Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 6, 2015

भूली-बिसरी बातें


1-कमला निखुर्पा

1

उनींदी रातें

सोए-सोए से दिन

तुम्हारे बिन।

2

खुली पलकें

अधूरे से सपने

दूर अपने।

3

उमड़ी यादें

भूली-बिसरी बातें

भीगा तकिया।

4

मनाऊँ कैसे

रूठ गई निंदिया

बैरन जैसे।

-0-

2-प्रियंका गुप्ता

1

कब है बँधी

तट के आगोश में

चंचल नदी ।

2

चंद लम्हें थे

तलाशे उम्र भर

जेबों में मिले ।

3

अधूरी नींद

जमा की उम्र भर

साँझ में खोई ।

4

टूटते ख़्वाब

पलकों से गिर के

रोज सवेरे ।

5

तालों में बंद

सबसे छुपा कर

रखे थे ख़्वाब ।

6

किरचें चुभी

अपने पैरों तले

टूटे थे ख़्वाब ।

7

मन का पाखी

उड़ने चला; जाना-

टूटे थे पंख ।

8

अधूरी नींद

जागने पर मिले

टूटे-से ख़्वाब ।

-0-

3-कमल कपूर

1

चली बयार

झरे हरसिंगार

आई बहार ।

2

मैं न अकेली

है मेरी तो सहेली –

श्वेत चमेली ।

3

नाज से पली

बसी बाग की गली

 जूही की कली।

4

ऐ सूर्यमुखी

तू हो जा अब सुखी

रवि उन्मुखी।

-0

Advertisements

Responses

  1. utkrisht prastuti
    badhai sbhi ko

  2. sabhi haiku achhe lage meri hardik badhai….

  3. बहुत भाव पूर्ण सुन्दर हाइकु !सभी को बहुत बधाई !

  4. सभी हाइकु बहुत सुन्दर…..आप सबको बधाई!

  5. सबका शुक्रिया…और कमला जी तथा कमल जी…आप दोनों के मनभावन हाइकु के लिए मेरी बधाई…|

  6. कमला जी ,कमल जी और प्रियंका जी आप सभी को भावपूर्ण हाइकु रचने पर हार्दिक बधाई |


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: