Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अप्रैल 24, 2015

धरती प्यासी


1- संगीता सेठी

sangeeta 941

रंग– रंगीली

दुनिया यह कैसी

संग ना चले ।

2

ये जो मन है

टूट जाता छन्न-से

जुड़ता नही।

3

धरती प्यासी

बदरिया ना फूटे

तरसे मन

4

धरती भीगी

आसमाँ झुका कुछ

दोनों महके ।

5

मैं तुझ से हूँ

तू मुझ बिन कैसे

जग ना चले ।

6

ये क्या छन्न

तपती धरती है

बूँद गिरी है।

-0-

 संगीता सेठी ,प्रशासनिक अधिकारी,भारतीय जीवन बीमा निगम अम्बिकापुर,छत्तीसगढ़

sangeeta.sethi@licindia.com

-0-

2-सुमन कपूर

1

धानी है धरा

पुलकित सुमन

खिला बसंत |

2

खिलते पुष्प

महका उपवन

हुआ सवेरा |

3

झरते पुष्प

मूर्छित हैं डालियाँ

सूनी शरद |

4

क्वाँरी कलियाँ

गुन-गुन भँवरा

खिला आँगन |

5

गम की आँधी

झर रहे सुमन

जीवन तरु |

suman.k.meet@gmail.com

-0-

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Responses

  1. ये क्या छन्न
    तपती धरती है
    बूँद गिरी है।atti uttam sangeeta ji svagat hai
    badhai
    rachana

  2. गम की आँधी
    झर रहे सुमन
    जीवन तरु |
    sunder upma
    badhai
    rachana

  3. सभी हाइकु सुंदर !
    बहुत बहुत बधाई सखी संगीता …हाइकु परिवार में स्वागत !
    सुमन जी आपको भी बधाई !

  4. Haiku ka ambar,parte barbar,man ka vo gubar,dabate bar bar,jane kab banega,shabdo ka vo haar

  5. Achha likha bahut bahut badhai…

  6. सभी हाइकु सुंदर !

  7. sabhi haiku pyare lage ….badhai.

  8. सभी हाइकु बहुत ही सुंदर, मनमोहक।
    संगीता सेठी जी व सुमन कपूर जी… आप दोनों को हार्दिक बधाई!

    संगीता सेठी जी , इतने प्यारे हाइकु से आपने हम सबके ‘हाइकु परिवार’ में पदार्पण किया है, मन प्रसन्न हो गया ! इस परिवार में आपका हृदय से स्वागत है।

    ~सादर
    अनिता ललित

  9. कैनेडा से आदरणीय श्याम त्रिपाठी , प्रधान सम्पादक( हिन्दी चेतना तैमासिक )की टिप्पणी -रचनाएं छोटी हैं लेकिन हृदय को स्पर्श करने वाली हैं | कहाँ से ले आते ये भाव , जिनमें भरा हुआ है जीवन का बहाव || कैनेडा में बैठकर लेता हूँ स्वरों का आनन्द , कैसा अद्भुत है कम्पूटर का यह सम्बन्ध || काश ! मैं भी इस नाव पर चढ़ पाऊँ , इसी सरिता में एक दिन बह जाऊं |

    श्याम त्रिपाठी

    2015-04-23 13:10 GMT-04:00 SHABDONKAUJALA

  10. सभी हाइकु बहुत बेहतरीन हैं। संगीता सेठी जी व सुमन कपूर जी को बधाई और शुभकामनाएं !

  11. संगीता जी एवं सुमन जी को सुन्दर रचनाओं के लिए बधाइयाँ आशा है भविष्य में भी यात्रा अनवरत चलती रहेगी
    कविता भट्ट

  12. सभी हाइकु अनुपम | आप दोनों का स्वागत है हमारे हाइकु परिवार में |

    शशि पाधा

  13. सुन्दर ,मोहक प्रस्तुति !
    ये क्या छन्न
    तपती धरती है
    बूँद गिरी है।…

    गम की आँधी
    झर रहे सुमन
    जीवन तरु |..बहुत सुन्दर हाइकु !

    संगीता सेठी जी एवं सुमन कपूर जी को हार्दिक बधाई !

  14. संगीता सेठी जी व सुमन कपूर जी के एक से एक सुंदर हाइकु पढ़े ।आप दोनों को बहुत बधाई ।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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