Posted by: हरदीप कौर संधु | अप्रैल 25, 2015

पगलाई पवन


1-गुंजन अग्रवाल

गुंजन -raat hatheli (1) गुंजन -raat hatheli (3) गुंजन -raat hatheli (4)

1

प्यासा पादप

ताके अंतिम क्षण

बरसो मेघ ।

2

खिला सुमन

गाल चूमती हवा

हँसे किरण ।

3

विभा शर्माई

धूप ने जो अपनी

छटा फैलाई ।

4

हवा-हिंडोले

प्रेम-प्रीत का राग

सुनाते फिरे ।

5

रोये बदरा

पगलाई पवन

भीगती धरा ।

6

अमृत वर्षा

सहेजती  वसुधा

पूनम निशा ।

-0-

2-सौरभ चतुर्वेदी

1

मुखरित है

मन का सूनापन

जीवन भर

2

नाचतीगाती

समुद्र की लहरें

मन हर्षाती

3

जीवित आस

लाती है रोज़ पास

नए मुक़ाम

4

बहती नदी

बह गए विचार

बहे हम !

5

ज़र्रेज़र्रे पे

तेरा अक्स है ख़ुदा

नाम है लिखा

6

शैल से ऊँची

सागर से गहरी

प्रेमानुभूति !

7

तोड़े टूटें

जुड़ते चले जाएँ

नेह के सूत्र

8

आसान नहीं

मोहजाल से मुक्ति

सुझाओ युक्ति

9

नए सिरे से

टूटतीबिखरती

शब्दों की लड़ी

10

काले मेघों सी

घनीभूत भावना

स्वतः बरसी |

-0-


Responses

  1. Haiga, haiku dono hi lajavab hain badhi bahut bahut…

  2. gunjan ji ke haiga aur surabh chaturvedi ke haiku bahutsunder hain. badhai.
    pushpa mehra.

  3. सभी हाइगा / हाइकु बेहतरीन हैं; बहुत अच्छे लगे । गुंजन अग्रवाल जी और सौरभ चतुर्वेदी जी को बधाई और शुभकामनाएं !

  4. बहुत सुन्दर अर्थपूर्ण हाइकु/ हाइगा…गुंजन अग्रवाल जी तथा सौरभ चतुर्वेदी जी को बधाई!

  5. बहुत सुन्दर ,सार्थक हाइगा एवं हाइकु !
    हार्दिक बधाई गुंजन जी , सौरभ चतुर्वेदी जी !!

  6. अतिसुन्दर हाइगा एवं सभी हाइकु !
    गुंजन जी…सबसे पहला हाइगा बहुत अच्छा लगा।
    सौरभ जी का हाइकु-
    ‘तोड़े न टूटें
    जुड़ते चले जाएँ
    नेह के सूत्र ।’ -बहुत अच्छा लगा !

    आप दोनों को हार्दिक बधाई !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. गुंजन अग्रवाल और सौरभ चतुर्वेदीजी आप दोनों के ही हाइकु बहुत उम्दा हैं .गुंजन जी के हाइकुओं में मानव भावनाओं को प्रकट करने के लिए प्रकृति का रचनात्मक उपयोग बहुत अच्छा है. दोनों को बधाई और शुभ कामनाएं. -सुरेन्द्र वर्मा.

  8. बहुत सुन्दर हाइकु, गुंजन अग्रवाल जी | हार्दिक बधाई …

  9. आप सभी प्रशंसकों का आभारी हूँ । बहुत-बहुत धन्यवाद ।

  10. ज़र्रे–ज़र्रे पे
    तेरा अक्स है ख़ुदा
    नाम है लिखा ।

    शैल से ऊँची
    सागर से गहरी–
    प्रेमानुभूति !

    खिला सुमन
    गाल चूमती हवा
    हँसे किरण ।

    विभा शर्माई
    धूप ने जो अपनी
    छटा फैलाई ।
    कमाल के हाइकु गुंजन जी और सौरभ जी आप दोनोें को हार्दिक बधाई।

  11. गुंजन जी एवं शौरभ जी को बधाइयाँ सुन्दर रचनाओं के लिए

    कविता भट्ट

  12. सभी सुन्दर हाइकु रचनाओं के लिए रचनाकारों को बधाई!

  13. बहुत सुन्दर रचनाएँ!
    गुंजन जी और सौरभ जी, अभिनन्दन!

  14. खिला सुमन
    गाल चूमती हवा
    हँसे किरण ।

    नए सिरे से
    टूटती–बिखरती
    शब्दों की लड़ी ।
    bahut sunder haiku
    badhai aapdono ko
    rachana

  15. गुंजन जी, रात हठीली /बैठी पाँव पसारे / भोर ने ठेली — बहुत मन भाया यह हाइगा |
    सौरभ जी,
    मुखरित है
    मन का सूनापन
    जीवन भर । सभी हाइकु सुन्दर लेकिन यह विशेष भाया | बधाई आपको |

  16. aap sabhi gunijno sundar pratikriya avam utsaahvardhan hetu tahe dil se aabhar ……many thnx 🙂

  17. मनमोहक हाइगा और सुन्दर हाइकु के लिए आप दोनों को बहुत बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: