Posted by: हरदीप कौर संधु | मई 30, 2015

हाइकु- कार्यशाला


हमारी हिन्दी हाइकु की प्रिय रचनाकार ज्योत्स्ना  प्रदीप  ने केन्द्रीय विद्यालय केन्द्रीय रिज़र्ब पुलिस बल जलन्धर के  कक्षा 6 से कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों की हाइकु -कार्यशाला का आयोजन किया । उसी कार्यशाला में समय-समय पर रचे हाइकु आप सबकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए प्रस्तुत हैं ।

सम्पादक द्वय

 -0-

1-दलजीत कौर -कक्षा-दसवीं 

दलजीत कौर1

ये परिवार 

माँ पिता के प्रेमकी 

निर्मल-धार ।

 2

माँ का आँचल

छिपा बैठा है दु:ख

बच्चे हैं खुश।

3

बता दे माँ री!

दु:ख सहे क्यों ,अब

सुख की बारी ।

 -0-

2-प्रीत  -कक्षा-ग्यारहवीं

 1

अब की नारी

विवेक शक्ति से भरी

सबपे भारी ।

2

इतने फूल !

तोड़ने की इनको

करू न भूल ।

 3

कल है आज 

आज बनेगा कल 

रहो  सँभल ।

 -0-

3-अखिलेश कुमार -कक्षा-नवमी  

अखिलेश कुमार 1

होती है रात

चंदा मामा के साथ

मीठी-सी बात ।

 2

विश्व अपना

गाँधीजी का सपना 

शांति रखना ।

 -0-

खुशबू4-खुशबू

1

सूरज दादा

जल्दी आओ,सर्दी को 

दूर भागाओ ।

 2

चिड़िया गाए

गीत भाईचारे का 

सबको भाए  ।

महक5-महक

1

मै हूँ धनिया 

हरी-भरी सब्जी को 

दूँ स्वाद नया ।

 2

काले बादल 

खूब पानी लाते हैं

बरसाते हैं ।

 -0-

6-अंजलि -कक्षा-आठवीं

अंजली 1

जन्मी लड़की 

बढ़ी लोगों की पीर

मन-अधीर ।

 2

हरियाली से 

ये मौसम हो हरा 

सुंदर धरा ।

 -0-

7-ईशा ठाकुर  -कक्षा-सातवी 

ईशा ठाकुर 1

भू का सपना 

हर कोई हो अपना 

जग-हमारा ।

 2

चंद्रमा आया

अँधेरा झटपट 

दूर भगाया ।

 -0-

शालिनी8-शालिनी-कक्षा-सातवीं 

1

सुंदर तारे 

चमके जैसे हीरे 

हँसते धीरे ।

 2

नीला सागर 

लग रहा है प्यारा 

पानी है खारा ।

 -0-

राखी पाण्डेय9-राखी पाण्डेय कक्षा ग्यारहवीं

1

न करो करो कैद

खग को ,नापने दो

पंखों से व्योम।

 

व्यथित धरा

देख बढ़ता रहा

सोम का दाग ।|

3

खुद को ज्ञानी

समझना भ्रम है

क्षितिज-जैसा ।

4

धरती पर

जीवन  पाने  हेतु

बचाओ बेटी  |

-0-

हर्षिता कुमारी10-हर्षिता कुमारी-कक्षा-ग्यारहवीं

1

शांति व प्रेम

जग में फैलाकर

पवित्र-मन ।

2

कठिन राह

हो जाएगी आसान

कर्मठ बन।

-0-

11-विवेक -कक्षा-नवमी

विवेक1

बचाओ  पानी

बड़ा ही अनमोल

बड़ा ही दानी ।

-0-

12-शरण जीत कौर-कक्षा-छठी

शरनजीत कौर 1

फूल गुलाब

काँटों से भरा पर

महके खूब ।

2

पेड़ खड़े  हैं

बहुत  ही सुन्दर

काटों न तुम |

3

देखती रहूँ

फल-फूल सुन्दर

जीवन-भर।

-0-

13-निधि-कक्षा-सातवी

1

हरी -सी घास

निराला सा कालीन

बड़ा ही ख़ास ।

 -0-

स्वाति13-स्वाति

न आर-पार

है सुन्दर संसार

सुखों का द्वार ।

 

 

 -0-

 आशीर्वाद

 

Advertisements

Responses

  1. बच्चों के कोमल मन से निकले भाव पूर्ण हाइकु बहुत सुन्दर हैं !

    प्रकृति , पर्यावरण ,परिवार ,सामाजिक समरसता कितने विषयों पर उनकी दृष्टि गई है और कितनी सुन्दरता से अपने भावों को उन्होंने अभिव्यक्त किया है …..नए बिम्ब , नई कल्पनाएँ !!

    प्रिय प्रीत , अंजलि , अखिलेश , ईशा , खुशबू , दलजीत कौर ,निधि ,राखी , विवेक शरण , शालिनी और हर्षिता को बहुत बधाई ..ढेर सारी शुभ कामनाएँ !!!

    ज्योत्स्ना प्रदीप जी को भी इस सुन्दर ,सफल आयोजन हेतु बहुत बहुत बधाई ..शुभ कामनाएँ !

  2. अभिनव प्रयोग के लिए बहुत – बहुत बधाई ज्योत्स्ना जी । विषयों की विविधता इस बात के प्रमाण हैं कि यदि मार्गदर्शन मिले तो उम्र रचना धर्मिता को किसी सीमा मेँ बांध नहीं सकती । सभी रचनाकारों को बधाई और शुभकामनायें ।

  3. Beautiful Gorgeous, children’s talent Respect

  4. ज्योत्स्ना प्रदीप जी ने जलन्धर में कक्षा 6 से कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों की जिस हाइकु कार्यशाला का आयोजन किया, उसके लिए वे बधाई की पात्र हैं। सभी बच्चों ने बेहतरीन हाइकु लिखे हैं। कुछ हाइकु इस बात के परिचायक हैं कि बच्चे हमारे से कहीं अधिक कल्पनाशील हैं और वे कोमल मन से कहीं अधिक बेहतर सृजन कर सकते हैं। युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए फिर एक बार ज्योत्स्ना प्रदीप जी बधाई।

  5. Bachho ki kalpnashelta ko Salam bahut kamal kiya hai sabhi bachhon ne dil se duayen aage badhne yun hi name roshan Karen …

  6. chhote – chhote bachhon ki kalpnasheelata va unaki lekhan shakti ko badhava dene hetu jyotsna ji ko badhai. bachon ki bhav -paudh ko sahi roop dene vala mali yadi mil jaye to usaka roop sanvarane mein der nahin lagati.
    bhavishya ki or badhate bachon ke haiku is bat ki pushti kar rahe hain.jyotsna ji apako punah badhai.
    pushpa mehra.

  7. बहुत सुन्दर। बधाई

  8. कक्षा 6 से कक्षा ११ के विद्यार्थियों द्वारा रचित हाइकु पढ़ कर अचरज एवं आनन्द की मिलीजुली अनुभूति हुई | बच्चों की कल्पना, शब्द संयोजन और शिल्प इस बात का द्योतक है कि उन्हें रचनात्मकता से लगाव है | ज्योत्स्ना जी इस सफल एवं प्रेरक आयोजन के लिए बधाई की पात्र हैं | कल्पना और बिम्बों की नवीनता मन को आह्लादित करती है | सभी बच्चों को प्यार आशीर्वाद |

  9. लय और ताल में रचे इन छोटे छोटे रचनाकारो के हाइकु पढ़ बहुत आनंद आया अौर ज्योत्स्ना प्रदीप को इस प्रयास की सफलता पर हार्दिक बधाई बधाई ।

  10. बच्चों ने सुन्दर हाइकु लिखे हैं। इस के लिए ज्योत्स्ना जी का प्रयास सराहनीय है।

  11. अतीव सुंदर !
    सभी बाल हाइकुकारों के हाइकु एक से बढकर एक :

    हाइकु रचे
    हम बड़ों से अच्छे
    ये प्यारेब बच्चे ।

  12. नन्हें हाइकु कारों को ढ़ेर सारी आशीष
    अनुपम अभिव्यक्ति ,अद्भुत कल्पना । चारों ओर की सुध ले रचना की। विषयों की विविधता ,नवीन बिम्ब तलाशना और उस पर कुछ कहना सराहनीय कार्य है।
    हमारे भारतीय जन मानस में ज्ञान के हीरे कितने भरें पढ़ें है उन्हें खोजने और तराशने वाला चाहिए। फिर दुनिया देखती रह जाएगी की सर्वप्रथम ज्ञान गुरु भारत था ,है और रहेगा। जो भी साइंस की चीजें इस युग में देखने को मिल रहीं हैं। सब हमारे मनिषियों ने पहले ही ग्रंथों में लिख दी थीं।
    खुशबू ने अपने धनिये की खुशबू तो बहुत दूर तक पहुँचा दी। सब्जी का स्वाद और भी निराला लगा है। शब्दों का रूप ले बिखरा हुआ। ज्योत्स्ना प्रदीप को भी बधाई।

  13. प्रतिभाशाली बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए ज्योत्स्ना जी बधाई की पात्र हैं।
    सभी बच्चों ने सुन्दर प्रयास किये हैं।

  14. सभी कक्षाओं के बच्चों द्वारा रचित हाइकु के पहले प्रयास के लिए उन्हें हार्दिक बधाई |

  15. आप सबके प्रोत्साहन से मेरा मनोबल बढ़ा है । आप सबके स्नेह और आशीर्वाद से भविष्य मे भी मैं ये प्रयास जारी रखूँगी | आप सबने इसको सराहा ,यही मेरी सफलता है…आप सबकी बहुत आभारी हूँ..

  16. सभी बच्चों के हाइकु सुंदर हैं ….स्वाति ,अंजलि, अखिलेश कुमार, ईशा ठाकुर, खुशबू, ज्योत्स्ना प्रदीप, दलजीत कौर, निधि, प्रीत, राखी पाण्डेय, विवेक, शरण जीत कौर, शालिनी-, हर्षिता…सभी को मेरी ओर से शुभकामनाएँ | ज्योत्स्ना प्रदीप जी को इस कार्यशाला के लिए बहुत बहुत बधाई….

  17. utkrisht haiku
    bchchon ko badhai

  18. इन नन्हें कलमकारों में बहुत सम्भावनाएँ दिख रही…| निःसंदेह इस तरह के आयोजन समय समय पर होते रहने चाहिए…|
    बच्चों को मेरी शुभकामनाएँ और आशीर्वाद तथा ज्योत्सना प्रदीप जी को भी हार्दिक बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: