 

Advertisements

Responses

  1. सर्दी और धूप को लेकर इतने सुन्दर हाइकु सृजन के लिए आप सभी को हार्दिक बधाई ! ” मेरी बधाई / आपके सृजन से / धूप लजायी। “

  2. सभी हाइकु बहुत सुंदर एवं भावपूर्ण !
    हार्दिक बधाई भावना जी, कविता जी तथा अनीता !

    ~सादर
    अनिता ललित

  3. बहुत सुन्दर रचनाएँ
    परदेस में
    मुँडेर चढ़ी धूप
    खोजती फिरूँ। सुन्दर भाव डॉ० भावना कुँअर जी
    अमृत– बूँदें
    प्रिय प्रेम तुम्हारा
    चाय -चुस्की -सा बहुत सुन्दर डा०कविता भट्ट जी
    बर्फ़ के फाहे
    पहाड़ों को ओढ़ाएँ
    सर्द हवाएँ। बहुत सुन्दर अनिता मण्डा जी

  4. बहुत सुन्दर मनमोहक हाइकु!
    भावना जी, कविता जी, अनीता जी बहुत बधाई!

  5. बहुत सुंदर ,मधुर हाइकु !
    सभी को हार्दिक बधाई !!

  6. बहुत ही सुन्‍दर एवं मधुर हाइकु । आप सभी को हार्दिक बधाई।

  7. मेरे हाइकु को यहाँ स्थान व स्नेह देने हेतु आभार।
    भावना जी, कविता जी बहुत अच्छे लगे आपके हाइकु। बधाई

  8. बहुत सुन्दर मोहक हाइकु, सभी को बधाई.

  9. dhuup ko dhundhate, vikas ki munder chadhin imarton par akchhep karte haiku sunder hain , amrit- buunden……. pyar ki garmi ki chay ki garmi se tulna,, pahadon par barfh dho ke latin barfeeli havayen , sabhi haiku sardi mein bhi apni dhoop bikher rahe hain, bhawna ji ,kavita ji va anita ji bahut -bahut badhai .
    pushpa mehra .

  10. Sabhi ko badhai or aabhar

  11. भावना जी, कविता जी एवम् अनीता जी शीत ऋतू पर आप तीनों के बहुत सुन्दर हाइकु

    बधाई स्वीकार करें

  12. तीनों कवियित्रियों की बहुत सुन्दर रचनाएं –
    खटपट हो गई धूप से आज
    लजाई धूप पलकें न उठाए
    मीठी सी धूप रुके पल दो पल
    क्या बात कई! बधाई.
    सुरेन्द्र वर्मा

  13. Behad sundar haiku!
    Bhawna ji, kavita ji aur Anita ji shubhkaamnayen!!
    झुग्गी उदास
    इमारतें निगलें
    धूप को आज।…..laajawaab!

  14. भावना जी ,कविता जी और अनीता जी सर्दी में हर क्षण को दर्शाते हाइकु हैं बधाई .

  15. सभी स्नेहिजनो को धन्यवाद

    कविता

  16. आप सभी स्नेहिजनो को धन्यवाद

    कविता

  17. बहुत सुंदर हाइकु !भावना जी, कविता जी एवम् अनीता जी शीत ऋतू पर आप तीनों के बहुत सुन्दर हाइकु……….. सभी को बधाई.


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: