Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 4, 2015

हिन्दी हाइकु : छठे वर्ष में प्रवेश 1


समय अपनी चाल चलता रहता है और इस समय रूपी रंग मंच पर कई तरह के किरदार अपने हिस्से की भूमिका अदा करते रहते हैं। धूप हो या छाँव, काली रात हो या बरसात और चाहे कोई भी हालात, समय कभी नहीं रुकता और हमेशा जीत जाता है। बस इसी से संकेत लेकर चलते हुए हिन्दी हाइकु 5 वर्ष का हो गया। आज इस ने छठे वर्ष में अपना पहला कदम रखा है। हमने अपने सफ़र में सिर्फ ख़ुशी की ही नहीं अभिलाषा की, अँधेरा भी आया। मगर किसी तारे को चमकने के लिए अँधेरे की भी ज़रूरत होती है। हमारे शुभ -चिंतक हमारे लिए बलते दिये ही तो हैं जिनके साथ चलते हुए रास्ता चाहे छोटा न भी हो मगर उनकी रौशनी से आसान ज़रूर हो जाता है। नज़र तथा नज़रिए का ही तो अंतर है कि आधा खाली गिलास हमें आधा भरा हुआ भी नज़र आ सकता है। अपना रिश्ता उस फूल से नहीं बल्कि उस वृक्ष से बनाओ जो न जाने कितने मौसमो को झेलता हुआ हमारे ऊपर फूल बरसाता रहता है। हर मौसम में अनजान से दिनों को जानने की कोशिश करते हुए खुद -ब -खुद आपके अनुभव के खज़ाने भरते चले जाएँगे। इनको शब्द में बुनकर हिन्दी हाइकु से अपनी सहभागिता बनाए रखना।

डॉ हरदीप सन्धु    

1                                                                                                                            

ढलती साँझ                                                                                                        

आसमाँ पे ठहरा                                                                                                     

अधूरा चाँद।                                                                                                           

2                                                                                                                           

हाथ में दिये                                                                                                             

ढूँढे दिल आँगन                                                                                                     

पुरानी साँझ।    

 आपके सहयोग से निरन्तर आगे बढ़ने की आशालिये       

डॉ हरदीप सन्धु ;      

 -0-

1-डॉ ज्योत्स्ना शर्मा


डॉ ज्योत्स्ना शर् मा-21

ख़ुशी या ग़म

दामन भिगोया है

कौन रोया है ?

2

बूँद बिखरे

एक मैला आँचल

धुले , निखरे !

-0-

2-ज्योत्स्ना प्रदीप

00-JYOTSNA PRADEEP1

जैसे ही घन

नैन मूँदे तो कूदे

बिंदास बूँदे |

2

आषाढ़ माह

आशाओं की आड़ में

सूखा ही रहा |

-0-

3-सुभाष लखेड़ा

30-सुभाष लखेड़ा1

प्यार से मिलो

लेकिन आदर्शों से

कभी न हिलो।

2

छोटी ही सही

जिंदगी जीना सीखो

संतों ने कही।

-0-

4-डॉ. कविता भट्ट

1-कविता भट्ट1

मीलों पथ में

सफलता के वृक्ष

अनंत तक ।

2

साथी- पथ के

पगडंडियों पर

लक्ष्य शिखर  ।

-0-

5-कैलाश बाजपेयी ,

1
मन का पंछी
उड़ा नभ की ओर
कोई न छोर ।

2
सही कहा है
वक्त ही सिकंदर
मनुष्य क्या है ?

-0-

6-सावित्री चन्द्र

1

मन के पेंच

कसते-कसते ही

ढीले हो गए।

2

आँखों मॆं आँसू

आ गये अचानक

नींद ले उड़े ।

-0-

7-अशोक दर्द

1

माँ की दुआएं

मुरझाई डालियां

हरी हो जाएँ ।।

-0-

8-अनिता मंडा

अनिता मण्डा1

नभ लिखता

नित तारों की पाती

बाँचे धरती।

2

घूँट-घूँट पी

सहरा ने चाँदनी

रूह थी प्यासी।

-0-

9-डॉ सरस्वती माथुर

सरस्वती माथुर1

नभ सागर

चाँद के चप्पू चला

चाँदनी चली l

2

खिले गुलाब

काँटों की देहरी पे

रेशमी ख्वाब l

-0-

10-कृष्णा वर्मा

कृष्णा वर्मा1

ता उम्र लड़े

अपने नसीबों से

फिर ना जीतें।

2

नेकी कमाले

कपूर सी ज़िन्दगी

कब विदा ले ।

-0-

11-कुँवर दिनेश

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1

द्वारे तुलसी

बरखा में नहाई

धूप झुलसी

2

झींगुर बोले

दिन-रात के बीच

अस्तित्व डोले

-0-

12-रेखा रोहतगी

1

हाइकु -खग

भर तीन उड़ान

नाप ले जग ।

2

बड़े भिखारी

मन्दिर के अन्दर

छोटे – बाहर ।

-0-

13-मंजु गुप्ता

मंजु गुप्ता1

जग में गूँजें

एक लय – ताल में

स्वर रागिनी।

2

शब्द कूँची से

रँगूँ  हाइकु लोक

जग नभ पे।

-0-

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Responses

  1. ” हिंदी हाइकु ” ई – पत्रिका के छठे वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर प्रकाशित सभी हाइकु बहुत ही खूबसूरत हैं और सभी हाइकुकारों की रचना धर्मिता से हमारा परिचय कराते हैं। आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ! -सुभाष लखेड़ा

  2. भाई हिमांशु जी , बहन हरदीप जी
    सादर नमन।

    शब्दों का उजाला के हाइकु साहित्य की इस विधा से जुड़कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। हाइकु लोक की छठी वर्षगांठ पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। विश्व साहित्य में शिखर छुए। भाई हिमांशु जी , बहन हरदीप जी के प्रयासों से खुद के साथ हम सबको साथ ले आगे बढ़ा रहे हैं। परहित की सकारात्मक सोच ही समाज – देश – विश्व को नई दिशा देते हैं। आप दोनों मिसाल हैं।
    सभी हाइकु उत्कृष्टकोटि के हैं, बौद्धिक गहराई लिए हुए गागर में सागर भरे हुए।
    मेरी सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
    मंजु गुप्ता

  3. हिंदी हाइकु के छठे वर्ष में प्रवेश पर बहुत बहुत बधाई तथा सफल भविष्य के लिए हार्दिक शुभ कामनाएं!!! कुशल संपादन के लिए संपादक द्वय डा हरदीप संधू जी व श्री रामेश्वर कम्बोज जी को साधुवाद!!! हिन्दी हाइकु से संबद्ध सभी हाइकुकारों को बधाई!

  4. छठे वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर प्रकाशित सभी आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं !

  5. सभी रचनाकारों के हाइकु बेहद सुन्दर है। हिंदी हाइकु की इस मुकाम पर सभी परिवार के सभी भाई -बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ , आ. हिमांशु जी और हरदीप जी को इस सफलता हेतु कोटि कोटि बधाई

  6. आदरणीय डॉ. संधु और काम्बोज सर,
    ‘हिन्दी हाइकु’ की पांचवीं वर्षगाँठ पर बहुत सी बधाई और शुभकामनाएँ !
    विशेषांक में सम्मिलित सब हाइकुकारों का अभिनन्दन!
    सभी हाइकु विशिष्ट और उच्च कोटि के हैं.
    मुझे यहाँ स्थान देने के लिए हार्दिक आभार!

  7. हिन्दी हाइकु के नन्हे पाँव धीरे-धीरे सारे जग में अपना निशान छोड़ रहे हैं। इसका मुख्य श्रेय आदरणीया डॉ हरदीप संधु जी एवं आदरणीय हिमांशु भैया जी को जाता है। आप दोनों को इस शुभावसर की कोटि-कोटि बधाइयाँ तथा शुभकामनाएँ !
    साथ ही हिन्दी हाइकु परिवार से जुड़े हर सदस्य को बधाई एवं शुभकामनाएँ !!
    हिन्दी हाइकु परिवार के इस ख़ूबसूरत गुलदस्ते का एक हिस्सा हम भी हैं , इस बात पर हमें गर्व है !
    हमारी हार्दिक शुभकामनाएँ सदैव ही आपके साथ हैं !!!
    सभी हाइकु अतिसुन्दर हैं ! रचनाकारों को बहुत बधाई !

    ~सादर
    अनिता ललित

  8. पांच सालों का ये सफ़र आगे आने वाले अनगिनत सालों तक यूँ ही चलता रहे, पुराने साथियों के साथ-साथ नयों का भी ऐसा ही मजबूत नेह-बंधन हमारे इस हाइकु परिवार को और भी करीब लाए…इन्ही सारी शुभकामनाओं के साथ आप सभी को हिंदी हाइकु की सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो…|

  9. पांच वर्षों के सफ़र को पूरा कर छटे वर्ष के प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएं |सभी हाइकुकारों को सुन्दर हाइकू रचने पर हार्दिक बधाई |

  10. हाइकु की सालगिरह पर कोटि-कोटि बधाइयाँ तथा शुभकामनाएँ
    सभी हाइकु अतिसुन्दर 🙂 🙂

  11. छठवें वर्ष में प्रवेश पर आद.काम्बोज जी, हरदीप सन्धूजी एवं सभी हाइकुकारों को हार्दिक बधाई एवं अबाध यात्रा के लिये शुभकामनाएँ

  12. हिन्दी हाइकु के वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर पर आदरणीय काम्बोज जी एवं हरदीप जी को अशेष मंगल कामनाएँ | यह यात्रा यूँ ही अनवरत चलती रहे और हम सब को प्रेरित करती रहे बस यही है कामना |
    शशि पाधा

  13. हिन्दी हाइकु के छठे वर्षगाँठ पर आदरणीय काम्बोज भैया और डॉक्टर हरदीप जी को कोटिश: शुभकामनाएं | सभी हैकुकारों को भी सक्रिय योगदान के लिए ढेरों बधाईयाँ …..

  14. हाइकुकारों की रचनाओं और चित्रों से सजी ये वर्षगाँठ अनूठी है … उत्सव का सा माहौल है |

  15. जन्म दिन मुबारक हो। इसी तरह सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ता चला जाये यह कारवाँ।
    प्रतीक्षा थी बड़ी वेसब्री से इस दिन की। नए नए हाइकुओं का पदार्पण होगा हिंदी हाइकु जगत में।
    सभी हाइकु बहुत भाये। सभी रचनाकरों और दोनों संपादकों को ढेर सारी सुभकामनाएँ। हाइकू परिवार यूँ ही आगे बढ़ता रह। नए नए मुकाम हासिल करे।

  16. आदरणीय सम्पादक द्वय तथा समस्त हाइकु रचनाकारों को हिन्दी हाइकु की वर्षगाँठ पर कोटिश बधाइयाँ।

    चलता रहे
    हाइकु का सफर
    यूँही ता उम्र।

    कृष्णा वर्मा

  17. हिन्दी हाइकु का छठे वर्ष में प्रवेश के लिए हार्दिक बधाइयाँ,
    नित नई ऊँचाइयाँ हासिल करता रहे हमारा यह परिवार…
    सभी रचनाकारों के साथ आदरणीय सम्पादक द्वय को बहुत बहुत शुभकामनाएँ!!
    *ऋता*

  18. छठे वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ! आदरणीय भाई साहब का हृदय से आभार की वह हम सभी को सदैव प्रेरित व प्रोत्साहित करते रहते हैं।

  19. hindi haiku ke chhthhe varsh mein pravesh par haardik badhaaiyaan …sabhi rachanakaaron ke prati vandan abhinandan !
    dr. sandhu evam bhaai Kamboj ji ke prat hruday se aabhaar ..aur .. ‘hindi haiku pariwar ‘ kii satat vriddhi evam smriddhi kii kaamanaa ke saath

    jyotsna sharma

  20. एक-एक वर्ष में कई-कई सफलताओं के गुंजित गान, ये संपादक द्वय के प्रयासों का परिणाम है, मुझ जैसी साधारण लेखनी को भी स्थान दिया गया और हमेशा कुछ नया लिखने हेतु कम्बोज सर ने प्रेरित किया, उनको नमन करते हुए उनका आभार और धन्यवाद,

    हिंदी हाइकू के इन सफल वर्षों की यात्रा हेतु बधाई एवं भविष्य के लिए शुभकामनायें ………..

    आपकी
    कविता भट्ट

  21. सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं।सभी को बधाई ।

  22. Hindi haiku ki paanchvi varshgaanTh par Bahan Hardeep sndhu aur Kamboj bhaaijii ko Haardik badhaai. Sabhi rachnaakaro.n ko unake sundar haiku hetu bahut badhaai.

    Pushpa mehra

  23. हिन्ढी हाइकु के छठे वर्ष में प्रवेश पर समस्त परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

  24. हिन्दी हाईकू के छठे प्रवेश में हाईकू विधा को तीव्र गति से आगे ले जाने वाले समस्त रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं।


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