Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अक्टूबर 5, 2015

शब्द ही शब्द


डा.सुरेन्द्र वर्मा
1
हठी बेकाबू
ठेलती झगड़ती
शब्दों की भीड़ ।
2
सकारात्मक
जोश से लबालब
युवा है शब्द।
3
रोता -झींकता
हँसता ,मचलता
बच्चा है शब्द ।
4
बासी व बूढ़े
रूठे और अकेले
कातर शब्द ।
5
अंधे बहरे
अपाहिज कुंठित
शब्द खंडित ।
6
डींग हाँकते
स्वकेन्द्रित विक्षिप्त
शब्द पागल ।
7
शब्दों से घिरे
चारों और जकड़े
शब्द हैं हम ।
8
शब्द हैं हम
हम नहीं अक्षर
मौत निश्चित ।
9
ऋचा हैं शब्द
श्लोक और आयत
शब्द प्रार्थना ।
-0-
10, एच आई जी / 1, सर्कुलर रोड / इलाहाबाद

Advertisements

Responses

  1. अप्रतिम! अद्वितीय! शब्दातीत!
    शब्द हैं हम
    हम नहीं अक्षर
    मौत निश्चित

  2. वाह! बहुत-बहुत सुंदर! शब्दों की इससे ख़ूबसूरत व्याख्या और क्या हो सकती है !
    आदरणीय सुरेन्द्र वर्मा सर जी …आपको एवं आपकी लेखनी को नमन !

    ~सादर
    अनिता ललित

  3. shabdon ke madhyam se shabd ki ati uttam vyakhya.mananiy verma ji apki lekhani ko naman.
    pushpa mehra

  4. j shabdon mein shabdon se jeevan ki styta ka bodh katate bahut sundar haiku .lajavaab !

    शब्द हैं हम
    हम नहीं अक्षर
    मौत निश्चित ।aadarniya surendr ji ki lekhni ko sadar naman mera !

  5. वाह बहुत खूब!!
    हठी बेकाबू
    ठेलती झगड़ती
    शब्दों की भीड़।

    ऋचा हैं शब्द
    श्लोक और आयत
    शब्द प्रार्थना ।

  6. वह सुरेन्द्र जी आपने तो शब्दों को इंसानी वाणा ही पहना दिया। एक से बढ़कर एक हैं हाइकु।
    बहुत सुंदर लगे सभी। … शब्द हैं हम /हम नही अक्षर। मौत निश्चित।
    शाश्वत सत्य है यह … हम नही अक्षर।
    इंसान तो जीता जागता चलता फिरता शब्द ही तो है। बिन शब्द के तो वह निर्जीव माटी का पुतला है।
    अमर तो है सिर्फ ऋचाएं ,आयत और प्रार्थनाएँ जो आत्मा से प्रस्फुटित होती हैं।
    बधाई और शुभ कामनाएँ।

  7. ऋचा हैं शब्द
    श्लोक और आयत
    शब्द प्रार्थना ।

    aapke ke ek se badhkr ek sbhi haaiku aapki upsthiti btaa dete haen

    badhai yh vishesh hae .

  8. इतने अच्छे हाईकू !! नमन आ०सुरेन्द्र जी !!

  9. एक-एक हाइकु मन को छू गए।

    ऋचा हैं शब्द
    श्लोक और आयत
    शब्द प्रार्थना……….बहुत सुन्दर।

    आ० सुरेन्द्र वर्मा जी हार्दिक शुभकामनाएँ।

  10. ऋचा हैं शब्द
    श्लोक और आयत
    शब्द प्रार्थना ।

    Sundar abhivykti..meri badhai..

  11. बेहद सार्थक व उच्च कोटि के हाइकु। सारे एक से बढ़कर एक।
    हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेन्द्र शर्मा जी को।

  12. अनुपम शब्द-कथा आदरणीय !
    बच्चा,युवा, कातर ,खंडित,पागल शब्द और फिर ऋचा ,श्लोक ,आयत भी ….बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति !!
    हार्दिक बधाई ..सादर नमन आपको !

  13. सुरेन्द्र जी, शब्दों पर बहुत खूब हाइकु रचे हैं आपने | विशेषकर …शब्दों से घिरे ….., और ,ऋचा हैं शब्द …. क्या बात है | हार्दिक बधाई |

  14. सभी सुधी जनों को अनुकूल टिप्पणियाँ देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया. सर्वश्री अनिता ललित,,पुष्पा मेहरा, ज्योत्सना प्रदीप, सुधा ओम धींगरा, कमला जी, डा. पूर्णिमा, कृष्णा वर्मा, भावना कुंवर अनिता मंदा, ज्योत्स्ना शर्मा, सविता अग्रवाल – आप सभी ने बहुत मन से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया है. अमित अग्रवाल की टिप्पणी तो ‘अनुपम अद्वितीय और शब्दातीत’ है. सुश्री मंजू गुप्ता आपने इन रचनाओं में मेरी उपस्थिति को अनुभव किया इससे अधिक प्रशंसोक्ति और क्या हो सकती है? काम्बोज जी तो सद्पारखी हैं ,आप सभी को मेरा प्रणाम. —सुरेन्द्र वर्मा

  15. चन्द शब्दों में `शब्द’ पर बहुत सार्थक हाइकु रचे हैं आपने…|
    मेरी हार्दिक बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: