Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 11, 2015

बोनसाई – जुगलबंदी


– मनीषा सक्सेना/डा.सुरेन्द्र वर्मा

(प्रत्येक क्रम में डा.सुरेन्द्र वर्मा जी का दूसरा  हाइकु

मनीषा सक्सेना/डा.सुरेन्द्र वर्मा )

1

पीपल नीम

बनी है बोनसाई

आँगन परी   ।- मनीषा सक्सेना     

 -0-

बड़ पीपल

बोनसाई तो बने

बौने हो गए ।- डा.सुरेन्द्र वर्मा

 2

छोटे हैं तो क्या

हज़ार रूप धरे

ये बोनसाई।        

-0-

सज्जा के लिए

जड़ें ही कतर दीं

दर्द न जाना।

3

छोटे हैं तो क्या

ठसक बोनसाई

छज्जा है सजा   ।  

-0-

 छज्जे पे सजे

बोनसाई गमले

व्यंग्य वृक्षों पे ।

4

भोले -भाले से

बोनसाई फलों पे

मन मचले   ।     

-0-

कैसा तो काल

क्रूरता बोनसाई

 हुई फलित।

-0-

5

काट-छाँट के

रूप बोनसाई -सा

शहरी वधू ।

-0-

मज़ाक नहीं

बोंसाई बन जाना

फिगर पाना।

-0-

 6

छटा निराली

उथले गमलों में

बोनसाई की  ।     

-0-

जग हँसाई

कद्दावर वृक्ष भी

हुए बोंसाई ।

 7

जा अला-बला

बड पीपल नीम

मेरे आँगन  ।

-0-       

बोंसाई पौधा

 वामन अवतार

पूज पाओगे?

8

 थाली गमला

नारंगी बोनसाई

नाचती  फिरे।      

-0-

 छज्जे पे टँगी

हाइकु रचनाएँ  

 बोंसाई पौधे।

9

हरी चूनरी

 नारंगी बोनसाई

उकडूँ  बैठी   ।

-0-              

ओस नहाई

बोनसाई पत्तियाँ

 किरणें छूतीं।

-0-

 

 

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Responses

  1. वाह ,बहुत अच्छी जुगलबंदी.पढने का एक अलग सुख.

  2. लाज़वाब जुगलबंदी। बधाई।

  3. vemisaal bonsaai jugalbndi .
    donon ko haardik badhaai

  4. bahut hi sunder . maneesha ji badhai mananiya varma ji ki lekhani ko naman .
    pushpa mehra.

  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति है …

    काँट-छाँट के…..
    मज़ाक नहीं |…तथा ….
    -0-
    6
    छटा निराली…….
    जग हँसाई | …बेहतरीन ! हार्दिक बधाई ! नमन !!

  6. हाइकू की जुगलबंदी बहुत सुन्दर रचना हैं |बोनसाई पर अत्यधिक सधे हुए हाइकू |हार्दिक बधाई |

  7. बोनसाई हाइकू पर जुगलबंदी देखी|पीढ़ी का अंतर साफ़ दिखाई दे रहा है आपको भी दिखा न !उत्साहित करनेके लिए बहुत बहुत धन्यवाद |

  8. बोनसाई जुगल बन्दी मनोरंजक लगी ।नये नये रूप लाते हाइकु भी बहुत भाये ,लेकिन वर्मा जी ने वृक्षों का जो दर्द वयाँ किया दिल को छू गया । दोनों रचनाकारों को बहुत बहुत वधाई ।कमला घटा औरा ।

  9. बहुत सुन्दर जुगलबंदी….आप दोनों को हार्दिक बधाई!

  10. kafi achha laga padhkar badhai..

  11. विषय थोड़ा हट कर है, अच्छा लगा ! सभी हाइकु रोचक लगे ! विशेषकर ये जुगलबन्दी –

    छोटे हैं तो क्या
    हज़ार रूप धरे
    ये बोनसाई।

    सज्जा के लिए
    जड़ें ही कतर दीं
    दर्द न जाना।

    हार्दिक बधाई मनीषा सक्सेना जी एवं आ. डॉ. सुरेन्द्र वर्मा जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  12. बोनसाई पर आधारित ये जुगलबंदी किसी भी मायने में बोनसाई नहीं है…| बहुत आनंद आया इस अनोखे-अछूते से विषय पर इस जुगलबंदी का…| आप दोनों को बधाई…|


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