Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 7, 2015

रेत पे नाम


ऋषिकेश : गंगा तट से

अमित अग्रवाल

1

1-R'kesh-10

छाया: अमित अग्रवाल

पर्वत– छाँव

बहती कलकल

अमृतधार ।

2

कानों में गूँजे

संगीत अलौकिक

नीर– सबद ।

3

सीमा विहीन

जितनी हो गहरी

उतनी ऊँची ।

4

2-R'kesh-8

छाया: अमित अग्रवाल

जीवनदात्री

हरीतिमा अपार

रस की धार ।

5

आसमाँ तारे

धरती कोलाहल

गंगा में दीप । 

6

पावन है माँ

सकेरती हमारे

पाप, कचरा ।

7

बेहया पूत

सोते, कमाते, खोते

जेबें भरते ।

8

मोक्षदायिनी

रख के मेरा नाम

जीने न देते ।

9

मुसलमान

न हिन्दू न ईसाई

मैं तेरा दास ।

10

अभी था यहाँ

पल में गया कहाँ

रेत पे नाम ।  

-0-

304- सनव्यू अपर्टमेंट्स ,साकेत, मेरठ

-0-

2-सौरभ चतुर्वेदी

1

भरी गर्मी में

लाल छतरी ताने

गुलमोहर ।

2

उमड़े मेघ

फिर आस जगाई

बूँद न आई ।

3

लब चुप थे

आँसुओं ने सुनाई

पूरी कहानी ।

4

साँस ढली थी

कुछ बात चली थी

रात गली थी |

5

महके बौर

चहक उठे नीड़

बरसी ख़ुशी ।

6

आँखों से आँसू

गिरने न दो, रोको

बेमोल मोती ।

7

आया क़रीब

अहदे-इंक़लाब

कमर कसो ।

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे। अमित अग्रवाल जी और सौरभ चतुर्वेदी जी को बधाई और शुभकामनाएं !

  2. अभी था यहाँ
    पल में गया कहाँ
    रेत पे नाम । (अमित अग्रवाल )
    लब चुप थे
    आँसुओं ने सुनाई
    पूरी कहानी । (सौरभ चतुर्वेदी )
    सभी अच्छे हाइकु …दोनों रचनाकारों को बधाई व शुभकामनायें !

  3. अभी था यहाँ
    पल में गया कहाँ
    रेत पे नाम ।
    Bahut sundar…
    Dono rachnakaron ko badhai…

  4. Marmsparshi ..bahut sundar haiku !
    Amit Ji evam Saurabh Chaturvedi Ji ko hardik badhai ..shubh kamnayen !!

  5. यहाँ स्थान देने के लिए सम्पादक द्वय का आभार।
    उत्साहवर्धन के लिए मित्रों का हार्दिक धन्यवाद!

  6. सभी हाइकु बहुत सुंदर। तस्वीरें भी बहुत अच्छी !
    हार्दिक बधाई अमित अग्रवाल जी व सौरभ चतुर्वेदी जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. मोक्षदायिनी
    रख के मेरा नाम
    जीने न देते ।
    लब चुप थे
    आँसुओं ने सुनाई
    पूरी कहानी ।BAHUT SUNDAR V SATEEK HAIKU …AMIT JI TATHA SAURABH JI KO HARDIK BADHAI .

  8. मोक्षदायिनी
    रख के मेरा नाम
    जीने न देते ।
    इस पावन नदी की जैसे सारी पीड़ा उडेल दी…|

    लब चुप थे
    आँसुओं ने सुनाई
    पूरी कहानी ।
    बहुत मर्मस्पर्शी…|

    आप दोनों के सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे | हार्दिक बधाई…|


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