Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अगस्त 9, 2015

यादों की भूल


1-कशमीरी चावला

1

यादों की भूल

पतझर के फूल

देते महक

2

समय रथ

दिन रात हाँकते

चाँद सूरज

-0-

2-अमन चाँदपुरी

1

बीज बिखरे

धरती खुश हुई

मिली संतानें

2

न कोई रात

जहाँ न पहुँचा हो

चाँद का हाथ

3

मेरी बिटियाँ

मेरी नन्हीं– सी परी

फुर्र हो चली

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत उम्दा है. दोनो रचनाकारो को हार्दिक बधाइ.

  2. समय रथ
    दिन रात हाँकते
    चाँद –सूरज।

    बीज बिखरे
    धरती खुश हुई
    मिली संतानें ।
    umda haikuz aman ji ko kashmiri ji ko hardik badhayi 🙂

  3. सभी का धनवाद

  4. samay rath aur beej bikhare bahut sundar haiku !

    donon haikukaaron ko bahut badhaii !

  5. सभी हाइकु अच्छे लगे…बधाई…|


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