Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अगस्त 31, 2015

सुरमई बादल


अनिता मण्डा (3) अनिता मण्डा (2) अनिता मण्डा (1) अनिता मण्डा (4)

अनिता मण्डा

1

उगलें फ़ेन

विषभरी हैं देखो

नीली लहरें।

2

श्यामल छाया

सुरमई बादल

लेकर आया।

3

ये काली रात

सुबक कर रोई

बात-बेबात।

4

पटके सिर

सिंधु की छाती पर

हर लहर।

5

फिरे चीखती

हो घायल चील-सी

बेपर हवा।

-0-

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Responses

  1. अनीता जी बहुत सुंदर हाइगा…बधाई।

  2. अनिता जी कमाल के हाइगा और हाइकु गिरि हिय की फोटो ग्राफी अति सुंदर है ।हार्दिक वधाई ।

  3. haiga,haiku bahut achhe lage bahut bahut badhai…

  4. बहुत सुंदर हाइकु और हाइगा !
    हार्दिक बधाई अनिता मंडा जी !

  5. bahut sunder hain haiku aur haiga.anita ji badhai.
    pushpa mehra.

  6. आप सबका बहुत बहुत आभार।

  7. अनीता जी बहुत खूबसूरत हाइगा और हाइकु रचे हैं .हार्दिक बधाई.

  8. anita ji aapne kamaal hi kar diya…itne sundar haiga v haiku ! “giri -hiya “ne man moh liya javaab nahin! chitr v lekhan bemisaal hai aapke…isi tarah likhti rahen .badhai….

  9. सभी हाइकु और हाइगा बहुत अच्छे हैं…हार्दिक बधाई…|

  10. बेहद सुन्दर हाइगा और हाइकु… अनिता जी बधाई!


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