Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जून 10, 2015

चहक रहे बच्चे


सुनीता अग्रवाल

1

बस्ते से दबा

बोझिल बचपन

खो रहे स्वप्न ।

2

गली , चौबारे

चहक रहे बच्चे

बिसूरती लू ।

3

रोती गुड़िया

किताबो में खो गईं

नन्ही परियाँ ।

4

नन्हा गुलाब

बगिया में अकेला

रहे उदास ।

5

झरते पत्ते

छात्रावास- प्रांग

सहेजे बच्चे

6

अम्मा के नाम

छात्रावास से पाती

कुछ पत्ते थे  ।

7

सहेजे पत्ते

छात्रावास में बच्चे

दर्द एक– सा ।

8

रखना छाँव

सूख न जाएँ पौधे

कड़ी  है धूप ।

9

नन्हे पादप

बनेगे कल वृक्ष

स्नेह से सींच ।

10

थोड़ी -सी धूप

थोड़ी स्नेह की वर्षा

खिले पुहुप ।

11

प्रतियोगिता

हारता बचपन

जीते माँ बाप  ।

12

नही आवारा

भटकता पल्लव

भाग्य का मारा ।

13

शाख से गिरा

उड़ा हवा में पत्ता

है मनचला ।

14

बनेगे खाद

टूटे कोमल पात

थामे जो धरा ।

15

भटके पात

बरगला ले गई

आतंकी वात

-0-

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Responses

  1. बस्ते से दबा
    बोझिल बचपन
    खो रहे स्वप्न …. ekdam sahi, wo jaise kahte hain n ghar ghar ki yahi kahani, vaise hi bhaari baston ke maamle me desh desh ki yahi kahani … yahan America me bhi 6th grade ke bachchon ka bast ek to itna bhari hota hai, us par se, din bhar ek kamre se dusre kamre me laad ke ghumna padta hai, kyonki har vishay ki class alag alag kamre me hoti hai 😦

  2. बहुत सुन्दर रचनाएँ।बधाई।

  3. बहुत ही संवेदनशील विषय पर लिखे गए सार्थक हाइकू
    बधाइयाँ एवं शुभकामनायें

  4. सुन्दर, सम्वेदनशील हाइकु!
    सुनीता जी अभिनन्दन!

  5. भटके पात
    बरगला ले गई
    आतंकी वात

    bahut achha likha aapne hardik badhai…

  6. सभी हाइकु सुन्दर गहरे प्रतीकों से युक्त-भटका पात/बरगला ले गई/आतंकी वात.. रोती गुड़िया/किताबों में खो गईं/ नन्ही परियाँ…बहुत सुन्दर .बधाई सुनीता जी।

  7. सुन्दर विषय पर बहुत ही सुन्दर हाइकु !

    बस्ते से .., थोड़ी सी धूप , रोती गुड़िया ,भटके पात …बहुत सुन्दर सारगर्भित !!

    हार्दिक बधाई सुनीता जी !!!

  8. भटके पात
    बरगला ले गई
    आतंकी वात
    aesa hi ho raha hai
    sunder haiku
    Rachana

  9. सुनीता जी बचपन तो वास्तव में छिन रहा है केवल बस्ते का बोझ ही बाकी रह गया है|सटीक हाइकु हैं बधाई|

  10. sundr haiku haen
    badhai .

  11. waah di bahut sundar n saarthak al haiku 🙂

  12. rachna ki sarahna kar utsaah badhane ke liye ap sabhi ka haardik aabhar 🙂

  13. प्रतियोगिता
    हारता बचपन
    जीते माँ बाप ।
    ये आज के हमारे समाज का कटु सत्य है…| बहुत सुन्दर हाइकु…हार्दिक बधाई…|


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