Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 6, 2015

राधे श्याम जी


राधे श्याम जी का निधन साहित्य और हाइकु जगत के लिए बहुत दु:खद है वे ।सर्वाधिक बुज़ुर्ग हाइकुकारों में से एक थे मेरा उनसे परिचय २००९ में हुआ था ।वे अपना एक हाइकु-संकलन निकलवाना चाहते थे। उन्होंने बताया था कि वे उस समय तक हिन्दी के तुकांत और अतुकांत १४००० हाइकु लिख चुके हैं इसके अलावा 25०० हाइकु उर्दू (हिन्दुस्तानी ज़बान) में लिख डाले हैं ;लेकिन अभी तक उनका कोई संकलन प्रकाशित नहीं हो सका है शायद अभी भी उनके हाइकु पुस्तक रूप में अप्रकाशित ही रह गए हैं।यह अफसोस की बात है राधेश्याम जी हिन्दी, उर्दू और अंगरेजी तीनों ही भाषाओं में लिखते थे ।सुधी सहृदय हिन्दी में तो उनके हाइकु पढ़ते ही रहे हैं मैं यहाँ उनके कुछ हिन्दुस्तानी ज़बान में लिखे हाइकु प्रस्तुत कर रहा हूँ-
1
किया दीदार
तो खो गए दीदा ही
दरे दीदा पर

2

तेरी बाहों में
दर्द तन्हाई गाती
आतिशी नग्में

3

तेरे ख्यालों से
लदी लदी तन्हाई
महक जाती

4

फिरोजा हुए
जले दिल के दाग
चश्मे तर से

मुहम्मद सिद्दीकी बाल्टीमोर अमेरिका से अंग्रेज़ी में हर वर्ष एक बधाई पत्र निकालते हैं ।उसमें राधेश्याम जी की शिरकत ज़रूर रहती थी उनके कुछ अंग्रेज़ी के हाइकुओं का हिन्दी अनुवाद इस प्रकार है-

1

नदी में बाड़
सिरे से सिरे तक
जन आक्रान्त

2

सूर्य-उदय
बंद द्वार पे खड़ा
ताकता कुत्ता

3

लहरों बीच
निस्पृह पत्थर
मेरी तरह

4

सदैव सक्रिय
कभी न बोर हुआ
सागर मन
(अनुवादक-सुरेन्द्र वर्मा)
-0-

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Responses

  1. Bahut sundar ! Saadar Naman ..shrddhanjali !

  2. किया दीदार
    तो खो गए दीदा ही
    दरे दीदा पर
    2
    तेरी बाहों में
    दर्द तन्हाई गाती
    आतिशी नग्में
    3
    तेरे ख्यालों से
    लदी लदी तन्हाई
    महक जाती
    4
    फिरोजा हुए
    जले दिल के दाग
    चश्मे तर से
    bala ke khoobsurat haiku …kuch bhaav dil par hi ankit ho jaate hai kitab to kabhi -kabhi kholi jaati hai …………….bheege nayano se shradhdhanjli

    aadarniy himanshu j,i aadarniy hardeep ji tatha aadarniy surendrji ko dil se duaye in khoobsurt rachnao ko padhvane ke liye

  3. पहले चारों बेहद सुन्दर हाइकुओं ने मन मोह लिया……विनम्र श्रद्धांजली।

  4. हिन्दुस्तानी में लिखे चारों हाइकु अद्भुत हैं!
    प्रेरणा भी …
    सादर श्रद्धांजलि!

  5. divangat ke prati shrdhanjali ke sath kuch panktiyan-
    mar kar bhi\ve hi amar hote\jo choD jate \sada virasat mein\amol bhav -thati.
    atyant vinamrtake sath –
    pushpa mehra.

  6. सभी हाइकु लाजवाब!
    ‘तेरे ख्यालों से
    लदी लदी तन्हाई
    महक जाती’

    दुखद है इस तरह की सुंदर रचनाओं का कहीं किसी डायरी में बंद रह जाना …
    बहुत आभार आ. सुरेन्द्र वर्मा जी का जिन्होंने उनका अनुवाद किया और हिमांशु भैया जी एवं हरदीप जी का जिन्होंने इन्हें यहाँ साझा किया !

    सादर-विनम्र श्रद्धांजलि के साथ !

    ~अनिता ललित

  7. सुंदर रचनाएँ, पोस्ट करने के लिए आभार |

  8. स्वर्गीय राधे श्याम जी को विनम्र श्रद्धांजली !

  9. सादर श्रद्धांजलि! राधेश्याम जी को
    इनके हाइकु बहुत ही अच्छे हैंl समय समय पर हिन्दी हाईकु में प्रकाशित होते रहे हैं और हम पढ़ते रहे हैं !

  10. jankar bahut dukh hua inke liye bhavishya men kuchh sochenge jarur ..

    तेरे ख्यालों से
    लदी लदी तन्हाई
    महक जाती

    iski mahak vastav men bahut mithi hai…shardhanjali…

  11. बहुत दुखद है…| इतने बेहतरीन हाइकुकार को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि…|


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