Posted by: डॉ. हरदीप संधु | सितम्बर 12, 2015

दिल है भरा


ज्योत्स्ना  प्रदीप

1

चाँदनिशा कुरेदे

सीना आकाश का तो

दिल चाँद -सा ।

2

ओसपातों  के आँसू

उदार समीर ने

धीरे से पोंछे  ।

3

सिसके धरा

खोदो ज़रा गहरा

दिल है भरा ।

4

तेरी यादें हैं

किरकिरी आँखों की

रुलाती रहीं ।

5

कच्चे सकोरे

निर्दोष नयन ये

भरे जल से ।

6

भटक रहा

ये मन अश्वत्थामा

युगों-युगों से   ।

7

बड़ा आभार !

ये मुस्कानें आज भी

ली हैं उधार

8

तारेये तारे सारे

चाँद के लिखे पत्र

ज्योत्स्ना के नाम  ।

 -0-

Advertisements

Responses

  1. वाह! बहुत ही ख़ूबसूरत ! एक-एक हाइकु जैसे दर्द में डूबकर निखरकर सामने आया हो !

    सिसके धरा
    खोदो ज़रा गहरा
    दिल है भरा ।

    तेरी यादें हैं
    किरकिरी आँखों की
    रुलाती रहीं ।

    बड़ा आभार !
    ये मुस्कानें आज भी
    ली हैं उधार ।

    —बहुत ही भावपूर्ण !

    ये तारे सारे
    चाँद के लिखे पत्र
    ज्योत्स्ना के नाम। –क्या कहने !!!

    इस सुंदर अभिव्यक्ति के लिए बहुत-बहुत बधाई ज्योत्स्ना प्रदीप जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  2. sabhi haiku sunder hain .jyotsna ji badhai.
    pushpa mehra.

  3. आहा ! अनुपम प्रस्तुति !सभी हाइकु एक से बढ़कर एक !

    बहुत ख़ूबसूरत ख़त हैं ज्योत्स्ना जी !

    बहुत-बहुत बधाई !!

  4. anita ji ,pushpa ji evam jyotsna ji …aapka hridy tal se abhaar ! aapka ye protsahan meri punji hai ..

  5. बहुत-बहुत बधाई ज्योत्स्ना प्रदीप जी !
    ये तारे सारे
    चाँद के लिखे पत्र
    ज्योत्स्ना के नाम ।

    सारे हाइकु एक से बढ़कर एक

  6. भावपूर्ण हाईकु.

  7. ज्योतसना प्रदीपजी सुन्दर लगे सभी हाइकु बहुत मन भाये….कच्चे सकोरे/निर्दोष नयन ये/ भरेजल से। एवम् भटक रहा /ये मन अश्वत्थामा/ युगों-युगों से। हार्दिक बधाई ।

  8. waah jyotsana ji ek ek haiku maano aapne bhaavon se seecha ho….sabhi haiku bahut hi uttam hai….

  9. sundar haiku..

  10. samst haiku parivaar ko hindi divas ki dheron shubhkaamnayen !aap sabhi rachnakaaron ka hridy se abhaar !

  11. भटक रहा
    ये मन अश्वत्थामा
    युगों-युगों से । सभी हाइकु , गहन अनुभूति लिए , यह विशेष लगा | बधाई आपको |
    शशि पाधा

  12. वाह! बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ज्योत्स्ना प्रदीप जी…… बहुत-बहुत बधाई !

  13. ये सभी हाइकु बेहतरीन हैं / बहुत अच्छे लगे । ज्योत्स्ना प्रदीप जी, बधाई और शुभकामनाएं !

  14. सिसके धरा
    खोदो ज़रा गहरा
    दिल है भरा ।
    बहुत सुन्दर…| सभी हाइकु बहुत सुन्दर लगे…|
    हार्दिक बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: