Posted by: डॉ. हरदीप संधु | सितम्बर 1, 2015

युग त्रासदी


1-डॉ कुँवर दिनेश सिंह

1

एकल नदी

कल-नाद में कहे

युग त्रासदी

2

पावनी नदी

विषण्ण धारा लिये

ये विष्णुपदी!

3

हर पहर

कहे व्यथा नदी की

हर लहर

4

नदी में बाढ़

नेता-अधिकारी की

मैत्री प्रगाढ़

5

मातृका गंगा

चुप ही सहे सब

आदमी नंगा!

6

एकल नदी

कलकल कल्लोल

विकल नदी!

-0-

2-प्रियंका गुप्ता

1

आज़ादी मिली

कुछ भी करने की

दगा कर दी ।

2

सूखा ये पेड़

कहता बस यही

काट न देना ।

3

अकेली रात

अँधेरे से डरती

बहुत रोई ।

4

वक़्त की कमी

दरमियां फासले

पाटे न गए ।

5

होंठो से झरे

ज़मीन पे गिरते

टूटते लफ्ज़ ।

-0-

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Responses

  1. दिनेश जी ,प्रियंका जी अच्छे हाइकु।मेरी बधाई।

  2. नदी में बाढ़
    नेता-अधिकारी की
    मैत्री प्रगाढ़
    बहुत बड़ी सच्चाई है…| अच्छे हाइकु के लिए बधाई…|

  3. haaiku aap dono ke ndi – se gtimaan sundr haen .
    दिनेश जी ,प्रियंका जी बधाई।

  4. bahut sundar haiku ..

    Dinesh ji , Priyanka ji haardik badhaii !

  5. akul nadi ka rudan laharon ke madhyam se batate dineshji ke haiku aur priyanka ji ke sabhi haiku sunder hain.badhai.
    pushpa mehra.

  6. bade hi pyare haiku ..aadarniya dinesh ji v priyanka ji ko bahut -bahut badhai .

  7. bahut sundar haiku . bahut bahut badhai dinesh ji aor priyanka ji ko

  8. ped,nadi,raat par haiku achhe lage bahut bahut badhai dono rachnakaron ko..

  9. बहुत बढ्चिया हाइकु….आप दोनों को बहुत बधाई!


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