Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 24, 2015

वर्षा की बूँद


1-ऊषा ओझा,यू.एस.ए

1

Untitled-1नीला गगन

मोर हुआ मगन

नाचा झूमके ।

2

काले बादल

घनघोर घटाएँ

झूमे,बरसे ।

3

बरखा आई

कोयल मुसकाई

गीत मधुर।

4

वर्षा की बूँद

पत्तों पर ठहरी

मोती- सी लगे

5

बही झोपड़ी

बेबस हो मुनिया

देखती रही।

6

सावन आया

गरज रहे बादल

जी घबराया।

7

बादल छाए

झमझम बरसे

बही हवाएँ ।

8

घिरे बादल

रिमझिम फुहार

नहाया बाग।

-0-

परिचय-

श्रीमती ऊषा ओझा

जन्म–1968,प्रतापगढ़,उ.प्र.

शिक्षा–एम.ए.(इकोनामिक्स),      एम.फिल.

रुचि–कविता,कहानी पढ़ना,हाइकु लिखना.

सम्प्रति– शिक्षिका,लाइब्रेरी में भी कार्यरत

-0-

2-कैलाश बाजपेयी

2
साँझ
सकारे
गुनगुनाते मीत
यादों के गीत ।

3
बिना आहट
वक्त सरकता है
यादें बचतीं ।

4
यादें होती हैं
खट्टी, मीठी, कसैली
आती रहतीं ।

-कैलाश बाजपेयी , 128/862- y ब्लाक, किदवईनगर, कानपुर

Advertisements

Responses

  1. हाइकु की रिमझिम से मन की बगिया भीग
    उठी। उषा जी का हाइकु -वाटिका में अभिनंदन ।जरा देखें
    ‘नहाई बगिया’ में 6 अक्षर हैं ।बाजपेयी जी के उम्दा
    हाइकु।संपादक-द्वय और हाइकुकारों को नमन ।

  2. बही झोपड़ी
    बेबस हो मुनिया
    देखती रही।
    मर्मस्पर्शी…|

    बिना आहट
    वक्त सरकता है
    यादें बचतीं ।
    बहुत सुन्दर…बधाई…|

  3. ऊषा ओझा के बारिश पर बहुत सुन्दर हाईकु.नीला गगन ,मोर हुआ मगन,नाचा झूम के….बहुत सुन्दर .हार्दिक बधाई.वाजपेयी जी का..यादे होती.
    ,खट्टी मीठी कसैली,आती रहती. बढिया हाईकु.बधाई उन्हें.

  4. बही झोपड़ी
    बेबस हो मुनिया
    देखती रही।

    यादें होती हैं
    खट्टी, मीठी, कसैली
    आती रहतीं ।

    aur bhi rachnayen sundar, dono rachnakaron ko badhai evam shubhkamnayen

  5. वर्षा की बूँद
    पत्तों पर ठहरी
    मोती- सी लगेyh vishesh lga .

    sundr vrshaamy haaiku

    yh vishesh lga .
    साँझ – सकारे
    गुनगुनाते मीत
    यादों के गीत ।

    aap donon ko badhaai .

  6. सभी हाइकु सुंदर ! विशेषकर–

    बही झोपड़ी
    बेबस हो मुनिया
    देखती रही।

    बिना आहट
    वक्त सरकता है
    यादें बचतीं । —मन को छू गए !

    हार्दिक बधाई ऊषा ओझा जी एवं कैलाश बाजपेयी जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. बहुत सुन्दर हाइकु!
    बही झोंपड़ी, बिना आहट…उमदा!
    आप दोनों रचनाकारों को बहुत बधाई!

  8. बिना आहट
    वक्त सरकता है
    यादें बचतीं ।बहुत खूब, हार्दिक बधाई, आपके सभी हाइकु बहुत गहरे बहव लिए आदरणीय कैलाश बाजपेयी जी |

    बही झोपड़ी
    बेबस हो मुनिया
    देखती रही। सभी सावनी हाइकु के लिए असीम बधाई |

  9. वाह बहुत सुन्दर हाइकु । आ. काम्बोज जी के हाइकु बहुत दिनों बाद पढ़े मन को
    अभिभूत करते हुए सुन्दर हाईकु ।जहाँ मन में यादें बसी हुई हैनींद बैरन हो
    गयी है । सभी हाइकू सुंदरा हार्दिक बधाई ।
    नींद बैरन
    यादें हरसिंगार
    मुदित मन ..शशि पुरवार

    कैलाश जी के हाइकू भी बहुतअच्छे लगे । मनभावन । हार्दिक बधाई आप दोनों को
    On Jul 24, 2015 2:49 AM, हिन्दी हाइकु(HINDI HAIKU)-‘हाइकु कविताओं की वेब

  10. आद.हरदीप जी व आद. काम्बोज जी आपका आभारी हूं। आपकी वेब पत्रिका के माध्यम से मिली प्रशंसा से मेरा उत्साहवर्धन हुआ। एतदर्थ मेरे हाइकु पसंद करने के लिए सभी सम्मानीय हाइकुकारों का ह्रदय से आभारी हूं। सादर–कैलाश बाजपेयी

  11. सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे । ऊषा ओझा जी और कैलाश जी को बधाई और शुभकामनाएं !

  12. उषा जी और कैलाश जी आप दोनों को मनभावन रचना के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं |

  13. सावन आया
    गरज रहे बादल
    जी घबराया।

    साँझ – सकारे
    गुनगुनाते मीत
    यादों के गीत ।

    Bahut sundar haiku bahut bahut badhai…

  14. बही झोपड़ी
    बेबस हो मुनिया
    देखती रही। maarmik haiku …badhaai

  15. आप सभी ने मेरे हाइकु पसन्द करके मुझे प्रोत्साहित किया.बहुत-बहुत धन्यवाद.सम्पादक द्वय जी ने मुझे ‘हिन्दी हाइकु’ मे स्थान दिया .आभार.


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: