Posted by: हरदीप कौर संधु | अप्रैल 30, 2015

नन्ही कलम का पहला कदम


[विगत सप्ताह में श्रीमती कमला निखुर्पा  प्राचार्या ने   केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-2, कृभको , सूरत ( गुजरात)  में कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए हाइकु  रचना  का आयोजन किया। उन्हीं में से कुछ विद्यार्थियों के हाइकु यहाँ दिए जा रहे हैं। हाइकु परिवार इन नन्हे रचनाकारों का स्वागत करता है।डॉ हरदीप सन्धु और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु‘]

Kalgi Shukla1-कल्गी  डी शुक्ला

1

मित्र हों ऐसे

परछाई के जैसे

साथ न छोड़े ।

2

काले नभ में

सितारा है बिटिया

राह दिखाए ।

Mahima Singh2-महिमा सिंह

3

शीतल जल

भरा तेरा आँचल

ओ गंगा माता ।

4

चन्द्रमा खिला

चूनर लेके आए

तारे हजार ।

5

चली हवाएँ

पेड़ भी लहराए

मन को भाए ।

Shambhavi Shukla3- शाम्भवी शुक्ला

6

शीतल जल

हुआ है प्रदूषित

गंगा माँ तेरा ।

7

प्यारी किताबें

ज्ञानवर्धक मित्र

मनभावन ।

8

पीली चुनरी

सर पे ओढ़ कर

आई सरसों ।

Amey Mohile4- अमिय मोहिले

9

चंचल नदी

मछलियों के संग

बहती चली

10

वन का राजा

दहाड़ता  है जब

डरते सब ।

Jaimin Gajjar5-जैमिन गज्जर

11

अंध श्रद्धा में

डूबा मेरा भारत

उठेगा कब ?

Trusha Patel6- तृषा पटेल

12

नदी हँसती

खेलती ही रहती

बालू के संग ।

Nisha Chudasma7- निशा एम चुडासमा

13

सहेली मेरी

सुन्दर फूल -जैसी

साथिन मेरी ।

Krishna Dave8- कृष्णा दवे

14

काले बादल

चले पानी गिराते

भीगे हैं हम ।

9- उर्मि पटेलUrmi Patel

15

भला ही चाहे

सही मार्ग दिखाए

मेरी प्रिय माँ ।

Andrea Neenu Jose10- एंड्रिया नीनू जोस

16

रंग ही रंग

तितलियों ने खेले 

फूलों के संग

Dhvani Chaudhari11-ध्वनि चौधरी

17

पेड़ ये प्यारे

हरियाली ले आते

खेलते बच्चे ।

Anisha Singh12- अनिशा वी सिंह

18

कक्षा में मस्ती

करते नन्हे  बच्चे

कितने अच्छे !

Khushi Chauhan13- खुशी चौहान

19

हरी  घास भी

लहर के नाची है

हवा के संग ।

Ansh Patel14- अंश पटेल

20

सुन्दर पुष्प

फैलाते हैं खुशबू

देते ताज़गी ।

15- स्नेहाशीष Snehashish Saha

21

बेटी है शान 

प्रभु  का  वरदान

बेटी जहान। 

-0-

आशीर्वाद

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Responses

  1. subha -subah nanhe- nanhe haathon se likhe haiku padhe ..dil ko bada sukoon mila…. ..bachchon aapne kamaal kar diya1 meri ore se nabh ke taaron jitne shubhkaamnaye….iske liye inki pracharya ji ko bhi shubhkaamnayen…..saath hi himanshu ji tatha hardeep ji ka abhaar!…..ye bagiya isi tarha mahaktee rahe.

  2. सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे । आप सभी नन्हें कलमकारों को बहुत – बहुत बधाई और शुभकामनाएं !

  3. bahut sundar hai nanhii kalam kii soch aur abhivyakti ! achchhe vichaaron , bimbon ko badii hii sahaj, saral bhashaa mein mohak roop mein ukeraa hai bachchon ne !!

    ujjval bhavishy kii dheron shubhkaamanaayen !!

    aise aayojan ke liye bahan Kamala ji ko bhi bahut bahut badhaii !

    ‘hindi haiku’ ki anwarat yaatraa mein ek aur meel kaa patthar ..haardik badhaaii !!!

  4. welcome,,Good,,,

  5. नन्हे बच्चों की अभिव्यक्ति पहले प्रयास को सराहने के लिए हार्दिक आभार | यह प्रयास संपादक द्वय के प्रोत्साहन का प्रतिफल है |

    कमला

  6. sabhi haiku sundar ..baal man bholi saral prastuti .. kamla ji ko badhayi bachcho ko rachnatmak kary se jodne ke liye .. bachcho ko badhayi evam ujjawal bhawishay ki shubh kamnaye

  7. नन्ही कलमें / लिखे हाइकु सुन्दर / आशीर्वचन -सुरेन्द्र वर्मा

  8. वाह! वाह! जितनी तालियाँ बजें उतनी कम हैं!
    सभी हाइकु एक से बढ़कर एक!
    ये नन्हे-मुन्ने बच्चे हाइकु लिखने में हम बड़ों से कहीं आगे निकले ! बहुत-बहुत-बहुत… ख़ुशी हुई सभी हाइकु पढ़कर !
    आप सभी बच्चों को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएँ ! यूँ ही सुंदर-सुंदर हाइकु लिखते रहिये।
    ख़ूब आगे बढ़िए और अपना नाम रौशन की्जिए ! 🙂

    स्नेहाशीर्वाद के साथ
    अनिता ललित

  9. आ. कमला निखुर्पा जी, हिमांशु भैया जी एवं हरदीप जी… इन प्यारे-प्यारे बच्चों के प्यारे-प्यारे हाइकु हम तक पहुँचाने का बहुत-बहुत आभार।

    ~सादर
    अनिता ललित

  10. इस हाइकु की बगिया में आज नन्हीं कलियों ने आँखें खोली हैं और अपनी सुगंध यहाँ बिखरा दी है…| अच्छा लगा यह देख कर कि इन छोटे छोटे बच्चों की कल्पनाशीलता कितने विस्तार तक गई है…| इनके हाइकु में देश के प्रति चिंता है, तो माँ के प्रति प्यार भी …| अपने साथियों के लिए कोमल भावनाएँ हैं तो प्रकृति-प्रेम भी…| ये अपनी उम्र के अनुसार सहज भाषा भी प्रयोग करते हैं और बिम्बों-प्रतिबिम्बों के सटीक प्रयोग से भी वाकिफ हैं…| अपनी उम्र से आगे बढ़ कर सामाजिक विडम्बनाएं भी इनको विचलित करती है…|
    ये बच्चे भविष्य में भी यूँ ही संवेदनशील रहते हुए खूब उन्नति करें, अच्छे इंसान और सशक्त लेखनी के रूप में अपनी पहचान बनाएं…ऐसी ही दुआ और आशीर्वाद है मेरा…|

    -प्रियंका गुप्ता
    कानपुर

  11. सर्वप्रथम प्राचार्या श्रीमती कमला निखुर्पा को हार्दिक बधाई जिनकी प्रेरणा से इन नन्‍हें बच्‍चों ने हाइकुु की रचना कला एवं अर्थ की गहनता को समझते हुए,इतने भावपूर्ण सार्थक एवं मोहक हाइकुओं की रचना की है। सभी बच्‍चों को बधाई ।साथ ही साथ एक अनुरोध कि वे इस कला से जुड़े श्री हिमांशु जी एवं हरदीप जी के इस सार्थक प्रयास को सतत् आगे बढ़ते जाएँंगे।
    सभी हार्दिक हार्दिक बधाई और आशीर्वाद ।

  12. कमला जी के प्रयास से किशोरों को रचनात्मक लेखन का जो अवसर प्रदान किया गया, वह अवश्य फलदायी होगा । प्राचार्या की व्यस्त दिनचर्या में से आपने बच्चों के लिए समय निकालकर महत्त्वपूर्ण कार्य किया है ।सभी विद्यार्थियों ने बहुत अच्छे हाइकु रचे हैं ।दूसरों का आगे बढ़ाने का काम वही कर सकता है , जिसका हृदय उदार हो । मेरा आशीर्वाद आप सबको !
    डॉ सुधा गुप्ता , मेरठ

  13. बिहार सरकार ने यूनेस्को के सौजन्य से पिछले कुछ महीनों में कार्यशालाएँ कराई हैं, जिनमें छात्रों को हाइकु, ताँका , सेदोका आदि सिखाने का अवसर प्रदान किया गया है ।मुझे उन कार्यशालाओं में जाने और काम करने का अवसर मिला है। कमला निखुर्पा हाइकु जगत का चर्चित नाम है । आपने केन्द्रीय विद्यालय में इसका शुभारम्भ किया है । आप इसको और विस्तार दीजिए। सभी छात्रों ने बहुत अच्छा लिखा है । आशा करता हूँ कि आप इस अभियान को और भी आगे ले जाएँगी । डॉ सतीशराज पुष्करणा , पटना

  14. सर्वप्रथम कमला जी को हार्दिक बधाई, हिंदी को इन मासूम बच्चो के ह्रदय तक ले जाने के लिए। बहुत अच्छा लगा यह जान कर की कल भारत को उन्नति के पग पर ले जाने वाली यह पीढ़ी , यह नन्हे फूल प्रकृति के साथ कितना जुड़े हुए है इस प्रकृति के भविषय पर पृथ्वी का भविषय आधारित है। सभी हाइकु बहुत सुन्दर और प्रेरणातमक हैं। हरदीप जी और रामेश्वर भाईसाहब आपका हार्दिक धन्यवाद यह हाइकु हम तक पहुँचाने के लिए। आशा है भविषय में ऐसे ही सुन्दर पढ़ने को मिलते रहेंगे।
    सभी नन्हे रचनाकारों को हार्दिक बधाई।
    स्नेहसहित,
    अमिता कौंडल

  15. nanhe-munnon ke dvara rache komal -komal va uch bhavon se bhare haiku inake kalpana ke pankho ki udan ka vistar kitana vyapak hai batane ke sath hi apane bhavishya ko bhi sahi disha dikha rahe hain.prakiti aur usake upadan -varsha,hari ghas ,phool, titali ,peD unaki hilati- Dulati shakhaon mein sadhi hui sabd -tuulika se rang bharate va ma aur itani choti si umr mein beti ke ruup mein nari shakti ka bodh saral- sahaj dhang se karate ye bal haikukar apane inhin bhavon ke sath age badhen yahi kamana hai.kamla ji va sampadak dvya ko post sajha karane hetu badhai.
    pushpa mehra.

  16. इन प्यारे बच्चों के शब्द संयोजन, कल्पना, और भावों को हाइकु जैसी गागर में सागर भरने जैसी रचनात्म्कता की कुशलता को देख कर सुखद अनुभूति हुई | सादी – सहज भाषा में गूंथे हुए यह भावप्रबल हाइकु बच्चों की मानसिक और बौद्धिक परिपक्वता को चरितार्थ करते हैं | सर्वप्रथम आदरणीया कमला जी को बधाई और साधुवाद इस प्रेरणात्मक कार्य के लिए | साथ ही सभी बच्चों को ढेर सा प्यार और आशीर्वाद |

  17. Aaj in nanhen kalmkaron ke haiku padhkar man nishint hua ki aane vale kal men haiku ki bagdor suljhe hathon men hogi, man khushi se jhoom utha itne gahan soch vichar bimb vidhan jab ye is umr men kar sakte hain to bade hokar to nishchint hi bada sahity rachenge meri hardik shubhkamnayen in bchho ke sang or inko aage badhne ka avsar bhi jarur diya jaye ye prarthana hai…

  18. वाह !!!!!! अद्भुत ……। कमाल कर दिया है इन बच्चों ने। बड़ों से भी कहीं बेहतर हाइकुओं की रचना की गई है। आज कुछ अलग हट कर पढ़ने को मिला …। बहुत सुन्दर … सभी बच्चों को ढेरों आशीष . …. कमला ये बहुत ही सराहनीय प्रयास है आपका … बधाई आपको।

  19. सभी नन्हे कलमकारों को इस नयी शुरुआत के लिए ढेरों बधाई और साथ ही उनकी मार्गदर्शक व प्रेरणा स्रोत डॉ कमला निखुर्पा जी को भी इस प्रयास के लिए साधुवाद और बधाई
    सभी हाइकू एक से बढ़कर एक है……. पढ़कर अभिभूत हूँ।
    हरदीप जी और काम्बोज भाई साहब आपका आभार अपने हमें यह रसास्वादन कराया।

  20. सर्वप्रथम कमला जी के इस सराहनीय कदम के लिए हार्दिक बधाई! कोमल मना बालकों ने सरल भाषा में जिस तरह से गहनता भरे सुन्दर विचारों को उकेरा है सच में तारीफ के योग्य हैं। एक से बढ़ कर एक हाइकु पढ़ कर बेहद खुशी हुई। आप सभी बच्चों को ढेरों आशिर्वाद और दुआ करती हूँ आपकी कलम सदा यूँही सुन्दर सृजन करती रहे। हरदीप जी तथा भाई काम्बोज जी का इस पोस्ट को साँझा करने के लिए आभार।

  21. वह बहुत ही बढ़िया ,नन्हे मुन्नों ने क्या खूब लिखा.इन सब को सपना दीदी का ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं

  22. नन्ही कलम/ परिपक्व लेखन/ बढे लता सी
    सभी बच्चों ने मन मोह लिया….मेरी ऒर से ढेर सारी शुभकामनायें बच्चों को एवं कमला जी के सार्थक प्रयास को….हमसे साझा करने के लिए हिन्दी हाइकु का आभार।
    हाइकु में जैमिनी की चिन्ता मन को भा गई।

  23. बहुत सुंदर प्रयास!!! सभी बाल रचनाकारों कोे बधाई!!! श्री मती कमला निखुर्पा जी को साधुवाद!!! बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। हाइकु जैसी विधा बच्चों की कल्पना शक्ति को प्रखर बनाने के लिए सर्वथा उपयुक्त है।
    – डॉ. कुँवर दिनेश
    शिमला

  24. शब्द ही नहीं मिल रहे क्या कहूँ ? पर कहे बगैर कैसे रहूँ ? वाह – वाह- वाह —सच बहुत सुंदर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लिखी हुई बच्चों के ये शानदार हाइकु अभिभूत कर गए !रचना पढ़ कर तो मैंने दांतों तले उंगली दबा ली ! क्या बात है बहुत सुन्दर सहज शब्दों में बच्चों ने सृजनात्मक आयाम छूए हैं …कमला जी को बहुत बहुत बधाई ! बच्चों को दिल से आशीर्वाद देती हूँ !बहुत सराहनीय प्रयास किया है कमला जी ने इन बच्चों को साहित्य से जोड़ने का !
    इन नन्हें कलमकारों के हाइकु हमसे साझा करने के लिए मैं स्नेही भाई कंबोज जी व स्नेही बहन डॉ हरदीप संधु जी के प्रति आभार प्रकट करती हूँ ! शुभकामनाओं के साथ एक बार सभी को फिर से बधाई !

  25. प्रतिभाशाली बच्चों को उनके सराहनीय प्रयास के लिए बधाई और शुभकामनायें!

  26. आदरणीय मैडम को बधाई की आपने बच्चों को हाइकु लिखने के लिए प्रेरित किया।सभी नन्हे रचनाकारों को हार्दिक बधाई।आप सब की कल्पनाशीलता को नमन।

  27. नन्हे कलमकारों के अद्भुत हाइकु पढ़ कर अभिभूत हूँ . बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति , भारत के प्रति , गंगा के प्रति भाव ये दर्शाते हैं कि ये नन्हे बच्चे देश और समाज की समस्याओं के प्रति जागरूक हैं . कमला जी को हार्दिक बधाई . उनके सराहनीय प्रयास से बाल जगत के नन्हे रचनाकार जन्म ले रहे हैं .

  28. वाह अदबुध बहुत सुन्दर हाइकु लिखें है बच्चों से , सभी हाइकु एक से बढ़कर एक है , नन्ही कलम ने परिपक्व लेखन किया है, कोमल पंखुरियाँ इसी तरह अपनी महक बिखेरती रहें , सभी बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद। इसी तरह प्रयास करतें रहें

  29. Kamla jee ke maharathiyon ne to kamal kar diya, badhaiyan

  30. आदरणीय भाई रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जी, एवं डा० हरदीप संधु जी ने नन्हे हाइकु कलाकारों की रचनाएं प्रकाशित कर हमें भविष्य में उभरते कला करों से मिला कर बड़ा शुभ कार्य किया है। सबसे अधिक वधाई की हकदार तो प्राचार्या कमला निखुर्पा जी हैं जिन के सफल प्रयास से नन्हे कला करों से मिलना हुआ। सब को वधाई।

    नन्हे हाइकुकारों की सोच, उनकी कल्पना उन जैसी नन्ही नहीं बल्कि व्यापक है।कहीं उन्हें प्रदूषित जल नज़र आ रहा है ,तो कहीं वे प्रकृति के अनुपम रूप पर मुग्ध हैं … रंग ही रंग /तितलिओं ने खेले /फूलों के संग। कही अंध श्रद्धा उनको चिन्ताकुल कर रही है। माँ की शिक्षा वे वखूबी समझते हैं। वे हमारे भले का ही सोचती हैं। दूसरी और प्रकृति का रूप उन्हें बच्चों की तरह नजर आता है फूलों की सुगंध उन्हें ताज़गी देने वाला साधन नजर आती हैं। बेटी के बारे उन की सोच बड़ों को राह दिखने वाली नजर आती है। बहुत खूब प्यारे बच्चों! इसी तरह अपने विचारों को लिपिवद्ध
    करते रहना। जैसे जैसे तुम लिखते जाओगे नई नई कल्पनायें नए नए विचार तुम्हारे स्वागत को खड़े मिलेंगे। लिखना रुकना नही चाहिए। हम बड़ों का आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगा ।बहुत बहुत वधायी सब को। अपने अच्छे कार्यों से माँ बाप का नाम रौशन करना।

    कमला घटाऔरा

  31. सुन्दर प्रयास के लिए बधाई


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